GDP को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, पूर्व वित्त सचिव की टिप्पणी का दिया हवाला

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गर्ग का एक वीडियो क्लिप शेयर किया. अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी. ईरान में युद्ध और उससे पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितता के कारण घरेलू आर्थिक रफ्तार पर असर पड़ने की आशंकाओं के बावजूद अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई.

GDP वृद्धि दर Image Credit: Money9live

Highlights

  • अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी.
  • कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गर्ग का एक वीडियो क्लिप शेयर किया.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने GDP ग्रोथ को बहुत बड़ी उपलब्धि बताया.

बुधवार को कांग्रेस ने GDP के आंकड़ों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग की कही बातों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि पब्लिक रिलेशन (PR) से GDP की तस्वीर तो बेहतर दिख सकती है, लेकिन असल अर्थव्यवस्था नहीं.’

GDP में बदलाव

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गर्ग का एक वीडियो क्लिप शेयर किया. इसमें गर्ग ने कहा कि पिछले साल की GDP में 6 लाख करोड़ रुपये (6 ट्रिलियन रुपये) तक का बदलाव करने से, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में GDP में लगभग 10.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

गर्ग ने एक न्यूज चैनल से कहा, ‘अगर आपने पिछले साल की GDP में बदलाव नहीं किया होता, तो मौजूदा कीमतों पर विकास दर 2.6 फीसदी होती.’

आंकड़ों की बाजीगरी

X (पहले ट्विटर) पर हिंदी में किए गए अपने पोस्ट में रमेश ने कहा कि मोदी सरकार अपनी टीम और मीडिया के जरिए आंकड़ों की बाजीगरी से बनाई गई GDP ग्रोथ का चाहे जितना भी ढिंढोरा पीटे, उसकी असलियत सामने आ ही जाएगी, क्योंकि उनके दावे जमीनी हकीकत के बिल्कुल उलट हैं.

रमेश ने कहा, ‘पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने अब इस दावे की पोल खोल दी है. उनका आकलन है कि असली GDP ग्रोथ लगभग 2.6% है, न कि 7.8%.’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि अर्थव्यवस्था सच में मजबूत हो, लेकिन मजबूत अर्थव्यवस्था का रास्ता झूठ की बुनियाद पर गढ़े गए आंकड़ों को सजा-संवारकर नहीं बनता – यह सच को स्वीकार करने से बनता है.’

आर्थिक स्थिति को स्वीकार करे सरकार

रमेश ने कहा कि सरकार को सबसे पहले असली आर्थिक स्थिति को स्वीकार करना चाहिए और फिर सुधार करने चाहिए – युवाओं के लिए नौकरियां पैदा की जानी चाहिए, MSME और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, मांग और आय बढ़नी चाहिए, आर्थिक असमानता कम होनी चाहिए और कुछ खास उद्योगपतियों (क्रोनी कैपिटलिस्ट्स) को बढ़ावा देने के बजाय निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की जानी चाहिए.

कांग्रेस के आरोप के जवाब में सरकारी सूत्र के हावाले से इस दावे को खारिज कर दिया गया है. सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार, सही तुलना के लिए दोनों अवधि में एक तरीका और डेटा सोर्स का इस्तेमाल करना जरूरी होता है.

नई सीरीज के तहत, नॉमिनल GDP 80.00 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 88.27 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो 10.3 फीसदी की बढ़ोतरी है. रियल GDP 75.46 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 81.36 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो 7.8 फीसदी की बढ़ोतरी है.

7.8 फीसदी की दर

अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी. ईरान में युद्ध और उससे पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितता के कारण घरेलू आर्थिक रफ्तार पर असर पड़ने की आशंकाओं के बावजूद अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने GDP ग्रोथ को बहुत बड़ी उपलब्धि बताया.

तिमाही आधार पर गिरावट

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की ग्रोथ पिछली तिमाही के जबरदस्त 8.6 प्रतिशत से धीमी हो गई, लेकिन संघर्ष शुरू होने और ऊर्जा बाजारों में व्यवधान आने के समय की उम्मीदों से कहीं अधिक रही. कांग्रेस ने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की GDP ग्रोथ ‘आर्थिक बहार’ नहीं है और दावा किया कि यह भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति की ‘बहुत गलत तस्वीर’ पेश करती है, क्योंकि यह निवेश को लेकर कमजोर सेंटीमेंट को नहीं दिखाती है.

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