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Nifty Outlook June 12: डेली चार्ट पर अपर शैडो के साथ बनी ग्रीन कैंडल, किस लेवल पर है सपोर्ट?

Nifty Outlook June 12: लगातार विदेशी फंड की निकासी, US में महंगाई में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर बुरा असर डाला. निफ्टी 53 अंक या 0.23% की गिरावट के साथ 23,162 पर बंद हुआ. शुक्रवार को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, आइए एक्सपर्ट्स से समझ लेते हैं.

निफ्टी आउटलुक 8 जुलाई. Image Credit: money9live

Nifty Outlook June 12: गुरुवार, 11 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स – सेंसेक्स और निफ्टी 50 – गिरावट के साथ बंद हुए. इससे उनकी लगातार दो दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया, क्योंकि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से युद्ध के जल्द समाधान की उम्मीदें कम हो गईं. लगातार विदेशी फंड की निकासी, US में महंगाई में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर बुरा असर डाला. निफ्टी 53 अंक या 0.23% की गिरावट के साथ 23,162 पर बंद हुआ. शुक्रवार को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, आइए एक्सपर्ट्स से समझ लेते हैं.

छोटी हरी कैंडल

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, नागराज शेट्टी ने आज के मार्केट परफॉर्मेंस पर अपनी राय दी है. उन्होंने कहा कि गुरुवार को मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रहा और निफ्टी 53 अंक गिरकर बंद हुआ. कमजोर शुरुआत के बाद, सेशन की शुरुआत से लेकर बीच तक मार्केट में अच्छी रिकवरी दिखी. लेकिन दोपहर में मार्केट अपनी बढ़त बनाए नहीं रख पाया और सेशन के बीच से लेकर आखिर तक कमजोरी दिखाई दी.

डेली चार्ट पर लंबी अपर शैडो (Upper Shadow) के साथ एक छोटी हरी कैंडल बनी, जो मार्केट में सुस्त चाल का संकेत देती है. हालांकि, निफ्टी 23100 के अहम सपोर्ट लेवल (8 अप्रैल का पिछला ओपनिंग अपसाइड गैप) के पास है, लेकिन अब तक यह ऊंचे स्तरों पर टिके रहने के लिए मजबूती नहीं जुटा पाया है. यह अच्छा संकेत नहीं है.

अहम सपोर्ट लेवल

निफ्टी का ट्रेंड कमजोर रुख के साथ उतार-चढ़ाव वाला बना हुआ है. जब तक मार्केट 23100-23000 के अहम सपोर्ट लेवल को बनाए रखता है, तब तक आने वाले सेशन में थोड़ी रिकवरी (बाउंस) की संभावना है. अगर यह सपोर्ट लेवल टूटता है, तो जल्द ही बड़ी गिरावट आ सकती है.

दूसरे हाफ में टूटा मोमेंटम

HDFC सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट, नंदीश शाह आज के मार्केट परफॉर्मेंस पर अपनी राय दी. शाह ने कहा कि निफ्टी में एक और बहुत उतार-चढ़ाव वाला सेशन देखा गया. कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण इंडेक्स 110 अंक नीचे खुला, लेकिन जल्द ही इसने अपनी चाल बदली और पहले हाफ में 250 अंक से अधिक की बढ़त हासिल की. ​​हालांकि, दूसरे हाफ में मोमेंटम कम हो गया और इंडेक्स अपने इंट्राडे हाई 23,327 से 230 अंक से अधिक गिर गया. आखिरकार निफ्टी 53 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 23,161 पर बंद हुआ. पिछले सेशन की तुलना में NSE कैश मार्केट टर्नओवर में भी 6 फीसदी की गिरावट आई.

निफ्टी में शामिल शेयरों में M&M, ICICI बैंक और कोटक बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे, जबकि इंफोसिस, HCL टेक और अडानी पोर्ट्स में सबसे अधिक गिरावट देखी गई. सेक्टर के हिसाब से रुझान नकारात्मक रहे, जिसमें IT, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और FMCG में सबसे अधिक गिरावट आई. सकारात्मक पक्ष पर, मीडिया, फार्मा और प्राइवेट बैंक हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे.

ब्रॉडर मार्केट कमजोर

ब्रॉडर मार्केट लगातार दूसरे सेशन में भी कमजोर प्रदर्शन करते रहे, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में क्रमशः 0.81% और 0.67% की गिरावट आई. मार्केट ब्रेड्थ कमजोर रही, जैसा कि BSE एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो से पता चलता है, जो और गिरकर 0.50 पर आ गया.

रुपये में गिरावट

दो सेशन की बढ़त के बाद, भारतीय रुपया 50 पैसे कमजोर हुआ. इस पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, फॉरवर्ड मैच्योरिटी के कारण डॉलर की नई मांग और सेफ-हेवन फ्लो के कारण डॉलर इंडेक्स में उछाल का दबाव था.

निफ्टी का सपोर्ट

निफ्टी को पिछले स्विंग लो 23,070 के पास सपोर्ट मिला और इसने रिकवरी की कोशिश की. यह प्राइस एक्शन डेली चार्ट पर डबल बॉटम पैटर्न बनने की संभावना का संकेत देता है, जो 23,070 के सपोर्ट लेवल के महत्व को उजागर करता है. किसी भी बड़ी बढ़त के लिए निफ्टी को 23,425 के स्विंग हाई रेजिस्टेंस को मजबूती से पार करना होगा. नीचे की तरफ, 23,070 के नीचे क्लोजिंग होने पर 22,700–22,800 के जोन की ओर और कमजोरी आ सकती है.

शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज

SAMCO सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट, धूपेश धमेजा ने कहा कि निफ्टी इंडेक्स का कंसोलिडेशन (उतार-चढ़ाव वाला) दौर जारी रहा और यह 53.35 अंक (-0.23%) गिरकर 23,161.60 पर बंद हुआ, जो खरीदारों और विक्रेताओं दोनों की तरफ से भरोसे की कमी को दिखाता है. ऊपर से देखने पर गिरावट मामूली लग सकती है, लेकिन तकनीकी रूप से स्थिति बिगड़ रही है क्योंकि इंडेक्स एक और सेशन में अपने 10-DEMA (जो 23,345 के पास है) के नीचे फंसा हुआ है. इस शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज को दोबारा हासिल न कर पाना ऊंचे स्तरों पर लगातार सप्लाई के दबाव को दिखाता है और संकेत देता है कि मार्केट में शामिल लोग हर उछाल का इस्तेमाल नई पोजीशन बनाने के बजाय अपनी लॉन्ग पोजीशन कम करने के लिए कर रहे हैं.

मेक-ऑर-ब्रेक

उन्होंने कहा कि टेक्निकल रूप से मार्केट एक ‘मेक-ऑर-ब्रेक’ (निर्णायक) जोन के करीब पहुंच रहा है. 23,150–23,100 का इलाका एक अहम लड़ाई का मैदान बन गया है जहां खरीदारों ने बार-बार कीमतों को बचाने की कोशिश की है. हालांकि, कई बार सपोर्ट टेस्ट होने के बावजूद कोई खास उछाल न आना खरीदारी की ताकत खत्म होने की ओर इशारा करता है, जिससे पता चलता है कि तेजी का मोमेंटम धीरे-धीरे कम हो रहा है. इंडेक्स ‘लोअर हाई’ बना रहा है और 10-DEMA के ऊपर किसी भी रिकवरी को बनाए रखने में नाकाम रहा है, जो कमजोर ट्रेंड स्ट्रक्चर का एक आम संकेत हैृ.

अगर इमीडिएट सपोर्ट जोन टूटता है, तो बिकवाली का नया दौर शुरू हो सकता है और गिरावट की रफ़्तार बढ़ सकती है. मोमेंटम इंडिकेटर RSI गिरकर 37.86 पर आ गया है, जो अपने मूविंग एवरेज और न्यूट्रल 50 के निशान, दोनों से नीचे है. यह मोमेंटम में लगातार कमजोरी को दिखाता है और संकेत देता है कि खरीदारों ने अभी तक मजबूती से कंट्रोल हासिल नहीं किया है. जब तक RSI पॉजिटिव डाइवर्जेंस बनाना शुरू नहीं करता या 45–50 के जोन को वापस हासिल नहीं करता, तब तक रैलियों पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है.

सावधानी बरतने के संकेत

डेरिवेटिव्स के नज़रिए से ऑप्शन मार्केट का माहौल अभी भी सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है. 23,100 और 23,000 स्ट्राइक पर काफी ‘पुट ओपन इंटरेस्ट’ जमा है, जो इमीडिएट सपोर्ट वाले इलाके को दिखाता है. ऊपर की तरफ, 23,300 और 23,500 स्ट्राइक पर काफी ‘कॉल ओपन इंटरेस्ट’ बना हुआ है, जो एक मजबूत सप्लाई जोन बनाता है और प्राइस चार्ट पर बार-बार दिख रही गिरावट (रिजेक्शन) को और पुख्ता करता है. PCR 0.92 पर है, जो एक संतुलित लेकिन सतर्क रुख दिखाता है, जबकि ट्रेडर्स रेजिस्टेंस लेवल के पास आक्रामक रूप से हेजिंग कर रहे हैं. इस बीच, India VIX 15.61 (-0.13%) पर लगभग स्थिर रहा, जिससे पता चलता है कि बाजार की नाजुक स्थिति के बावजूद उतार-चढ़ाव की उम्मीदें सीमित हैं.

शॉर्ट-कवरिंग

आने वाले सेशन के लिए, 23,100 शॉर्ट-टर्म ट्रेंड के लिए अहम लेवल बना हुआ है. जब तक इंडेक्स 10-DEMA के नीचे ट्रेड करता है और 23,350–23,400 के लेवल को वापस हासिल नहीं कर पाता, तब तक बाजार का ओवरऑल रुख कमजोर रहेगा. 23,100 के नीचे लगातार गिरावट से 22,900–22,800 की ओर और तेज गिरावट का रास्ता खुल सकता है. इसके विपरीत, केवल 23,350–23,400 के ऊपर निर्णायक क्लोजिंग ही मौजूदा मंदी के रुख को खत्म करेगी और 23,500–23,600 की ओर शॉर्ट-कवरिंग को बढ़ावा देगी. तब तक, बाजार में खरीदारों की सुस्ती, रेजिस्टेंस पर बार-बार रिजेक्शन और कमजोर होते प्राइस स्ट्रक्चर के संकेत दिखते रहेंगे.

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