LPG संकट से देश के दो बड़े क्लाउड किचन बंद, 5000 में भी नहीं मिल रही गैस, सोशल मीडिया पर छलका दर्द
देश के कई शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी अब फूड इंडस्ट्री को प्रभावित करने लगी है. बेंगलुरु में क्लाउड किचन ब्रांड तड़का रानी और खड़क सिंह दा ढाबा ने गैस की सप्लाई रुकने के कारण अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं. इस बीच क्लाउड किचन मालिकों का दावा है कि ब्लैक मार्केट में महंगे सिलेंडर बिकने की खबरों ने संकट को और गंभीर बना दिया है.
भारत में इन दिनों एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई में आई रुकावट का असर अब आम घरों से निकलकर रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन तक पहुंच गया है. कई शहरों में होटल, ढाबे और क्लाउड किचन गैस की कमी के कारण अस्थायी रूप से बंद होने लगे हैं. देश के दो लोकप्रिय क्लाउड किचन, तड़का रानी और खड़क सिंह दा ढाबा…के मालिकों ने हाल ही में सोशल मीडिया पर घोषणा की कि उन्हें एलपीजी सिलेंडर की कमी के चलते अपनी सेवाएं बंद करनी पड़ रही हैं. यह घटना सिर्फ दो कारोबारों की परेशानी नहीं बल्कि देश में बढ़ते गैस संकट की झलक भी दिखाती है.
दरअसल, वेस्ट एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण एलपीजी की वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है, जहां कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बाधित हो गई है और रेस्टोरेंट कारोबार संकट में है.
बेंगलुरु में बंद हुआ ‘खड़क सिंह दा ढाबा’ का किचन
बेंगलुरु में तेजी से लोकप्रिय हो रहे क्लाउड किचन खड़क सिंह दा ढाबा के संस्थापक कंवलजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि गैस की कमी के कारण उन्हें फिलहाल अपने किचन को बंद करना पड़ रहा है. उन्होंने लिखा कि यह फैसला उनके लिए भावनात्मक रूप से मुश्किल है, लेकिन हालात सुधरने तक संचालन संभव नहीं है.
खड़क सिंह दा ढाबा मूल रूप से दिल्ली के ढाबा स्टाइल खाने के लिए जाना जाता है और इसका नेटवर्क देश के कई शहरों में फैल चुका है. ब्रांड का दावा है कि इसके 70 से अधिक आउटलेट्स देशभर में अलग-अलग फॉर्मेट में संचालित हो रहे हैं. बेंगलुरु में हाल ही में इसका नया क्लाउड किचन शुरू हुआ था.
लेकिन कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने के बाद किचन चलाना मुश्किल हो गया, जिसके कारण अस्थायी रूप से संचालन रोकना पड़ा.
‘तड़का रानी’ भी गैस की कमी से ऑफलाइन
इसी तरह क्लाउड किचन तड़का रानी के मालिक गगनदीप सिंह सप्रा ने भी गैस संकट को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने बताया कि गैस की कमी के कारण उन्हें एक-एक कर अपने किचन बंद करने पड़ रहे हैं. उन्होंने ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म पर “Closed due to LPG shortage” का विकल्प चुनते हुए ग्राहकों से माफी मांगी और कहा कि हालात सुधरने के बाद सेवा दोबारा शुरू की जाएगी.
सप्रा के मुताबिक, सुबह तक उनके 9 ऑपरेशनल किचन चल रहे थे, लेकिन गैस खत्म होने के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई और अब सिर्फ 3 किचन ही चालू रह पाए हैं. उन्होंने कहा कि अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो बाकी किचन भी बंद करने पड़ सकते हैं.
सप्रा ने यह भी आरोप लगाया कि गैस की कमी के बीच ब्लैक मार्केट में सिलेंडर 5000 रुपये से ज्यादा कीमत पर बेचे जा रहे हैं.
पूरे देश में बढ़ रहा असर
देश के कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट या तो अपने मेन्यू कम कर रहे हैं या अस्थायी रूप से बंद होने की कगार पर हैं. भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसकी 90 फीसदी सप्लाई मुख्य रूप से हॉर्मूज स्ट्रेट से आती है. ऐसे में वैश्विक तनाव या सप्लाई चेन में रुकावट का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है.
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