राम मंदिर के नए CEO बने जितेंद्र मिश्रा, कितनी मिलेगी सैलरी और क्या होगी सुविधाएं
अयोध्या के राम मंदिर के लिए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला CEO नियुक्त किया गया है. भारतीय वायुसेना में करीब 4 दशक तक सेवा दे चुके मिश्रा मंदिर के प्रशासन और रोजमर्रा के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे. उन्हें 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया है. उनकी सटीक सैलरी अभी पब्लिक नहीं हुई है.

अयोध्या के राम मंदिर के प्रशासन की जिम्मेदारी अब रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को उन्हें मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया है. ट्रस्ट की बैठक में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया. जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब 4 दशक तक सर्विस दे चुके हैं. उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमान और नेतृत्व वाली जिम्मेदारियां संभाली हैं. अब उनका अनुभव राम मंदिर के प्रशासन और डेली के ऑपरेशन काम आएगा. हालांकि उनकी सटीक सैलरी की रकम अभी पब्लिक नहीं की गई है.
जितेंद्र मिश्रा को कितनी मिलेगी सैलरी
राम मंदिर के CEO पद के लिए आवेदन जारी करते समय ट्रस्ट ने वेतन को लेकर कहा था कि चयनित अधिकारी की सैलरी और भत्ते आपसी सहमति से तय किए जाएंगे. यानी जितेंद्र मिश्रा की मासिक सैलरी अभी तय रकम के तौर पर पब्लिक नहीं हुई है. उनके अनुभव और योग्यता को देखते हुए वेतन और अन्य आर्थिक सुविधाएं तय की जाएंगी. उन्हें 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया है. .
मिलेंगी ये सुविधाएं
CEO के पद पर जितेंद्र मिश्रा को रहने के लिए आवास की सुविधा दी जाएगी. इसके अलावा सरकारी वाहन और सुरक्षा व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी. उन्हें अन्य वीआईपी सुविधाएं भी मिलेंगी और इनका खर्च राम मंदिर ट्रस्ट फंड से किया जाएगा. इन सुविधाओं का उद्देश्य CEO को मंदिर के प्रशासनिक और संचालन से जुड़े कामों पर पूरा ध्यान देने में मदद करना है. हालांकि, इन सुविधाओं की अलग- अलग आर्थिक कीमत पब्लिक नहीं की गई है.
कौन हैं जितेंद्र मिश्रा
जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में करीब 40 साल तक सर्विस की है. उन्हें 6 दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में कमीशन मिला था. अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने 18 से अधिक तरह के विमान उड़ाए. उनके नाम 3000 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव भी है. वह वायुसेना में कई सीनियर कमांड और नेतृत्व वाली जिम्मेदारियों पर रहे हैं. उन्हें बड़े संगठनों के संचालन और कठिन परिस्थितियों में काम करने का लंबा अनुभव है.
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देवरिया से है जितेंद्र मिश्रा का नाता
जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपार रानी क्षेत्र के भोपालपुरा गांव से हैं. उन्होंने वायुसेना में विभिन्न पदों पर काम करते हुए वरिष्ठ नेतृत्व तक का सफर तय किया. अब उनके सामने अयोध्या में एक अलग तरह की प्रशासनिक जिम्मेदारी होगी. राम मंदिर के तेजी से बढ़ते धार्मिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए उनके संगठन मैनेजमेंट और नेतृत्व के अनुभव का इस्तेमाल किया जाएगा.