सोमवार को कैसा रहेगा शेयर बाजार? गिरावट के बाद अब रिकवरी या जारी रहेगा दबाव; जानें एक्सपर्ट राय
शुक्रवार को आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद हुए. अब निवेशकों की नजर सोमवार के कारोबार पर है. क्या बाजार फिर से तेजी पकड़ेगा या गिरावट बढ़ेगी? जानिए एक्सपर्ट्स की राय और उन 5 बड़े ट्रिगर्स के बारे में, जो सोमवार को बाजार की दिशा तय कर सकते हैं.
Nifty Outlook 22 June: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता उतार-चढ़ाव से भरा रहा. लगातार 5 दिनों की तेजी पर शुक्रवार (19 जून) को अचानक ब्रेक लग गया और बाजार लाल निशान में बंद हुआ. आईटी शेयरों में भारी गिरावट, कमजोर ग्लोबल संकेत और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने घरेलू बाजार का मूड बिगाड़ दिया. ऐसे में अब हर निवेशक के मन में यही सवाल है कि सोमवार (22 जून) को जब बाजार खुलेगा, तो उसकी चाल कैसी होगी? क्या बाजार फिर से रफ्तार पकड़ेगा या गिरावट और गहरी होगी? आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स का क्या कहना है.
पिछले कारोबारी दिन क्या हुआ?
शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में ही बड़ी गिरावट देखने को मिली. Accenture द्वारा अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को घटाने के बाद आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई. निफ्टी 154 अंक गिरकर बंद हुआ. हालांकि, बाजार की शुरुआत और भी खराब रही थी जब निफ्टी 177 अंकों के गैपडाउन के साथ खुला था, लेकिन आखिरी घंटों में निचले स्तरों से कुछ रिकवरी देखने को मिली.
सोमवार को क्या हैं बाजार के संकेत? एक्सपर्ट्स की राय
एचडीएफसी सिक्योरिटीज और जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के जानकारों के मुताबिक, शुक्रवार की गिरावट सिर्फ एक मामूली करेक्शन है और बाजार का लॉन्ग-टर्म ट्रेंड अभी भी मजबूत है.
नागराज शेट्टी (सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, HDFC Securities):
“शुक्रवार को आईटी सेक्टर के दबाव के कारण निफ्टी में गिरावट जरूर आई, लेकिन आखिरी समय में बाजार ने निचले स्तरों से रिकवरी के संकेत दिए. तकनीकी रूप से यह केवल एक मामूली गिरावट (Downward Correction) है. इससे बाजार के तेजी के ट्रेंड को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा. उम्मीद है कि सोमवार को निफ्टी निचले स्तरों से बाउंस बैक करेगा और 24,150 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करने की कोशिश करेगा. फिलहाल निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम करेगा.”
विनोद नायर (रिसर्च हेड, Geojit Investments):
“अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता रद्द होने की खबरों और आईटी सेक्टर के कमजोर आउटलुक से निवेशक थोड़े सतर्क हुए हैं. शॉर्ट टर्म में बाजार का रुख थोड़ा संभलकर चलने वाला हो सकता है. इसके बावजूद, कच्चे तेल की स्थिर कीमतों और वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही (H2FY27) में कंपनियों के बेहतर नतीजों की उम्मीद को देखते हुए, बाजार में हर गिरावट पर खरीदारी करना (Buy on Dips) एक समझदारी भरी रणनीति होगी.”
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सोमवार को इन 5 ट्रिगर्स पर रहेगी नजर
सोमवार को बाजार खुलने पर इन 5 बड़े फैक्टर्स का सीधा असर देखने को मिल सकता है:
- यूएस-ईरान शांति वार्ता: अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में होने वाली बातचीत पर नजर रहेगी. अगर तनाव कम होता है, तो बाजार को बड़ा बूस्ट मिलेगा.
- क्रूड ऑयल की कीमतें: ब्रेंट क्रूड फिलहाल 80 डॉलर के आसपास है. तेल की कीमतों में नरमी भारतीय बाजार के लिए अच्छी खबर है.
- FIIs की बिकवाली: विदेशी निवेशक लगातार पैसे निकाल रहे हैं. 2026 में अब तक FIIs 2.74 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच चुके हैं. सोमवार को देखना होगा कि यह बिकवाली रुकती है या नहीं.
- डॉलर के मुकाबले रुपया: रुपया फिलहाल 94.33 के स्तर पर बंद हुआ था. डॉलर इंडेक्स की चाल बाजार का मूड तय करेगी.
- सोने के दाम: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों के बाद सोने की कीमतों पर दबाव है, जिससे निवेशकों का फोकस इक्विटी मार्केट पर बढ़ सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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