क्रिप्टो पर सरकार बढ़ाएगी सख्ती,1 अप्रैल से नए नियम लागू होने की उम्मीद, अब हर डिजिटल लेन-देन की देनी होगी जानकारी
सरकार क्रिप्टो पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है और 1 अप्रैल से हर VDA लेन-देन की थर्ड पार्टी रिपोर्टिंग अनिवार्य हो सकती है. CBDT ने 4,500 से ज्यादा क्रिप्टो मामलों में गड़बड़ी पकड़ी है, जबकि विदेशी एक्सचेंज और टैक्स चोरी के मामले भी सरकार के रडार पर हैं.
Cryptocurrency rules tightens: भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार और ज्यादा सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक सरकार 1 अप्रैल से क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर थर्ड पार्टी रिपोर्टिंग अनिवार्य कर सकती है. इसके तहत बैंक और क्रिप्टो एक्सचेंजों को हर वर्चुअल डिजिटल एसेट यानी VDA लेन-देन की जानकारी सरकार को देनी जरूरी होगी.
4,500 संदिग्ध मामलों की जांच
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी CBDT की स्टैंडिंग कमेटी ऑन फाइनेंस को दी गई एक प्रेजेंटेशन का हवाला देते हुए सूत्रों ने बताया कि ई-वेरिफिकेशन प्रक्रिया के जरिए आयकर विभाग ने VDA लेनदेन से जुड़े 4,500 से ज्यादा मामलों में डेटा मिसमैच पाया है. इन मामलों में गड़बड़ियों की जांच फिलहाल जारी है. ये मामले टैक्स चोरी, गलत रिपोर्टिंग और नियमों के उल्लंघन से जुड़े बताए जा रहे हैं.
इनकम टैक्स एक्ट में नया प्रावधान
क्रिप्टोकरेंसी समेत वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को गुमनाम और सीमा-रहित माना जाता है, इसके बावजूद आयकर विभाग देश में स्थित क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए होने वाले सभी लेनदेन पर नजर रखता है. इसलिए आयकर रिटर्न यानी ITR में VDA से जुड़े लेनदेन का खुलासा करना अनिवार्य है. करदाताओं को ऐसे सभी डिजिटल एसेट्स की खरीद और बिक्री की पूरी जानकारी देनी होती है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुकाबिक VDA ट्रांजैक्शन पर नजर रखने के लिए इनकम टैक्स एक्ट में नया सेक्शन 285BAA भी जोड़ा गया है. इसके तहत थर्ड पार्टी रिपोर्टिंग को कानूनी रूप दिया गया है. CBDT इसके नियम तैयार कर रही है, जिन्हें जल्द जारी किया जाएगा. यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकती है. हालांकि भारत में क्रिप्टोकरेंसी अभी रेगुलेट नहीं है, लेकिन इस पर टैक्स पूरी तरह लागू है. VDA से होने वाली कमाई पर 30% टैक्स और ट्रांजैक्शन पर TDS लगता है.
रडार पर विदेशी एक्सचेंज
सूत्रों के अनुसार घरेलू क्रिप्टो प्लेटफॉर्म TDS नियमों का काफी हद तक पालन कर रहे हैं, लेकिन भारतीय ग्राहकों को सेवाएं देने वाले विदेशी एक्सचेंज नियमों का पालन नहीं कर रहे. नवंबर 2025 तक FIU-IND के साथ कुल 47 वर्चुअल एसेट सर्विस प्रोवाइडर रजिस्टर्ड थे.
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GST चोरी के खिलाफ अभियान
सरकार अब तक करीब 18 क्रिप्टो एक्सचेंजों पर ₹824 करोड़ से ज्यादा की GST चोरी के मामले में कार्रवाई कर चुकी है. वहीं CBDT ने अपने NUDGE अभियान के तहत 44,000 से ज्यादा टैक्सपेयर्स को नोटिस भेजे, जिन्होंने क्रिप्टो में निवेश या ट्रेडिंग तो की, लेकिन ITR में इसकी जानकारी नहीं दी है.
मनी लॉन्ड्रिंग पर भी नजर
क्रिप्टो भले ही भारत में रेगुलेट न हो, लेकिन PMLA के तहत FIU-IND को मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग रोकने के अधिकार हैं. भारत में काम कर रहे घरेलू और विदेशी दोनों क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को FIU-IND में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है.