गिरावट के बाद संभला बुलियन बाजार! ₹2220 उछले सिल्वर के दाम, सोना भी एक फीसदी भागा
लगातार तीन हफ्तों की गिरावट के बाद सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की रिकवरी देखने को मिली. घरेलू बाजार में सोना ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी में करीब 1% की तेजी आई है.

Gold and Silver 22 June Price: लगातार तीन हफ्तों की भारी बिकवाली और दबाव झेलने के बाद, सोमवार को घरेलू और वैश्विक सर्राफा बाजारों में हल्की रिकवरी देखने को मिली है. इस महीने सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद निचले स्तरों पर आई खरीदारी की वजह से आज कीमतों को थोड़ा सहारा मिला. आइए जानते हैं कि आज बाजार किस करवट बैठा है और इस उतार-चढ़ाव के पीछे असली वजहें क्या हैं.
घरेलू बाजार का ताजा हाल
भारतीय बाजारों में आज सुबह सोने और चांदी दोनों में ही हल्की बढ़त दर्ज की गई:
- सोना: भारतीय बाजार में सोना 180 रुपये की मामूली बढ़त के साथ 1,47,730 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रहा है. MCX फ्यूचर्स पर 5 अगस्त 2026 की एक्सपायरी वाला सोना 1,47,439 रुपये के आसपास देखा गया.
- चांदी: चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा चमक दिखी. यह 2,220 रुपये की छलांग लगाकर 2,36,070 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. वहीं एमसीएक्स में चांदी की कीमतों में 1629 रुपये की तेजी दिखी और दाम 23,4814 रुपये पहुंच गए.
ग्लोबल मार्केट का रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी आज सुबह सुस्ती टूटी और दोनों कीमती धातुओं में हरा निशान देखने को मिला:
- स्पॉट गोल्ड: $16.21 की तेजी के साथ $4,171.89 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है.
- स्पॉट सिल्वर: 1 फीसदी की बढ़त लेकर $65.49 प्रति औंस पर बनी हुई है.
क्यों आई बाजार में यह हलचल?
विशेषज्ञों और मार्केट रिसर्च के अनुसार, जून के महीने में सोने-चांदी के टूटने और आज हल्की रिकवरी के पीछे ये मुख्य कारण हैं:
- अमेरिकी फेड रिजर्व का सख्त रुख:
हाल ही में अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की बैठक में ब्याज दरों को ऊंचा रखने और आने वाले समय में एक और बढ़ोतरी के संकेत दिए गए हैं. जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक सोने जैसी बिना ब्याज वाली सुरक्षित संपत्तियों से पैसा निकालकर बॉन्ड और बैंक डिपॉजिट में लगाने लगते हैं. इसी डर से पिछले दिनों सोने में भारी गिरावट आई थी, लेकिन आज निचले स्तर पर आकर निवेशकों ने दोबारा थोड़ी खरीदारी शुरू की है.
- मजबूत डॉलर और बॉन्ड यील्ड:
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत होकर 100 के पार निकल गया है. डॉलर के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं (जैसे रुपये) वाले खरीदारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है. हालांकि, आज कीमतों के एक बड़े सपोर्ट लेवल के पास पहुंचने से बाजार में ‘बार्गेन बाइंग’ (कम दाम पर खरीदारी) देखने को मिल रही है.
- जियोपॉलिटिकल तनाव में थोड़ी नरमी:
पश्चिम एशिया में जारी तनाव में पिछले कुछ दिनों में जो थोड़ी नरमी की खबरें आईं, उसकी वजह से निवेशकों का डर कम हुआ और उन्होंने सोने से पैसा निकालकर शेयर बाजार में लगाना शुरू कर दिया था. इसी ‘प्रॉफिट बुकिंग’ के कारण सोना अपने ऑल-टाइम हाई से नीचे आ गया.
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आगे क्या करें निवेशक?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे महीने में आई करीब 4 से 6 फीसदी तक की गिरावट के बाद यह सुधार एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. जो लोग सोने-चांदी में लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए कीमतों का यह निचला स्तर एंट्री करने का एक अच्छा मौका हो सकता है, क्योंकि केंद्रीय बैंकों की तरफ से सोने की खरीदारी अब भी मजबूत बनी हुई है.