भारत में क्यों नहीं बनी NVidia या TSMC जैसी कंपनी? जानें कहां रह गई कमी
भारत, जिसे विश्व के सबसे बड़े प्रतिभा पूल में से एक माना जाता है, अभी भी OpenAI, Nvidia, TSMC या SpaceX जैसे वैश्विक तकनीकी दिग्गजों को तैयार करने में संघर्ष कर रहा है. जहां चीन स्मार्टफोन से लेकर ईवी बैटरियों तक वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर हावी है, वहीं ताइवान की एक छोटी सी कंपनी TSMC दुनिया के सबसे उन्नत चिप्स का उत्पादन करती है. अमेरिका में OpenAI, Anthropic और SpaceX जैसी कंपनियां भारत के सबसे बड़े आईपीओ को भी बौना साबित करने वाले मूल्यांकन हासिल कर रही हैं.
यह एक गंभीर प्रश्न उठाता है: हमारी क्षमता के बावजूद हम कहां पिछड़ गए? भारत की स्थापित कंपनियां जैसे रिलायंस, टाटा या एसबीआई, जिनकी सौ साल की विरासत है, वे भी इन नवोदित वैश्विक तकनीकी फर्मों के सामने कमतर दिखती हैं. TSMC का वार्षिक मुनाफा 54 बिलियन डॉलर से अधिक है, जो भारत की कई ब्लूचिप कंपनियों के कुल मुनाफे से कहीं ज्यादा है.
विशेषज्ञ बताते हैं कि भारत में नवाचार और जोखिम लेने की प्रवृत्ति का अभाव एक मुख्य कारण हो सकता है. हम अक्सर उत्पादों को फॉलो करने और सेवाओं को आउटसोर्स करने में अधिक रुचि रखते हैं, बजाय इसके कि हम नेतृत्व करें और गहराई से तकनीकी क्रांति की शुरुआत करें. एआई के इस युग में, जब यह उद्योगों को बदल रहा है, भारत को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने और एक अग्रणी भूमिका निभाने की आवश्यकता है.
More Videos
Gold vs Equity: कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न? गजेंद्र कोठारी ने बताया सीक्रेट फॉर्मूला
बैंक नहीं दे पा रहे लॉकर, लोगों का उठा भरोसा; किसने संभाली कमान?
Robert Kiyosaki On Massive Stock Market Crash | Gold, Silver, Bitcoin पर अचानक पलट क्यों गए?
