Infosys Q1 Results: कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर ₹7,769 करोड़ हुआ, रेवेन्यू में 14 फीसदी की बढ़ोतरी
Infosys Q1 Results: जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 14 फीसदी बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 42,279 करोड़ रुपये था. कंपनी ने आशीष कुमार को 23 जुलाई, 2026 से CEO-डेजिग्नेट (CEO-Designate) नियुक्त किया है.

Infosys Q1 Results: भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी इन्फोसिस ने गुरुवार, 23 जुलाई को मार्केट बंद होने के बाद वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे घोषित किए. कंपनी ने 7,769 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 6,921 करोड़ रुपये था. यानी इसमें 12.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
कंपनी का रेवेन्यू
वहीं, जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 14 फीसदी बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 42,279 करोड़ रुपये था. वहीं, पिछली तिमाही में 46,402 करोड़ रुपये के मुकाबले, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर रेवेन्यू में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.
EBIT परफॉर्मेंस
पिछली तिमाही के 9,743 करोड़ रुपये के मुकाबले EBIT 4.3 फीसदी बढ़कर 10,163 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBIT मार्जिन 9 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 20.99 फीसदी से 21.08 फीसदी हो गया.
नए सीईओ का ऐलान
कंपनी ने आशीष कुमार को 23 जुलाई, 2026 से CEO-डेजिग्नेट (CEO-Designate) नियुक्त किया है. प्रस्ताव है कि वह 1 अप्रैल, 2027 से चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभालेंगे और उनका कार्यकाल पांच साल का होगा, जो 31 मार्च, 2032 को समाप्त होगा.
इन्फोसिस में कर्मचारियों की संख्या
जून के आखिर में इन्फोसिस में 3,28,062 कर्मचारी थे, जबकि मार्च के आखिर में यह संख्या 3,28,594 और एक साल पहले 3,23,788 थी. IT सर्विस में अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने वालों (वॉलंटरी एट्रिशन) की दर मार्च तिमाही के 12.6% से बढ़कर 13% हो गई, लेकिन यह एक साल पहले के 14.4% से कम रही.
इन्फोसिस के अलग-अलग सेगमेंट का परफॉर्मेंस
फाइनेंशियल सर्विसेज इन्फोसिस का सबसे बड़ा वर्टिकल बना रहा, जिसने कुल रेवेन्यू में 27.9% का योगदान दिया. इस सेगमेंट से रेवेन्यू में कॉन्स्टेंट करेंसी के हिसाब से साल-दर-साल (YoY) 2% की बढ़ोतरी हुई. मैन्युफैक्चरिंग का रेवेन्यू में 15.9% योगदान रहा और इसमें कॉन्स्टेंट करेंसी के हिसाब से 1% की बढ़ोतरी हुई.
एनर्जी, यूटिलिटीज, रिसोर्स और सर्विसेज का योगदान 13.4% रहा और इसमें 1.3% की बढ़ोतरी हुई. रिटेल सेक्टर कमजोर बना रहा और कॉन्स्टेंट करेंसी के हिसाब से इसमें 1.8% की गिरावट आई.
कम्युनिकेशन सेक्टर में 1.3% और हाई-टेक सेक्टर में 2.4% की बढ़ोतरी हुई. लाइफ साइंसेज सबसे मजबूत वर्टिकल रहा, जिसमें कॉन्स्टेंट करेंसी के हिसाब से 24% की ग्रोथ हुई और इसने कुल रेवेन्यू में 8% का योगदान दिया.