US-Iran Peace Deal: दोनों देशों ने MoU पर किए हस्ताक्षर, होर्मुज-परमाणु संग किन 14 मुद्दों पर बनी बात?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर किए हैं. समझौते के तहत ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा, जबकि अमेरिका नाकेबंदी हटाएगा और होर्मुज स्ट्रेट को 60 दिनों के लिए टोल-फ्री ट्रांजिट के लिए खोला जाएगा.

USA Iran ceasefire Image Credit: Canva/ Money9

पश्चिम एशिया में महीनों से जारी भीषण तनाव के बीच अब बड़ी राहत भरी खबर आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने दोनों देशों और इजरायल के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) किया है. दोनों नेताओं ने इस समझौते पर इलेक्ट्रॉनिकली साइन किया है और यह डील लागू हो गई है.

अल जजीरा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस समझौते के तहत ईरान अब परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और न ही खरीदेगा. साथ ही सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म किया जाएगा और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोल दिया जाएगा.

ईरान की पुष्टि का इंतजार

इस ऐतिहासिक समझौते को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक न तो अमेरिका और न ही ईरान ने इस दस्तावेज की कोई फिजिकल कॉपी आधिकारिक रूप से जारी की है. इसके अलावा, ईरान सरकार की तरफ से अभी तक अमेरिका द्वारा बताए गए इस मसौदे की पुष्टि नहीं की गई है.

रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि इस शुरुआती समझौते पर दोनों देशों ने डिजिटल तरीके से दस्तखत किए हैं और शुक्रवार को होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर से पहले दोनों पक्षों के पास इस डील से पीछे हटने का विकल्प खुला है.

60 दिनों की बातचीत और $300 बिलियन का प्लान

इस शुरुआती समझौते के लागू होने के साथ ही दोनों देशों के बीच 60 दिनों की गहन बातचीत का दौर शुरू होगा. अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इस दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य के प्रबंधन, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने, ईरान की फ्रीज संपत्तियों को वापस करने और ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर ($300bn) के अमेरिकी-समर्थित प्लान पर अंतिम मुहर लगेगी. इसके साथ ही अमेरिका तुरंत ईरान के जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) उद्योग को प्रतिबंधों से अस्थायी छूट देगा.

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किन 14 मुद्दों पर हुई बात?

अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच जिन 14 प्रमुख बिंदुओं (Points) पर सहमति बनी है, वे इस प्रकार हैं:

  1. सैन्य अभियानों पर तुरंत रोक: लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयां तुरंत और स्थायी रूप से बंद होंगी. कोई भी पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ बल प्रयोग या युद्ध की शुरुआत नहीं करेगा.
  2. संप्रभुता का सम्मान: अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करेंगे और आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे.
  3. 60 दिनों की समयसीमा: दोनों पक्ष अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते को हासिल करने के लिए बातचीत करेंगे, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है.
  4. अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म करना: अमेरिका तुरंत अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना शुरू करेगा और 30 दिनों में इसे पूरी तरह खत्म कर देगा. अंतिम समझौते के 30 दिनों के भीतर अमेरिका इस क्षेत्र से अपनी सेनाएं भी पीछे हटाएगा.
  5. होर्मुज स्ट्रेट को खोलना: ईरान अगले 60 दिनों तक फारस की खाड़ी से ओमान की खाड़ी के बीच वाणिज्यिक जहाजों को बिना किसी शुल्क के सुरक्षित रास्ता देगा. साथ ही ओमान व अन्य खाड़ी देशों के साथ मिलकर इसके भविष्य के प्रबंधन पर चर्चा करेगा.
  6. $300 अरब का पुनर्निर्माण फंड: अमेरिका अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ईरान के आर्थिक विकास और पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना तैयार करेगा.
  7. सभी प्रतिबंधों की समाप्ति: अंतिम समझौते के तहत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), आईएईए (IAEA) और अमेरिका के सभी एकतरफा प्राथमिक व माध्यमिक प्रतिबंधों को तय शेड्यूल के अनुसार खत्म किया जाएगा.
  8. परमाणु हथियार न बनाने का संकल्प: ईरान ने दोहराया है कि वह परमाणु हथियार विकसित या हासिल नहीं करेगा. आईएईए (IAEA) की निगरानी में संवर्धित सामग्री (Enriched Material) के निस्तारण पर दोनों देश मिलकर काम करेंगे.
  9. यथास्थिति बनाए रखना: अंतिम समझौते तक दोनों देश मौजूदा स्थिति बनाए रखेंगे. ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को मौजूदा स्तर पर रोकेगा और अमेरिका कोई नया प्रतिबंध या अतिरिक्त सेना तैनात नहीं करेगा.
  10. कच्चे तेल के निर्यात को छूट: समझौता होते ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ईरान के कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात और उससे जुड़े बैंकिंग व ट्रांसपोर्टेशन लेनदेन के लिए तुरंत छूट जारी करेगा.
  11. जब्त संपत्ति की वापसी: अमेरिका ईरान के फ्रीज किए गए फंड और संपत्तियों को पूरी तरह उपलब्ध कराएगा. ईरान का सेंट्रल बैंक इस पैसे का इस्तेमाल अपने तय लाभार्थियों को भुगतान करने के लिए कर सकेगा.
  12. निगरानी तंत्र की स्थापना: इस समझौते के सफल ऑपरेशन और भविष्य में अंतिम समझौते के पालन की निगरानी के लिए एक कार्यकारी तंत्र (Executive Mechanism) बनाया जाएगा.
  13. अगले चरण की बातचीत: कुछ बुनियादी शर्तों (जैसे नाकेबंदी हटाना, तेल निर्यात को छूट और फंड की वापसी) के लागू होने के साथ ही दोनों देश बाकी बचे अन्य बिंदुओं पर विशेष रूप से बातचीत शुरू करेंगे.
  14. UNSC की कानूनी मुहर: इस अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के एक बाध्यकारी प्रस्ताव के जरिए मंजूरी दी जाएगी, जिससे यह कानूनी रूप से पक्का हो सके.