सरकारी बैंक खोल रहे नई-नई शाखाएं, फिर भी नहीं बढ़ रही भर्तियां! आखिर कहां गायब हो गईं बैंक की नौकरियां?
शाखाओं की संख्या बढ़ रही है, वहीं कर्मचारियों की संख्या उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रही. कई बड़े सरकारी बैंकों में पिछले चार सालो के दौरान शाखाएं बढ़ीं, लेकिन कर्मचारियों की संख्या या तो बहुत कम बढ़ी या फिर घट गई. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह तेजी से बढ़ती डिजिटल बैंकिंग और नई तकनीक को माना जा रहा है.

PSU Banks: देश के सरकारी बैंक लगातार अपने कारोबार का विस्तार कर रहे हैं. नए शहरों और कस्बों में शाखाएं खोली जा रही हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा सके. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि जहां शाखाओं की संख्या बढ़ रही है, वहीं कर्मचारियों की संख्या उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रही. कई बड़े सरकारी बैंकों में पिछले चार सालो के दौरान शाखाएं बढ़ीं, लेकिन कर्मचारियों की संख्या या तो बहुत कम बढ़ी या फिर घट गई.
इसके पीछे सबसे बड़ी वजह तेजी से बढ़ती डिजिटल बैंकिंग और नई तकनीक को माना जा रहा है. आज ग्राहक बैंक की शाखा में जाने के बजाय मोबाइल ऐप और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए ज्यादातर काम कर रहे हैं. ऐसे में बैंक अब तकनीक और ऑटोमेशन पर ज्यादा जोर दे रहे हैं. यही कारण है कि शाखाएं बढ़ने के बावजूद भर्ती की रफ्तार पहले जैसी नहीं दिख रही है.
शाखाएं बढ़ीं, लेकिन कर्मचारी नहीं
- सरकारी बैंकों के आंकड़े बताते हैं कि पिछले चार साल में कई बड़े बैंकों ने अपनी शाखाओं का नेटवर्क बढ़ाया है.
- State Bank of India (SBI) की शाखाएं FY22 में 22,266 थीं, जो FY26 में बढ़कर 23,265 हो गईं. लेकिन कर्मचारियों की संख्या लगभग स्थिर रही और 2.45 लाख के आसपास पहुंची.
- Bank of Baroda की शाखाएं 8,168 से बढ़कर 8,648 हो गईं, जबकि कर्मचारियों की संख्या 78,740 से घटकर 75,376 रह गई.
- Canara Bank की शाखाएं 9,734 से बढ़कर 10,097 हो गईं, लेकिन कर्मचारियों की संख्या 86,919 से घटकर 81,827 रह गई.
- इसी तरह Bank of India, Punjab National Bank, Indian Bank, UCO Bank और Bank of Maharashtra में भी प्रति शाखा कर्मचारियों की संख्या कम हुई है.
| बैंक का नाम | FY22 में प्रति शाखा कर्मचारी | FY26 में प्रति शाखा कर्मचारी | बदलाव |
|---|---|---|---|
| SBI | 10.97 | 10.54 | ⬇️ घटे |
| बैंक ऑफ इंडिया | 10.22 | 9.22 | ⬇️ घटे |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 9.64 | 8.72 | ⬇️ घटे |
| पंजाब नेशनल बैंक (PNB) | 10.21 | 9.99 | ⬇️ घटे |
| कैनरा बैंक | 8.93 | 8.10 | ⬇️ घटे |
| बैंक ऑफ महाराष्ट्र | 6.29 | 5.60 | ⬇️ घटे |
| यूको बैंक | 7.03 | 6.15 | ⬇️ घटे |
| इंडियन बैंक | 6.94 | 6.70 | ⬇️ घटे |
| सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया | 6.69 | 7.41 | ⬆️ बढ़े |
| यूनियन बैंक | 8.48 | 8.50 | ⬆️ मामूली बढ़े |
डिजिटल बैंकिंग बनी बड़ी वजह
बैंकों का कहना है कि अब ज्यादातर काम डिजिटल माध्यम से हो रहा है. Punjab National Bank के अनुसार FY26 में उसके 95 प्रतिशत से ज्यादा लेनदेन डिजिटल माध्यम से हुए. बैंक ने यह भी बताया कि मार्च तिमाही में 20,873 करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन डिजिटल तरीके से मंजूर और वितरित किए गए.
AI और तकनीक का बढ़ रहा इस्तेमाल
Indian Bank ने बताया कि उसका डिजिटल कारोबार FY26 में 63 प्रतिशत बढ़कर 2.72 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. बैंक अब 10 से ज्यादा AI और Agentic AI प्लेटफॉर्म पर काम कर रहा है. इसके लिए 160 से ज्यादा फिनटेक कंपनियों के साथ साझेदारी की गई है.
ऑटोमेशन से कम हुआ मैन्युअल काम
Indian Overseas Bank ने कई कामों में Robotic Process Automation (RPA) का इस्तेमाल शुरू किया है. शिकायत निपटान, बैच प्रोसेसिंग और खातों के मिलान जैसे काम अब मशीनों और सॉफ्टवेयर की मदद से हो रहे हैं. इससे कर्मचारियों का काम कम हुआ है और काम की गति भी बढ़ी है.
फिर भी खुल रही हैं नई शाखाएं
हालांकि डिजिटल बैंकिंग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बैंक शाखाएं खोलना बंद नहीं कर रहे. Punjab National Bank ने FY26 में 144 नई शाखाएं खोलीं. दूसरे सरकारी बैंकों ने भी अपने नेटवर्क का विस्तार जारी रखा है. बैंकिंग सेक्टर तेजी से डिजिटल हो रहा है. मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन लोन, e-KYC और AI आधारित सेवाओं के कारण ग्राहकों को शाखा जाने की जरूरत कम पड़ रही है.
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