फरवरी में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.21% पर, खाने-पीने की चीजें हुईं महंगी; सोना-चांदी की कीमतों ने भी बढ़ाया दबाव
फरवरी में भारत की खुदरा महंगाई बढ़कर 3.21% हो गई है, जो जनवरी में 2.74% थी. खाद्य महंगाई में बढ़ोतरी और सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं की तेज कीमतों ने CPI पर दबाव बढ़ाया है. हालांकि महंगाई अभी भी RBI के 4% लक्ष्य से नीचे है.
India retail inflation February: देश में महंगाई फिलहाल कई हद तक नियंत्रण में दिख रही है, लेकिन फरवरी के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि कीमतों में धीरे-धीरे दबाव फिर बढ़ सकता है. खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेजी और सोना-चांदी जैसे कीमती धातुओं के महंगे होने से महंगाई दर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.21% पर पहुंच गई, जो जनवरी में 2.74% थी. हालांकि यह अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के लक्ष्य से नीचे है.
फरवरी में बढ़ी खुदरा महंगाई
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई फरवरी में 3.21% रही. यह आंकड़ा संशोधित CPI सीरीज के तहत जारी किया गया है, जिसमें आधार वर्ष 2012 की जगह 2024 कर दिया गया है.
जनवरी में महंगाई दर 2.74% थी, ऐसे में फरवरी में इसमें हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों को लेकर अनिश्चितता आगे महंगाई को प्रभावित कर सकती है.
खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेजी
महंगाई के आंकड़ों में सबसे ज्यादा असर खाद्य वस्तुओं का होता है, क्योंकि CPI बास्केट में इनका वजन सबसे अधिक है. फरवरी में खाद्य महंगाई बढ़कर 3.47% हो गई, जो जनवरी में 2.13% थी. हालांकि कुछ जरूरी रसोई वस्तुओं की कीमतों में गिरावट भी देखने को मिली.
- लहसुन की महंगाई दर -31.09% रही
- प्याज की कीमतों में -28.20% की गिरावट
- आलू की कीमतों में -18.46% की कमी
हालांकि गिरावट के बावजूद इन वस्तुओं में पहले के मुकाबले कीमतों का दबाव कम हुआ है.
ग्रामीण और शहरी महंगाई
फरवरी में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में महंगाई दर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
- ग्रामीण महंगाई: 3.37% (जनवरी में 2.73%)
- शहरी महंगाई: 3.02% (जनवरी में 2.75%)
दोनों ही आंकड़े RBI के 4% के मध्यम अवधि लक्ष्य से नीचे बने हुए हैं. फरवरी में जिन वस्तुओं में सबसे ज्यादा महंगाई दर्ज हुई, उनमें कीमती धातुएं प्रमुख रहीं.
- चांदी के आभूषणों की महंगाई 160.84% रही
- सोना, हीरा और प्लेटिनम ज्वेलरी की कीमतें 48.16% बढ़ीं
RBI ने भी अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा था कि कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी महंगाई के अनुमान को प्रभावित कर रही है.
CPI की नई सीरीज लागू
फरवरी का आंकड़ा संशोधित CPI फ्रेमवर्क के तहत जारी हुआ है, जिसमें उपभोक्ता खर्च के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए नई बास्केट तैयार की गई है. नई CPI बास्केट की प्रमुख बातें:
- खाद्य और पेय पदार्थों का कुल वजन घटकर 36.75% हुआ
- आवास, पानी, बिजली और गैस का वजन बढ़कर 17.7%
- नई बास्केट में OTT सब्सक्रिप्शन, ग्रामीण आवास और डिजिटल स्टोरेज डिवाइस जैसे नए आइटम शामिल
- पुराने आइटम जैसे VCR और ऑडियो कैसेट हटाए गए
तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता
वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव भी महंगाई को प्रभावित कर सकते हैं. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. विशेषज्ञों के मुताबिक अगर तेल की सप्लाई प्रभावित होती है तो भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है.
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RBI का क्या अनुमान
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए CPI महंगाई 2.1% रहने का अनुमान जताया है.
RBI के अनुसार:
- FY27 की पहली तिमाही में महंगाई करीब 4%
- दूसरी तिमाही में लगभग 4.2% तक पहुंच सकती है
केंद्रीय बैंक का कहना है कि फिलहाल महंगाई का दबाव सीमित है, लेकिन कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी इसके अनुमान को थोड़ा ऊपर ले जा रही है.
