भारी बारिश के कारण भारत में चीनी का उत्पादन उम्मीद से कम रहने का अनुमान, क्या बढ़ेगी कीमत?

ट्रेडर्स ने कहा कि भारत को अपने तय एक्सपोर्ट कोटे का आधा भी भेजने में मुश्किल हो सकती है, जिससे ग्लोबल चीनी की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा जो पांच साल के निचले स्तर के पास हैं, साथ ही घरेलू कीमतें भी बढ़ेंगी. महाराष्ट्र ने इस सीजन में अब तक 9 मिलियन टन चीनी का प्रोडक्शन किया है.

चीनी का उत्पादन. Image Credit: Canva

भारत में शुरुआती अनुमान से कम चीनी के उत्पादन होने की संभावना है, क्योंकि मुख्य उत्पादक राज्यों में ज्यादा बारिश की वजह से गन्ने की पैदावार कम हो रही है, जिससे दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक से एक्सपोर्ट पर रोक लग गई है. रॉयटर्स ने किसानों और व्यापार अधिकारियों के हवाले से इस संबंध में जानकारी दी है. ट्रेडर्स ने कहा कि भारत को अपने तय एक्सपोर्ट कोटे का आधा भी भेजने में मुश्किल हो सकती है, जिससे ग्लोबल चीनी की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा जो पांच साल के निचले स्तर के पास हैं, साथ ही घरेलू कीमतें भी बढ़ेंगी.

चीनी के उत्पादन की उम्मीद

कंपनी की पॉलिसी के हिसाब से नाम न बताने की शर्त पर, पांच ट्रेड हाउस के अंदरूनी अनुमानों के मुताबिक, सितंबर में खत्म होने वाले 2025/26 मार्केटिंग साल में भारत में 28.5 मिलियन से 29 मिलियन मीट्रिक टन चीनी का प्रोडक्शन होने की उम्मीद है. इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने इस साल 30.95 मिलियन टन प्रोडक्शन का अनुमान लगाया है.

अनुमान से कम उत्पादन

मुंबई की MEIR कमोडिटीज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर राहिल शेख ने कहा, ‘सभी मुख्य उत्पादक राज्यों में गन्ने की पैदावार कम हुई है. महाराष्ट्र और कर्नाटक से लेकर उत्तर प्रदेश और गुजरात तक, और इससे इस सीजन के उत्पादन का अनुमान कम हो रहा है.’

ट्रेड हाउस ने कहा कि सबसे बड़ी कटौती टॉप प्रोड्यूसर महाराष्ट्र में होने की उम्मीद है, जहां प्रोडक्शन लगभग 9.6 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जबकि पहले 10.8 मिलियन टन का अनुमान लगाया गया था.

महाराष्ट्र और पड़ोसी कर्नाटक के गन्ना उगाने वाले इलाकों के करीब पांच दर्जन किसानों ने, जिनमें कोल्हापुर के विलास पाटिल भी शामिल हैं, कहा कि ज्यादा बारिश से जड़ों की ग्रोथ को नुकसान पहुंचा और फसल जल्दी पक गई.

115 फीसदी से अधिक बारिश

पाटिल ने कहा, ‘हमें उम्मीद थी कि हर एकड़ में कम से कम 60 टन गन्ने की पैदावार होगी, लेकिन यह सिर्फ 48 टन ही हुई. ज्यादा बारिश ने फसल के बढ़ने के साइकिल में रुकावट डाली.’ मौसम विभाग के डेटा से पता चला है कि सितंबर में महाराष्ट्र के गन्ना उगाने वाले इलाकों में नॉर्मल से 115 फीसदी ज्यादा बारिश हुई.

महाराष्ट्र ने इस सीजन में अब तक 9 मिलियन टन चीनी का प्रोडक्शन किया है, और जिन 207 मिलों में पेराई शुरू हुई थी, उनमें से लगभग आधी गन्ने की कमी के कारण पहले ही बंद हो चुकी हैं, ऐसा राज्य सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, जिन्होंने अपना नाम बताने से मना कर दिया क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है. मुंबई के एक डीलर ने कहा कि चीनी प्रोडक्शन में कमी और अगले महीने से गर्मियों की सीजनल डिमांड में उम्मीद के मुताबिक बढ़ोतरी से कीमतों को सपोर्ट मिलने की संभावना है.

चीनी का एक्सपोर्ट

भारत ने शुक्रवार को पहले मंजूर किए गए 1.5 मिलियन टन के अलावा 5,00,000 टन और चीनी के एक्सपोर्ट की इजाजत दी, जिससे इस साल का कुल एक्सपोर्ट कोटा 2 मिलियन टन हो गया. शेख ने कहा, ‘घरेलू बाजार में मिलों को ज्यादा दाम मिल रहे हैं, इसलिए उनके पास एक्सपोर्ट करने का कोई खास फायदा नहीं है. भारतीय शिपमेंट के 7,00,000 टन से ज्यादा होने की उम्मीद नहीं है.’

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