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ब्रेंट क्रूड $98 के पार, लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में हुई बढ़ोतरी; रेड सी में हूती हमलों से बढ़ी वैश्विक तेल सप्लाई की चिंता

Brent Crude की कीमत लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. Red Sea में Houthi हमलों और पश्चिमी एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर चिंता गहरा गई है. सऊदी तेल टैंकरों पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट और Bab el-Mandeb जैसे अहम समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ गया है.

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल. Image Credit: @AI/Money9live/chatGpt

Brent Crude Price: वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है. ब्रेंट क्रूड लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करते हुए 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो पिछले छह सप्ताह का सबसे ऊंचा स्तर है. इस तेजी की मुख्य वजह पश्चिमी एशिया में बढ़ता जियोपॉलिटिकल टेंशन और रेड सी में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी तेल टैंकरों पर किए गए हमले हैं. इन घटनाओं ने वैश्विक तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका को और गहरा कर दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रेड सी, स्ट्रेट ऑफ होरमुज और बाब अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर तनाव लगातार बढ़ता रहा, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है.

लगातार पांचवें दिन बढ़ा ब्रेंट क्रूड

गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 4.90 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और यह 98.67 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया. लगातार पांच दिनों से जारी इस तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. दरअसल, यूएस-ईरान तनाव पहले से ही बाजार पर दबाव बनाए हुए था. अब हूती हमलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. बाजार को आशंका है कि यदि तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ सकता है.

रेड सी में तेल टैंकर पर हमला

तेल की कीमतों में उछाल की शुरुआत उस समय हुई, जब यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने जानकारी दी कि रेड सी में एक व्यावसायिक जहाज पर हमला हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, जहाज अल शुकैक से लगभग 70 समुद्री मील दक्षिण-पश्चिम में था. तभी उस पर हमला हुआ, जिससे जहाज में आग लग गई. चालक दल ने आग पर काबू पाने की कोशिश की. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली.

बाद में ईरान समर्थित हूती संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उसने एनसेलिया और लायला नाम के दो सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाया. संगठन का आरोप है कि इन जहाजों ने उसके समुद्री नाकाबंदी संबंधी आदेश का उल्लंघन किया था.

मिसाइल और ड्रोन से किया गया हमला

हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि इस अभियान में बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. उनके अनुसार, हमलों के कारण दोनों जहाजों में आग लग गई. वहीं सऊदी प्रेस एजेंसी ने पुष्टि की कि एनसेलिया जहाज पर हमला हुआ था. हालांकि, एजेंसी ने बताया कि सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं. एजेंसी ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन बताया.

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