बंद होने से 2 मिनट पहले 200 अंक क्यों भाग गया निफ्टी, ये है बड़ी वजह

क्लोजिंग बेल से ठीक पहले निफ्टी में दो मिनट के भीतर 200 अंकों की तेज छलांग देखने को मिली. विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी वजह नई क्लोजिंग ऑक्शन व्यवस्था, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक सकारात्मक संकेत रहे.

निफ्टी

Highlights

  • दो मिनट में निफ्टी 200 अंक उछला
  • नई क्लोजिंग ऑक्शन व्यवस्था का दिखा असर
  • विदेशी खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली

सोमवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने क्लोजिंग से ठीक पहले ऐसा नजारा दिखाया, जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. बाजार बंद होने से महज दो मिनट पहले निफ्टी 50 इंडेक्स में करीब 200 अंकों की तेज छलांग देखने को मिली. इस अचानक आई तेजी के बाद सोशल मीडिया से लेकर बाजार के गलियारों तक यह सवाल उठने लगा कि आखिर क्लोजिंग बेल से पहले ऐसा क्या हुआ कि निफ्टी इतनी तेजी से ऊपर पहुंच गया.

हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह किसी तकनीकी गड़बड़ी या असामान्य ट्रेडिंग का मामला नहीं था. इसके पीछे भारतीय शेयर बाजार में लागू हुई नई क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (Closing Auction Session) व्यवस्था का बड़ा योगदान रहा. इस नई व्यवस्था का असर पहले ही दिन बाजार की क्लोजिंग पर साफ दिखाई दिया.

क्या है नई क्लोजिंग ऑक्शन व्यवस्था?

भारतीय शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट के शेयरों के लिए नई क्लोजिंग ऑक्शन प्रणाली लागू की गई है. पहले निफ्टी और अन्य सूचकांकों का क्लोजिंग प्राइस आखिरी 30 मिनट के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) के आधार पर तय किया जाता था. अब क्लोजिंग प्राइस एक विशेष ऑक्शन प्रक्रिया के जरिए निर्धारित होगा.

नई व्यवस्था का उद्देश्य बाजार की क्लोजिंग को अधिक पारदर्शी बनाना और अंतिम समय में होने वाली कीमतों की गड़बड़ी को कम करना है. पहले ही दिन संस्थागत निवेशकों और बड़े ट्रेडर्स ने अपनी रणनीति के अनुसार क्लोजिंग ऑक्शन में बड़ी मात्रा में ऑर्डर लगाए, जिससे बाजार के अंतिम मिनटों में खरीदारी का दबाव बढ़ गया और निफ्टी में करीब 200 अंकों की तेजी दर्ज की गई.

इन कारणों से भी मिला बाजार को सहारा

विशेषज्ञों के मुताबिक, केवल नई क्लोजिंग व्यवस्था ही इस तेजी की वजह नहीं थी. वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार खरीदारी और कई बड़ी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया.

आईटी, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए. विदेशी निवेशकों की वापसी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई.

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

बाजार जानकारों का मानना है कि नई क्लोजिंग ऑक्शन व्यवस्था के शुरुआती दिनों में बाजार के अंतिम मिनटों में उतार-चढ़ाव सामान्य से अधिक रह सकता है. इसलिए निवेशकों को क्लोजिंग के समय अचानक होने वाली तेज चाल को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है. यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं और विदेशी निवेश का प्रवाह जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में मजबूती का रुख देखने को मिल सकता है. साथ ही, नई क्लोजिंग प्रणाली के साथ बाजार धीरे-धीरे सामंजस्य बिठाएगा और क्लोजिंग प्राइस तय करने की प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी.

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