सस्ता हुआ सोना-चांदी, ₹10500 तक टूटी कीमतें; लेकिन MCX पर सिल्वर ने दिखाई दमदार रिकवरी
कमजोर मांग और ग्लोबल दबाव के चलते सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. दिल्ली में सोना 1.43 लाख रुपये और चांदी 2.30 लाख रुपये के स्तर पर आ गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज हुई. जानें क्या है एक्सपर्ट्स की राय.
Gold Silver Price on 23-March-2026: कमजोर मांग और वैश्विक संकेतों के दबाव में सोमवार, 23 मार्च को सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली. राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना करीब 9,050 रुपये टूटकर 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी भी 10,500 रुपये लुढ़ककर 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. यह गिरावट पिछले कई सत्रों से जारी दबाव का ही विस्तार मानी जा रही है.
कहां पहुंची कीमत?
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना शुक्रवार, 20 मार्च के 1,52,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से गिरकर 1,43,600 रुपये पर बंद हुआ. वहीं चांदी भी पिछले सत्र के 2,40,500 रुपये प्रति किलो से फिसलकर 2,30,000 रुपये पर आ गई. यानी दोनों कीमती धातुओं में एक ही दिन में तेज गिरावट दर्ज की गई.
क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट केवल घरेलू कारणों से नहीं, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों का भी असर है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना चार महीने के निचले स्तर तक फिसल गया. HDFC सिक्योरिटीज के एनालिस्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेला है, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ गया है. इसके चलते केंद्रीय बैंकों के सख्त मौद्रिक रुख (हॉकीश पॉलिसी) अपनाने की संभावना मजबूत हुई है. ब्याज दरों के ऊंचे बने रहने या बढ़ने की आशंका से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में तेजी आई है और डॉलर भी मजबूत हुआ है. इन दोनों फैक्टर्स का सीधा नकारात्मक असर सोना-चांदी की कीमतों पर पड़ा है, क्योंकि मजबूत डॉलर के दौर में निवेशक आमतौर पर कीमती धातुओं से दूरी बनाते हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यही रुख देखने को मिला. स्पॉट गोल्ड करीब 5 फीसदी गिरकर 4,263 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया, जबकि चांदी में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. पिछले हफ्ते ही सोने में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जो पिछले चार दशकों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है.
आगे का रुख?
मिराए एसेट के विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती ब्याज दरों की उम्मीदों ने सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है. वहीं, वेंचुरा के कमोडिटी एक्सपर्ट के मुताबिक ईरान से जुड़े तेल संकट ने उन देशों की इनकम पर असर डाला है, जो सोने के बड़े खरीदार रहे हैं. इससे गोल्ड रिजर्व खरीदने की रफ्तार धीमी हुई है, जिससे डिमांड पर असर पड़ा. हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से तस्वीर पूरी तरह नेगेटिव नहीं मानी जा रही. विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक अपनी गोल्ड खरीद की रणनीति को पूरी तरह नहीं छोड़ेंगे. जैसे ही तेल बाजार स्थिर होगा और देशों की आय सुधरेगी, सोने की मांग फिर से मजबूत हो सकती है.
क्या है MCX का हाल?
मई डिलीवरी वाली चांदी की कीमतों में 10 फीसदी तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थ. लेकिन बाजार बंद होने के बाद तक माहौल बदल पूरी तरह से बदल गया. शाम तक चांदी कीमतों में दमदार रिकवरी देखी गई. दरअसल, ट्रंप ने ईरान के पावर प्लान्ट्स पर अटैक करने की बात को फिलहाल टाल दी है. इस खबर पर कीमती धातुओं की कीमत ने रिएक्ट किया. खबर लिखे जाने तक (शाम 8 बजे), चांदी की 0.85 फीसदी की तेजी के साथ 2,28,700 रुपये पर ट्रेड करता हुआ दर्ज किया गया. वहीं, बाजार बंद होने तक यह तकरीबन 20,000 रुपये तक की गिरावट पर ट्रेड कर रहा था.
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