बंगाल में यूपी-ओडिशा वाला मॉडल अपना सकती है बीजेपी, खूब बनेंगे रोड-पुल; डबल हो सकता है सरकारी खर्च

औद्योगीकरण, कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) में नई जान फूंकने, महंगाई पर काबू पाने और फैक्टर सुधारों पर जोर देने के साथ, पश्चिम बंगाल (WB) में BJP की जीत राज्य में पूंजीगत खर्च के एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है. यह वही तरीका है जिसे BJP ने में सत्ता में आए दूसरे राज्यों में अपनाया है.

पश्चिम बंगाल में कैसा आर्थिक मॉडल अपना सकती है बीजेपी. Image Credit: AI

2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में BJP की जीत एक ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव का संकेत है. इससे ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का 15 साल का शासन खत्म हो गया और राज्य ‘डबल इंजन’ शासन (केंद्र और राज्य दोनों में BJP) के तहत आ जाएगा. औद्योगीकरण, कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) में नई जान फूंकने, महंगाई पर काबू पाने और फैक्टर सुधारों पर जोर देने के साथ, पश्चिम बंगाल (WB) में BJP की जीत राज्य में कैपिटल एक्सपेंडिचर के एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है. एलारा कैपिटल ने पश्चिम बंगाल में आर्थिक ग्रोथ को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है. आइए इसे समझते हैं.

ऐसी कंपनियों को मिल सकता है फायदा

यह वही तरीका है जिसे BJP ने में सत्ता में आए दूसरे राज्यों- उत्तर प्रदेश (UP), ओडिशा (OD) और असम (AS) में भी अपनाया था. इसका फायदा मुख्य रूप से निर्माण और कैपिटल गुड्स बनाने वाली कंपनियों को मिलने की संभावना है, जैसे Larsen & Toubro, KEC International, NCC, Dilip Buildcon, और अन्य.

इनके अलावा, पूर्वी भारत पर खास ध्यान देने वाली सीमेंट कंपनियां– जैसे Star Cement, Nuvoco Vistas, Dalmia Bharat—और वैगन व रोलिंग स्टॉक कंपनियां- जैसे Jupiter Wagons, Texmaco, और Titagarh Rail Systems भी इससे लाभान्वित हो सकती हैं. बैंकिंग क्षेत्र में Bandhan Bank को औद्योगीकरण, MSME क्षेत्र के विकास और नीतिगत स्थिरता से फायदा होने की उम्मीद है.

BJP का आर्थिक मॉडल

भारत के तीन राजनीतिक रूप से अहम राज्यों- उत्तर प्रदेश (UP), ओडिशा (OD), और असम (AS) में BJP के शासनकाल में पिछली सरकारों के मुकाबले बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक और राजकोषीय नतीजे मिले हैं. खासकर पूंजीगत खर्च, नए निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और मांग से जुड़े संकेतकों में BJP का प्रदर्शन कहीं ज्यादा बेहतर रहा है. वित्त वर्ष 27 में पश्चिम बंगाल में GSDP के प्रतिशत के तौर पर कैपिटल एक्सपेंडिचर का बजट सिर्फ 2 फीसदी रखा गया है, जबकि BJP शासित दूसरे राज्यों में यह ओडिशा में 6.6 फीसदी, UP में 4.5 फीसदी, मध्य प्रदेश (MP) में 4.3 फीसदी और गुजरात में 3.2 फीसदी है.

GDP में यूपी का योगदान

UP में जब से BJP सरकार सत्ता में आई है (वित्त वर्ष 18 बनाम वित्त वर्ष 25), भारत की GDP में UP का योगदान 20 बेसिस प्वाइंट (bp) बढ़ा है, जबकि इसी दौरान पश्चिम बंगाल का योगदान 28bp कम हो गया. पश्चिम बंगाल में BJP का निवेश-केंद्रित नजरिया, जो प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाता है और औद्योगिक रोजगार पैदा करता है, इस रुझान को पलट देगा और अगले पांच सालों में भारत की GDP में 35-40bp का इजाफा करेगा.

पश्चिम बंगाल में Capex सायकिल में बदलाव आने वाला है

एलारा कैपिटल के अनुसार, यूपी, ओडिशा और असम में BJP सरकारों के हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि पिछली सरकारों की तुलना में (यूपी: FY11-17 बनाम BJP का FY17-25; ओडिशा: FY13-24 बनाम BJP का FY25 के बाद; और असम: FY10-17 बनाम BJP का FY17-24), CAGR कैपेएक्स में काफी बढ़ोतरी हुई है. यूपी (19.2% बनाम 15.7%), ओडिशा (18.7% बनाम 12.3%) और असम (21.5% बनाम 0.4%).

