पैसा रखो तैयार! FD पर मिलेगा पक्का रिटर्न
भारतीय रुपया पिछले कुछ समय से डॉलर के मुकाबले कमजोर होता जा रहा है. पहले जहां 1 डॉलर खरीदने के लिए लगभग ₹84 लगते थे, अब करीब ₹96 देने पड़ रहे हैं. इसका असर सिर्फ विदेशी सामान खरीदने वालों पर नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ता है. जब रुपया कमजोर होता है तो पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनें और दूसरी इंपोर्ट की चीजें महंगी हो जाती हैं. इससे महंगाई बढ़ती है और लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ता है. रुपया कमजोर होने की बड़ी वजह अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें, विदेशी निवेशकों का पैसा निकालना और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं.
इस स्थिति में आरबीआई के सामने बड़ी चुनौती है. अगर वह ब्याज दरें बढ़ाता है तो लोन और ईएमआई महंगे हो जाएंगे, लेकिन दूसरी तरफ एफडी में निवेश करने वालों को ज्यादा फायदा मिल सकता है. अभी कई बैंक एफडी पर अच्छा ब्याज दे रहे हैं और अगर रेपो रेट बढ़ता है तो एफडी रिटर्न और बढ़ सकते हैं. इसलिए आज के समय में कई लोग शेयर बाजार की अनिश्चितता से बचकर सुरक्षित निवेश जैसे एफडी की तरफ ध्यान दे रहे हैं. आने वाले समय में आरबीआई के फैसले का असर लोगों की बचत, लोन और निवेश पर साफ दिखाई देगा.
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