इस बैंक ने डेबिट कार्ड, ECS और कैश ट्रांजैक्शन पर चार्ज बढ़ाया, अप्रैल से होगा लागू, जानें कैसे पड़ेगा आपकी जेब पर असर

कोटक महिंद्रा बैंक ने सेविंग्स और कॉर्पोरेट सैलरी अकाउंट के लिए चार्ज में बदलाव किया है. 1 अप्रैल 2026 से ECS/NACH फेलियर पर पहला चार्ज 500 रुपये और बाद में 550 रुपये होगा. Pay Shop More डेबिट कार्ड की फीस 285 रुपये सालाना होगी. मासिक कैश लिमिट 3 ट्रांजैक्शन और 1 लाख रुपये तय की गई है. थर्ड पार्टी कैश ट्रांजैक्शन पर भी नया शुल्क लागू होगा.

कोटक महिंद्रा बैंक Image Credit: Getty Images Editorial 2025

कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने सेविंग्स और कॉर्पोरेट सैलरी अकाउंट होल्डर्स के लिए कुछ अहम चार्जेस में बदलाव की घोषणा की है. बैंक ने ECS/NACH फेलियर फीस, डेबिट कार्ड की सालाना फीस, मासिक कैश ट्रांजैक्शन लिमिट और थर्ड पार्टी कैश ट्रांजैक्शन फीस से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. ये बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे.

ECS/NACH फेलियर फीस में बदलाव.

बैंक के ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, 1अप्रैल 2026 से ECS यानी इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सेवा और NACH यानी नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस के पहले फेल हुए डेबिट पर 500 रुपये का चार्ज लगाया जाएगा. इसके बाद हर अगला फेल डेबिट 550 रुपये में पड़ेगा. यह नियम सभी सेविंग्स और कॉर्पोरेट सैलरी अकाउंट पर लागू होगा. फिलहाल, हर फेल डेबिट पर 500 रुपये का चार्ज लिया जाता है. यानी अब पहली बार 500 रुपये और उसके बाद हर बार 550 रुपये देना होगा.

Pay Shop More Debit Card की सालाना फीस बढ़ी

कोटक महिंद्रा बैंक के Pay Shop More Debit Card की इश्यू और एनुअल मेंटेनेंस फीस बढ़ा दी गई है. अब इस कार्ड पर 285 रुपये प्रति वर्ष चार्ज किया जाएगा. पहले यह फीस 259 रुपये प्रति वर्ष थी यानी सालाना 26 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.

मासिक कैश ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव

यह बदलाव केवल उन सेविंग्स अकाउंट होल्डर्स पर लागू होगा जो कोटक के बैंकिंग प्रोग्राम्स के तहत आते हैं. अगर कोई ग्राहक अपने संबंधित प्रोग्राम जैसे Solitaire, Privy, Privy+, Private, Neon, Maxima, Platinum या Black के तहत तय Relationship Value यानी RV मानदंड को पूरा नहीं करता है, तो उस पर नई लिमिट लागू होगी.

ऐसे ग्राहकों को महीने में अधिकतम 3 कैश ट्रांजैक्शन की अनुमति होगी. साथ ही, कुल मिलाकर एक महीने में 1,00,000 रुपये तक ही कैश ट्रांजैक्शन किया जा सकेगा. यदि ग्राहक इन सीमाओं को पार करता है, तो लागू चार्जेस के अनुसार शुल्क वसूला जाएगा.

बैंक ने उदाहरण देकर समझाया

बैंक ने एक उदाहरण देते हुए बताया है कि अगर कोई ग्राहक कोटक प्रीमियम बैंकिंग प्रोग्राम में नामांकित है, जहां 75 लाख रुपये का RV जरूरी है. अगर मई 2026 में ग्राहक का मेंटेंड RV 60 लाख रुपये रहता है, जो निर्धारित सीमा से कम है, तो मई महीने में उसे प्रोग्राम के लाभ मिलते रहेंगे. लेकिन महीने के आखिरी में समीक्षा के बाद, चूंकि RV जरूरी मानदंड से कम पाया गया, तो मई 2026 के ट्रांजैक्शन के लिए वह केवल 3 फ्री कैश ट्रांजैक्शन और 1 लाख रुपये की मासिक कैश लिमिट का पात्र होगा.

महीने के दौरान जो भी अतिरिक्त राशि पहले से वसूल की गई है, उसके ऊपर केवल एक्स्ट्रा अंतर की रकम वसूली जाएगी. इस अतिरिक्त राशि पर GST भी लागू होगा.

थर्ड पार्टी कैश ट्रांजैक्शन फीस लागू

बैंक ने थर्ड पार्टी कैश ट्रांजैक्शन फीस की भी शुरुआत की है. ग्राहकों को हर महीने 25,000 रुपये तक की थर्ड पार्टी कैश ट्रांजैक्शन पर मुफ्त सीमा मिलेगी. यदि यह सीमा पार होती है, तो 1,000 रुपये पर 5 रुपये के हिसाब से चार्ज लगाया जाएगा. हालांकि, प्रति ट्रांजैक्शन न्यूनतम 150 रुपये फीस तय की गई है.

ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है?

इन बदलावों का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो ECS या NACH के जरिए ऑटो डेबिट का इस्तेमाल करते हैं, या जो नियमित रूप से कैश ट्रांजैक्शन करते हैं. डेबिट कार्ड फीस में बढ़ोतरी भले ही मामूली दिखे, लेकिन बार-बार ECS फेल होने या कैश लिमिट पार करने पर ग्राहकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है. इसलिए अकाउंट होल्डर्स के लिए जरूरी है कि वे अपनी Relationship Value बनाए रखें और ऑटो डेबिट से पहले खाते में पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें.

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