बिहार में पराली जलाने पर सख्ती, 1800 से ज्यादा किसानों की रोकी गईं सब्सिडी और DBT सुविधाएं
बिहार में पराली जलाने के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्यवाई की है. राज्य विधानसभा में पेश कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025-26 में पराली जलाने के कारण 1,807 किसानों का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किया गया है.
बिहार में पराली जलाने के मामलों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. विधानसभा में पेश कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 में पराली जलाने के कारण 1,807 किसानों का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किया गया. वहीं, 2025 में 1,758 किसानों की सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि भी रोक दी गई.
DBT रजिस्ट्रेशन पर कार्रवाई
रिपोर्ट के मुताबिक, पराली जलाने के नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों पर सीधे वित्तीय प्रभाव डाला गया. अब तक इस वर्ष 49 और किसानों का DBT रजिस्ट्रेशन इसी वजह से निलंबित किया गया है. DBT के जरिए किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता सीधे उनके खातों में मिलती है. ऐसे में DBT रजिस्ट्रेशन सस्पेंड होना किसानों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन सकता है.
सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी
राज्य सरकार ने वायु प्रदूषण और मिट्टी की उर्वरता को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है. नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित करने की चेतावनी पहले ही दी गई थी. राज्य सरकार किसानों को रियायती दरों पर बिजली, सब्सिडी वाला डीजल और दूसरी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है. लेकिन पराली जलाने के मामलों में इन सुविधाओं पर रोक लगाई जा रही है.
जागरूकता और वैकल्पिक उपायों पर जोर
सरकार की ओर से पराली जलाने को हतोत्साहित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. साथ ही, कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दी जा रही है ताकि किसान फसल अवशेष प्रबंधन के आधुनिक तरीकों को अपनाएं. किसानों को ग्रीन वेस्ट और जैविक सामग्री बेचने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसका उपयोग बायोमास ब्रिकेट्स बनाने में किया जाता है. ये ब्रिकेट्स ईंधन के रूप में इस्तेमाल होते हैं.
आर्थिक सर्वे में भी जिक्र
हाल ही में पेश बिहार आर्थिक सर्वे (2025-26) के अनुसार, 2024 में 4,596 किसानों का DBT रजिस्ट्रेशन ब्लॉक किया गया था. हालांकि, 2025 में पराली जलाने की घटनाओं में पिछले वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई. सर्वे में बताया गया कि जिला अधिकारियों को कंबाइन हार्वेस्टर के उपयोग को बढ़ावा देने और पराली जलाने वाले हॉटस्पॉट क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
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