Gold Price Today: लगातार दूसरे दिन सस्ता हुआ सोना, जानें- कितने रुपये में मिलेगा 10 ग्राम गोल्ड
Gold Price Today: जानकारों का कहना है कि वेस्ट एशिया में लंबे समय से चल रहे तनाव ने एनर्जी की ऊंची कीमतों और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे सोने के प्रति आकर्षण कम हुआ है. इस बीच, इंटरनेशनल मार्केट में भी बुलियन मार्केट का सेंटीमेंट दबाव में रहा.

Gold Price Today: गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई. वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण बुलियन मार्केट में निवेशकों का उत्साह कम रहा और सोने की कीमत 2,100 रुपये गिरकर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई. मार्केट के जानकारों के मुताबिक, 99.9 फीसदी प्योरिटी वाले सोने की कीमत बुधवार के 1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के क्लोजिंग लेवल से 2,100 रुपये घटकर 1,53,900 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) हो गई.
सोने के प्रति कम हुआ आकर्षण
जानकारों का कहना है कि वेस्ट एशिया में लंबे समय से चल रहे तनाव ने एनर्जी की ऊंची कीमतों और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे सोने के प्रति आकर्षण कम हुआ है.
क्यों आई सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट?
HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, ‘मौजूदा गिरावट मैक्रो और मार्केट से जुड़े कई कारणों से है, जिसमें महंगाई को लेकर लगातार चिंता, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों में बदलाव और अमेरिकी डॉलर व ट्रेजरी यील्ड की मजबूती शामिल है.’ उन्होंने कहा कि गोल्ड-बैक्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) से लगातार पैसा निकलने से कीमती मेटल्स के प्रति निवेशकों का उत्साह और कम हुआ है, जो कीमती धातुओं की मांग में कमी का संकेत है.
दबाव में मार्केट का सेंटीमेंट
इस बीच, इंटरनेशनल मार्केट में भी बुलियन मार्केट का सेंटीमेंट दबाव में रहा. गुरुवार को यूरोपियन सेंट्रल बैंक द्वारा मुख्य ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी के बाद स्पॉट गोल्ड 4,072.21 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा, जबकि चांदी की कीमत मामूली रूप से गिरकर 63.18 डॉलर प्रति औंस हो गई. इस कदम से ग्लोबल मॉनिटरी पॉलिसी के और सख्त होने की उम्मीदें मजबूत हुईं.
अमेरिकी फेडरल रिजर्व पॉलिसी पर नजर
मिराए एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि निवेशक अगले हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा पॉलिसी को और सख्त किए जाने की संभावना को भी ध्यान में रख रहे हैं, और ब्याज दरों के ऊंचे रहने के अनुमान से कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव पड़ने की संभावना है.