ट्रेन और ट्रक से पटना, लखनऊ, वाराणसी तक प्याज पहुंचा रही सरकार, त्योहारों से पहले कीमत कंट्रोल करने की कोशिश
प्याज ले जाने वाली पहली 'कांदा एक्सप्रेस' नासिक से नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक ट्रक 10 से ज्यादा जगहों पर प्याज पहुंचाने वाले हैं. 2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख टन (LMT) होने का अनुमान है.

सरकार ने बुधवार को कहा कि आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की सप्लाई ठीक-ठाक रहेगी. मौसम के हिसाब से कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी को रोकने के लिए सरकार ने अपने बफर स्टॉक से प्याज जारी करना शुरू कर दिया है. प्याज ले जाने वाली पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ नासिक से नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक ट्रक 10 से ज्यादा जगहों पर प्याज पहुंचाने वाले हैं.
सरकार ने कहा कि प्याज पहुंचाने के लिए रेलवे रैक और सड़क परिवहन दोनों का इस्तेमाल करने वाले हाइब्रिड लॉजिस्टिक्स मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा.
प्याज उत्पादन का अनुमान
2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख टन (LMT) होने का अनुमान है, जो पिछले साल के 307.67 लाख टन के उत्पादन के लगभग बराबर है. सरकार को उम्मीद है कि अच्छे उत्पादन, बफर स्टॉक और बाजार में दखल से आने वाले महीनों में प्याज की पर्याप्त सप्लाई बनी रहेगी.
प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड
सरकार ने 2026-27 के लिए ‘प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड’ (PSF) के तहत रबी प्याज की 2 लाख टन (LMT) खरीद का लक्ष्य रखा था. NAFED और NCCF के जरिए 15 मई से खरीद शुरू हुई और अब तक लगभग 1.21 लाख टन प्याज खरीदा जा चुका है. पहली बार PSF प्याज बफर के लिए सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को स्टोरेज एजेंसी के तौर पर शामिल किया गया है.
सरकार ने क्यों उठाया ये कदम?
यह कदम त्योहारों और शादी-ब्याह के मौसम से ठीक पहले उठाया गया है, जब आम तौर पर प्याज की मांग बढ़ जाती है. NCCF और NAFED के आउटलेट्स और मोबाइल वैन के साथ-साथ दिल्ली में सफल (Safal) और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स के जरिए 35 रुपये प्रति किलो की दर से खुदरा बिक्री शुरू की गई है.
कांदा एक्सप्रेस
‘कांदा एक्सप्रेस’ पहल के तहत 2025-26 में 86 रेलवे रेक से 16 शहरों में लगभग 88,000 टन माल पहुंचाया गया, जबकि 2024-25 में 14 रेक से पांच शहरों में लगभग 12,000 टन माल भेजा गया था. नासिक से मौजूदा खेप दिल्ली-NCR भेजी जा रही है, साथ ही चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर में भी सप्लाई भेजी जा रही है.
उपभोक्ता मामलों का विभाग 579 केंद्रों पर 41 जरूरी चीजों की रोजाना कीमतों पर नजर रखता है. विभाग ने कहा कि आगे की सप्लाई बाजार की स्थितियों, आवक और मांग के हिसाब से तय की जाएगी. अप्रैल-जून 2026 के दौरान प्याज का निर्यात लगभग 3.82 LMT (लाख मीट्रिक टन) रहा, जिसमें मलेशिया, श्रीलंका, UAE और नेपाल मुख्य बाजार रहे.
प्याज की कीमत
26 अगस्त तक पूरे भारत में प्याज की औसत खुदरा कीमत 37.87 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि टमाटर की कीमत 38.33 रुपये और आलू की कीमत 22.63 रुपये प्रति किलोग्राम थी. सरकार ने कहा कि टमाटर, आलू और चना दाल की कीमतें एक साल पहले की तुलना में कम थीं.