मिनिमम वेज बना नोएडा में बवाल की वजह, जानें यूपी-हरियाणा-राजस्थान-दिल्ली-गुजरात में कहां मिलती है ज्यादा सैलरी
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर श्रमिकों के विरोध ने न्यूनतम वेतन के मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है. हरियाणा में वेतन बढ़ने और उत्तर प्रदेश में स्थिर रहने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है. ऐसे में Minimum Wages Act, 1948 और अलग-अलग राज्यों में तय न्यूनतम मजदूरी की असमानता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

Noida Workers Protest Reasons Explained: सोमवार को दिल्ली और नोएडा का बॉर्डर लॉक है. वजह? नोएडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों का गुस्सा. नोएडा के श्रमिक लंबे समय से न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. यह मांग खास तौर पर तब तेज हुई जब हरियाणा सरकार ने हाल ही में मासिक वेतन को लगभग 14,000 रुपये से बढ़ाकर 19,000 रुपये कर दिया, जो करीब 35% की बढ़ोतरी है. इसके उलट, उत्तर प्रदेश में वेतन अब भी लगभग 13,000 रुपये के आसपास बना हुआ है, जिससे यहां काम करने वाले कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है. ऐसे में यह सवाल फिर उठने लगा कि क्या है Minimum Wages Act और किन-किन राज्यों में कितनी सैलरी मिलती है. इस रिपोर्ट में देश की राजधानी दिल्ली से सटे राज्यों में कर्मचारियों या श्रमिकों को मिलने वाले न्यूनतम वेतन के बारे में बताया गया है.
कर्मचारियों की मांगे
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने सिर्फ वेतन बढ़ाने की ही नहीं, बल्कि कई अन्य अहम मांगें भी उठाईं। इनमें बोनस का भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम का उचित भुगतान शामिल हैं। साथ ही, कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर भी आवाज उठाई गई, जिसमें यौन उत्पीड़न रोकने के लिए समिति गठन, शिकायत हल करने और PF से संबंधित नियमों को ठीक करना है.
भारत में कितना है न्यूनतम मासिक वेतन?
भारत में न्यूनतम मासिक वेतन कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे राज्य या केंद्र शासित प्रदेश, काम का प्रकार और कामगारों की कौशल स्तर (अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और उच्च कुशल). अलग-अलग राज्यों में नियम अलग हो सकते हैं और शहर, कस्बे तथा गांव के आधार पर भी वेतन में अंतर हो सकता है. केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए न्यूनतम मासिक वेतन इस प्रकार हैं –
- अकुशल श्रमिक – ₹20,358 प्रति माह
- अर्ध-कुशल श्रमिक – ₹22,568 प्रति माह
- कुशल श्रमिक – ₹24,804 प्रति माह
- उच्च कुशल श्रमिक – ₹26,910 प्रति माह
UP में कितना न्यूनतम वेतन ?
| कर्मचारी श्रेणी | प्रति माह कुल न्यूनतम वेतन |
|---|---|
| अकुशल | ₹13,000 |
| अर्ध-कुशल | ₹14,196 |
| कुशल | ₹15,418 |
राजस्थान में सबसे कम है न्यूनतम वेतन
| कैटेगरी | न्यूनतम वेतन (प्रति माह) |
|---|---|
| अकुशल (Unskilled) | ₹7,410 |
| अर्ध-कुशल (Semi-Skilled) | ₹7,722 |
| कुशल (Skilled) | ₹8,034 |
| उच्च कुशल (Highly Skilled) | ₹9,334 |
Delhi में कितना है न्यूनतम वेतन?
| श्रमिक श्रेणी | न्यूनतम वेतन (प्रति माह) |
|---|---|
| अकुशल (Unskilled) | ₹18,066 |
| अर्ध-कुशल (Semi-skilled) | ₹19,929 |
| कुशल (Skilled) | ₹21,917 |
हरियाणा में कितना है न्यूनतम वेतन?
| श्रमिक श्रेणी | मासिक न्यूनतम वेतन (₹) |
|---|---|
| अकुशल (Unskilled) | ₹15,220.71 |
| अर्ध-कुशल (Semi-skilled) | ₹16,780.74 |
| कुशल (Skilled) | ₹18,500.81 |
| अत्यधिक कुशल (Highly skilled) | ₹19,425.85 |
गुजरात में कितना है न्यूनतम वेतन?
गुजरात सरकार के अनुसार, 24 अनुसूचित व्यवसायों, जिनमें वर्किंग और सर्विस/क्लेरिकल काम शामिल हैं, के लिए मासिक न्यूनतम वेतन ₹10,940 प्रति महीने निर्धारित किया गया है. वहीं, 8 अन्य अनुसूचित व्यवसायों, जिनमें कुशल, अर्धकुशल एवं तकनीकी कार्य शामिल हैं, के लिए मासिक न्यूनतम वेतन ₹10,695 प्रति महीने किया गया है.
क्या है Minimum Wages Act?
भारत में न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने के लिए Minimum Wages Act, 1948 लागू किया गया है. इस कानून के तहत श्रमिकों को एक निश्चित न्यूनतम वेतन देना अनिवार्य है. हालांकि, प्रत्येक राज्य अपने-अपने स्तर पर अलग-अलग कैटेगरी (जैसे कुशल और अकुशल श्रमिक) के लिए न्यूनतम वेतन दरें तय करता है. इस कारण देशभर में न्यूनतम मजदूरी एक समान नहीं होती, बल्कि राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित की जाती है. किसी उद्योग में 1000 से कम कर्मचारी काम कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में यह नियम लागू नहीं हो सकता.