India-USA ट्रेड डील की बैठक टली, 23 फरवरी को नहीं होगी वार्ता, नई तारीख का ऐलान बाकी
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के लिए होने वाली अहम बैठक फिलहाल टाल दी गई है. वाशिंगटन में होने वाली मुख्य नेगोशिएटर की यह बैठक नई परिस्थितियों के मद्देनजर आगे बढ़ाई गई है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बाद बदले हालात को देखते हुए दोनों देशों ने पहले स्थिति की समीक्षा करने का निर्णय लिया है.
India-USA Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Pact) को अंतिम रूप देने के लिए होने वाली उच्च स्तरीय बैठक फिलहाल टाल दी गई है. दोनों देशों ने आपसी सहमति से मुख्य नेगोशिएटर की वाशिंगटन यात्रा को आगे बढ़ाने का फैसला किया है. यह फैसला हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए नए टैरिफ के बाद लिया गया है.
बैठक टली, नई तारीख पर सहमति बाकी
भारतीय टीम को 23 फरवरी से वाशिंगटन में तीन दिनों की बैठक शुरू करनी थी. इस बैठक में अंतरिम व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप दिया जाना था. PTI की रिपोर्ट के अनुसार, लेकिन दोनों पक्षों का मानना है कि हाल की परिस्थितियों और उनके प्रभाव का सही आकलन करने के लिए कुछ और समय जरूरी है. इसलिए बैठक को आपसी सहमति से आगे की तारीख के लिए टाल दिया गया है.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदले हालात
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब US Supreme Court ने ट्रंप प्रशासन द्वारा पहले लगाए गए व्यापक टैरिफ के खिलाफ फैसला दिया है. इस फैसले के बाद अनिश्चितता बढ़ गई है. दोनों देश अब नए कानूनी और आर्थिक हालात को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति तय करना चाहते हैं.
ट्रंप ने 10% से बढ़ाकर 15% किया टैरिफ
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को भारत सहित सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए लागू होना है. इसके एक दिन बाद उन्होंने इस टैरिफ को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान कर दिया. इस फैसले का असर भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर भी पड़ सकता है, इसलिए दोनों देशों ने फिलहाल बातचीत को स्थगित करने का निर्णय लिया है.
क्यों जरूरी है यह ट्रेड डील
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम ट्रेड डील का उद्देश्य दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाना है. इस समझौते के तहत टैरिफ से राहत, कृषि और औद्योगिक उत्पादों के बाजार तक बेहतर पहुंच और सहयोग बढ़ाने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं. भारत आईटी सेवाओं, फार्मास्यूटिकल्स और टैक्सटाइल निर्यात को बढ़ावा देना चाहता है, जबकि अमेरिका कृषि उत्पादों, ऊर्जा और रक्षा उपकरणों के लिए अधिक अवसर चाहता है. यह अंतरिम समझौता व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे निवेश, रोजगार और आर्थिक साझेदारी को नई गति मिल सकती है.