इंफ्रास्ट्रक्चर और एसेट क्रिएशन

यह इंफ्रास्ट्रक्चर और एसेट क्रिएशन की ओर एक बदलाव का संकेत देता है, जिसमें पहले चरण में सड़कों और पुलों पर विशेष ध्यान दिया गया है (UP: 28.7% बनाम 23.9%; Odisha: 35.6% बनाम 33.9%; Assam: 44.8% बनाम 23.6%), और इसके साथ ही जल क्षेत्र में भी वृद्धि हुई है, विशेष रूप से UP और Odisha में.

पूरब की ओर बढ़ रहा कैपैएक्स का अभियान

नतीजा यह है कि भारत का पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) का बड़ा अभियान अब पूरब की ओर बढ़ रहा है. ज्यादातर पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों – ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश – में BJP के सत्ता में मजबूती से काबिज होने के साथ, हम पूर्वी भारत में कैपिटल एक्सपेंडिचर पर ज्यादा जोर देख रहे हैं.

ओडिशा का कैपिटल आउटले

इसका एक उदाहरण ओडिशा का कैपिटल आउटले है, जो FY24 में बीजू जनता दल (BJD) के शासन में GSDP का 5% था, और FY27BE में (BJP के शासन में) बढ़कर GSDP का 6.6% हो गया. उत्तर प्रदेश का कैपिटल आउटले अपने चरम पर पहुंच चुका है (कुल कैपिटल आउटले GSDP के प्रतिशत के रूप में FY26BE में 5.4% के मुकाबले FY27 में 4.5% रहा), खासकर सड़कों और सिंचाई के क्षेत्र में. इसलिए अब ध्यान पूर्वी भारत की ओर मुड़ गया है.

कैपिटल एक्सपेंडिचर (GSDP का %) – FY27BE

(FY27 के बजट अनुमान के अनुसार GDP के प्रतिशत के रूप में)

क्रमराज्यसरकारGSDP का %
1ओडिशा (OD)बीजेपी6.60%
2उत्तर प्रदेश (UP)बीजेपी4.50%
3मध्य प्रदेश (MP)बीजेपी4.30%
4उत्तराखंड (UK)बीजेपी4.20%
5झारखंड (JH)गैर-बीजेपी4.00%
6छत्तीसगढ़ (CG)बीजेपी3.70%
7गुजरात (GJ)बीजेपी3.20%
8बिहार (BR)बीजेपी3.00%
9राजस्थान (RJ)बीजेपी2.50%
10आंध्र प्रदेश (AP)बीजेपी+2.50%
11तेलंगाना (TG)गैर-बीजेपी2.40%
12कर्नाटक (KA)गैर-बीजेपी2.20%
13पश्चिम बंगाल (WB)गैर-बीजेपी2.00%
14पंजाब (PB)गैर-बीजेपी1.90%
15महाराष्ट्र (MH)बीजेपी1.80%
16तमिलनाडु (TN)गैर-बीजेपी1.50%
17हरियाणा (HR)बीजेपी1.40%
18केरल (KL)गैर-बीजेपी1.20%
19हिमाचल प्रदेश (HP)गैर-बीजेपी1.10%

WB की औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना

यूपी और ओडिशा में BJP शासन के दौरान चालू फैक्टरियों की संख्या में काफी सुधार देखा गया है (यूपी: BJP के तहत 8.1% बनाम गैर-BJP के तहत 2.2%; ओडिशा: BJP के तहत 4.0% बनाम उससे पहले 0.8%). यह मजबूत औद्योगिक गति का संकेत है, जबकि असम में (ऊंचे आधार के कारण) इसमें कुछ कमी आई है (BJP के तहत 5.1% बनाम उससे पहले 8.6%). इस रुझान को नए निवेश में बढ़ोतरी से भी बल मिला है (UP: BJP के तहत 13.2% बनाम उससे पहले 7.0%; Odisha: BJP के तहत 24.0% बनाम उससे पहले 13.3%, असम BJP के तहत 7.8% बनाम उससे पहले -0.5%), जो बेहतर प्रोजेक्ट पाइपलाइन और उनके एग्जीक्यूशन का संकेत है.

इसके विपरीत, पश्चिम बंगाल में CY 12 से अब तक लगभग 6,888 कंपनियां राज्य छोड़कर चली गईं, और 2025 के प्रोत्साहन रद्द करने वाले अधिनियम (Incentive Revocation Act) के कारण स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ गई.

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