भारत पर 10 नहीं 15 फीसदी लगेगा टैरिफ, ट्रंप के बदलाव से बदला पूरा समीकरण
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ग्लोबल टैरिफ को 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान किया है. ऐसे में इस बदलाव के बाद भारत समेत कई देशों के लिए व्यापारिक समीकरण बदल सकते हैं.
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक ग्लोबल टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद वैश्विक व्यापार माहौल में नया मोड़ आ गया है. फैसले के कुछ घंटों बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने नई टैरिफ संरचना लागू करने का ऐलान किया. इसके तहत ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ग्लोबल टैरिफ को 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान किया है. ऐसे में इस बदलाव के बाद भारत समेत कई देशों के लिए व्यापारिक समीकरण बदल सकते हैं.
भारत पर 18 नहीं अब 15 फीसदी टैरिफ
ऐसे में नई टैरिफ संरचना, पहले लागू उच्च और अस्थिर टैरिफ व्यवस्था की जगह ले सकती है, जहां 2025 में दरें 50% तक पहुंच गई थीं. इसके बाद टैरिफ दर को घटाकर 18% किया गया था. अब ट्रंप के ताजा ऐलान के बाद भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समीकरण में नया मोड़ आ सकता है.
भारत के लिए क्या मायने हो सकते हैं
नई 15% टैरिफ संरचना Section 122 of the Trade Act of 1974 के तहत लागू की जा रही है. इसे बैलेंस-ऑफ-पेमेंट्स घाटे से निपटने के लिए 150 दिनों के अस्थायी उपाय के रूप में देखा जा रहा है. यह कदम भारत समेत कई देशों के लिए व्यापारिक लागत और निर्यात प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सकता है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बदली स्थिति
US सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप द्वारा International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया. अदालत ने माना कि आपातकालीन कानून का उपयोग इस तरह की व्यापक व्यापारिक नीति लागू करने के लिए नहीं किया जा सकता. यह फैसला ट्रंप प्रशासन की पूर्व टैरिफ रणनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
किस कानून के तहत होगा लागू
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) के तहत लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद, 1974 के व्यापार अधिनियम (Trade Act of 1974) की धारा 122 का उपयोग करते हुए नया 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया है. यह कानून उन्हें 150 दिनों तक 15 फीसदी तक का शुल्क लगाने का अधिकार देता है.
सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को बताया था अवैध
बता दें डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उनके प्रशासन द्वारा लगाए गए बड़े टैरिफ को रद्द कर दिया. 6-3 के फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि प्रेसिडेंट ने पिछले साल 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट नाम के कानून का इस्तेमाल करके बड़े ग्लोबल टैरिफ लगाकर अपनी शक्तियों का अतिक्रमण किया था. कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने बड़े ट्रेड टैरिफ को सही ठहराने के लिए नेशनल इमरजेंसी के लिए बनाए गए कानून का सहारा लिया, जिसके बारे में जजों का मानना था कि यह राष्ट्रपति की पावर से बाहर है.
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