PSU Banks Vs Private Banks: कौन जीत रहा है Banking की असली जंग?
भारतीय बैंकिंग परिदृश्य में इस समय सरकारी (PSU Banks) और निजी बैंकों के बीच एक ज़बरदस्त जंग चल रही है. यह मुकाबला केवल ग्राहकों को ऋण प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमा राशि (डिपॉजिट) जुटाने की क्षमता भी इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. हाल ही में जारी जून तिमाही के आंकड़ों ने इस प्रतिस्पर्धा के प्रमुख पहलुओं को उजागर किया है, जहाँ एक पक्ष डिपॉजिट जुटाने में आगे है तो दूसरा लोन ग्रोथ में.
अप्रैल से जून तिमाही के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि निजी बैंकों ने जमा राशि जुटाने में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को स्पष्ट रूप से पीछे छोड़ दिया है. निजी बैंकों के डिपॉजिट में सालाना आधार पर करीब 14.3% की प्रभावशाली बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसके विपरीत, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के डिपॉजिट में लगभग 10.7% की वृद्धि हुई है.
