अमेरिका-ईरान समझौते के बीच बढ़ी तल्खी! तेहरान ने दी US और इजरायल को ‘करारे जवाब’ की चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौते से पहले तनाव चरम पर है. ईरान ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी, जबकि तेल बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई. तनाव के बावजूद दोनों देशों के अधिकारी स्विट्जरलैंड में शुक्रवार से स्थायी शांति के लिए 60 दिनों की मैराथन वार्ता शुरू करेंगे.

यूएस-ईरान-इजरायल Image Credit: @Tv9

US Iran Deal: दुनिया को बड़ी जंग की आग से बचाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच जिस ऐतिहासिक समझौते की बिसात बिछाई जा रही है, उसकी नींव पर अभी से खतरे के बादल मंडराने लगे हैं. ईरान ने दो टूक शब्दों में अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर शुक्रवार को होने वाले अंतरिम समझौते (MOU) की एक भी शर्त का उल्लंघन हुआ, तो इसका ‘करारा जवाब’ दिया जाएगा. इतना ही नहीं, ईरान की सेना ने लेबनान में जारी हमलों को लेकर इजरायल को भी सीधे युद्ध की धमकी दे डाली है. तल्खी के इस माहौल के बीच, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में दोनों देशों के बीच औपचारिक हस्ताक्षर होने जा रहे हैं.

‘ईरान की शर्तों पर झुका अमेरिका’

ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी रुख पर तंज कसा है. उन्होंने कहा, “ईरान के कड़े रुख ने अमेरिका को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया. आखिरकार वॉशिंगटन को ईरान की शर्तों पर बातचीत की मेज पर आना ही पड़ा.” अजीजी ने साफ किया कि अब वाशिंगटन को लेबनान के खिलाफ युद्ध रोककर और समझौते की हर शर्तों का पालन करके अपनी प्रतिबद्धता साबित करनी होगी. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ एकतरफा फैसले थोपने का दौर अब खत्म हो चुका है.

इजरायल पर भड़की ईरानी सेना

एक तरफ कूटनीतिक मेज सजी है, तो दूसरी तरफ मोर्चे पर बारूद बरस रहा है. ईरान की सेना ने इजरायल पर अमेरिका-ईरान समझौते की घोषणा के बाद से अब तक 84 बार सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान ‘खातम अल-अंबिया’ ने कहा कि अगर इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में मासूमों का कत्लेआम और आक्रामकता नहीं रोकी, तो वह ईरानी सशस्त्र बलों के भीषण पलटवार के लिए तैयार रहे.

हाल ही में दक्षिणी लेबनान के मेफादौन और शुकैन इलाके में इजरायली हवाई हमलों में चार लोग मारे गए हैं, जिससे ईरान बेहद गुस्से में है.

शुक्रवार से शुरू होगी वार्ता

तनाव के बावजूद दोनों देशों के अधिकारी स्विट्जरलैंड में शुक्रवार से स्थायी शांति के लिए 60 दिनों की मैराथन वार्ता शुरू करेंगे. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि इस अंतिम समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने जैसे बड़े मुद्दों पर अंतिम फैसला होगा.

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालीबाफ पहले ही डिजिटल हस्ताक्षर कर चुके हैं. शुक्रवार को होने वाले मुख्य समारोह में जेडी वेंस और गालीबाफ आमने-सामने मौजूद रहेंगे, जिसमें ट्रंप के भी शामिल होने की संभावना है.

तेल बाजारों को मिली बड़ी राहत

इस कूटनीतिक प्रगति का सीधा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर दिखा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से ईरानी नाकेबंदी शुक्रवार तक पूरी तरह हटा ली जाएगी. ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है. ब्रेंट क्रूड तीन महीने के निचले स्तर 79 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि डब्ल्यूटीआई (WTI) भी करीब 6 फीसदी टूटकर 76 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बंद हुआ.

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हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने पुराना अनुभव याद दिलाते हुए सचेत किया कि अतीत में समझौतों को फाड़ने और वादे तोड़ने का इतिहास रहा है, इसलिए ईरान पूरी सतर्कता बरत रहा है. यूरेनियम संवर्धन और प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने जैसे पेचीदा मुद्दों पर अभी भी दोनों देशों के बीच गहरी खाई पाटना बाकी है.