गिरते बाजार में विजय केडिया के ये 2 स्टॉक क्यों खास? शानदार रिटर्न, बिक्री में उछाल और नए कारोबार पर बड़ा दांव; रखें नजर

विजय केडिया के पोर्टफोलियो के अतुल ऑटो और इनोवेटर्स फेसेड सिस्टम्स में मौजूदा समय में अलग-अलग तरह के संकेत दिखाई दे रहे हैं. अतुल ऑटो में वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बिक्री 42.97% बढ़ी और मार्जिन में भी सुधार हुआ. दूसरी ओर, इनोवेटर्स फेसेड सिस्टम्स की बिक्री वृद्धि सीमित रही और मार्जिन घटा, लेकिन कंपनी के पास 740 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक है.

विजय केडिया के स्टॉक Image Credit: Canva, tv9

Highlights

  • जून 2026 तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक केडिया की करीब 23 लिस्टेड कंपनियों में हिस्सेदारी है
  • विजय केडिया के पोर्टफोलियो में अतुल ऑटो अलग-अलग तरह के संकेत दे रहे हैं.
  • वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की बिक्री 14% बढ़ी है.

दिग्गज निवेशक विजय केडिया के पोर्टफोलियो पर बाजार की नजर रहती है. उनके पोर्टफोलियो में शामिल शेयर सिर्फ इसलिए चर्चा में नहीं रहते कि उनमें केडिया की हिस्सेदारी है, बल्कि इसलिए भी अहम हैं क्योंकि कई कंपनियों के कारोबार में बदलाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं. जून 2026 तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक केडिया की करीब 23 लिस्टेड कंपनियों में हिस्सेदारी है और 21 अगस्त तक उनके निवेश की कुल मार्केट वैल्यू करीब 1415 करोड़ रुपये थी.

इस पोर्टफोलियो में कुछ कंपनियों की कमाई और मार्जिन में सुधार हुआ है, जबकि कुछ कंपनियां नए कारोबार और ग्रोथ के क्षेत्रों में कदम बढ़ा रही हैं. ऐसे में अतुल ऑटो, इनोवेटर्स फेसेड सिस्टम्स पर नजर डालना दिलचस्प हो सकता है.

1. अतुल ऑटो

सबसे पहले बात अतुल ऑटो की. कंपनी यात्री और सामान ढोने वाले तीन पहिया वाहन बनाती है. इसके प्रोडक्ट डीजल, पेट्रोल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन में उपलब्ध हैं. कंपनी एक तरफ अपने पारंपरिक तीन पहिया वाहन कारोबार को बढ़ाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में भी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है.

विजय केडिया के पोर्टफोलियो में अतुल ऑटो बड़ी हिस्सेदारी वाला शेयर है. जून 2026 के आखिरी में केडिया के पास कंपनी की 18.2% हिस्सेदारी थी, जबकि केडिया सिक्योरिटीज के पास 2.71% हिस्सेदारी थी यानी दोनों को मिलाकर हिस्सेदारी 20.9% थी.

शेयर का हाल?

2 सितंबर को दोपहर 3:32 बजे अतुल ऑटो का शेयर 466 रुपये पर कारोबार कर रहा था और इसमें 2.21% की गिरावट दर्ज की गई. कंपनी का मार्केट कैप 1,293 करोड़ रुपये, स्टॉक पी/ई 26.8, बुक वैल्यू 174 रुपये, डिविडेंड यील्ड 0.63%, आरओसीई 11.3% और आरओई 9.30% है. शेयर का 52 हफ्तों का हाई 597 रुपये और लो 380 रुपये है, जबकि इसकी फेस वैल्यू 5 रुपये है.

कंपनी के शेयर ने एक साल में सिर्फ 5 फीसदी का ही रिटर्न दिया है, हालांकि लॉन्ग टर्म में शानदार रिटर्न दिया है. शेयर ने 5 साल में 124 फीसदी का रिटर्न दिया है.

बिक्री और मुनाफे में दिखा सुधार

कंपनी के कारोबार में रिकवरी के संकेत दिखाई दिए हैं. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की बिक्री 14% बढ़ी है. इस दौरान ईबीआईटीडीए मार्जिन वित्त वर्ष 2025 के 7% से बढ़कर 10% हो गया. बेहतर क्षमता इस्तेमाल और लागत पर नियंत्रण से कंपनी की मुनाफे की स्थिति सुधरी. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी की बिक्री सालाना आधार पर 42.97% बढ़ी. इस दौरान ईबीआईटीडीए मार्जिन 7.72% रहा, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 6.55% था. तीन पहिया वाहनों की बिक्री मात्रा में भी 42.5% की बढ़ोतरी हुई.

2. इनोवेटर्स फेसेड सिस्टम्स (Innovators Facade Systems Ltd)

दूसरा शेयर है इनोवेटर्स फेसेड सिस्टम्स. कंपनी इमारतों के लिए फेसेड सिस्टम की डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, निर्माण और स्थापना का काम करती है. इसके प्रोडक्ट में ग्लेजिंग और कर्टेन वॉल, दरवाजे और खिड़कियां, स्काईलाइट, कैनोपी और अलग-अलग तरह की क्लैडिंग शामिल हैं.

जून 2026 के आखिरी में विजय केडिया के पास कंपनी की 8.71% हिस्सेदारी थी. मार्च 2026 के आखिरी में यह हिस्सेदारी 10.66% थी यानी जून तिमाही में उन्होंने अपनी हिस्सेदारी घटाई और 3,66,000 से ज्यादा शेयर बेचे.

कंपनी के शेयर का हाल?

2 सितंबर को दोपहर 3:32 बजे Innovators Facade Systems का शेयर 113 रुपये पर कारोबार कर रहा था और इसमें 2% की गिरावट दर्ज की गई. कंपनी का मार्केट कैप 213 करोड़ रुपये, स्टॉक पी/ई 15.7, बुक वैल्यू 92.8 रुपये, डिविडेंड यील्ड 0%, आरओसीई 11.9% और आरओई 8.06% है. शेयर का 52 हफ्तों का हाई 235 रुपये और लो 102 रुपये है, जबकि इसकी फेस वैल्यू 10 रुपये है. कंपनी के शेयर ने पांच साल में 132 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं लगातार पिछले एक साल और छह महीने में शेयर दबाव में रहा.

ऑर्डर बुक मजबूत, लेकिन मार्जिन पर दबाव

कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मिला-जुला रहा. वित्त वर्ष 2026 में बिक्री 3% बढ़ी, लेकिन ईबीआईटीडीए मार्जिन वित्त वर्ष 2025 के 15% से घटकर 13% रह गया यानी कंपनी के पास ऑर्डर की स्थिति मजबूत होने के बावजूद प्रोजेक्ट को पूरा करने की लागत और कच्चे माल की कीमतों जैसे कारकों का असर मार्जिन पर पड़ा.

कंपनी के पास वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में रिकॉर्ड 740 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक थी. इसके बाद भी कंपनी को नए ऑर्डर मिले हैं. अगस्त में उसे 76.8 करोड़ रुपये का लोढ़ा डेवलपर्स प्रोजेक्ट मिला.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.