पाकिस्तान की पिटाई को रुपये का समर्थन, लगातार दो दिन की कमजोरी के बाद 17 पैसे मजबूत होकर बंद
भारत की तरफ से पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को खत्म किए जाने के बाद से पाकिस्तान रह-रहकर भारतीय सेना से पिटाई खा रहा है. पाकिस्तान की यह पिटाई रुपये को पसंद आ रही है. दो दिन से लगातार कमजोरी के रुख के साथ बंद होने के बाद रुपया शुक्रवार को 17 पैसे की मजबूती के साथ बंद हुआ.
पाकिस्तान को एक तरफ भारतीय सेना की मार पड़ रही है, दूसरी तरफ इकोनॉमी और मार्केट के मोर्चे पर हालत पस्त हो रही है. पाकिस्तान का शेयर बाजार दो दिन के भीतर डबल डिजिट में क्रैश हो चुका है. जबकि, इस दौरान भारतीय बाजार मजबूती से खड़ा. ऐसा ही हाल रुपये का है. भले ही पिछले दो दिन लगातार डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आई, लेकिन शुक्रवार को भारतीय रुपये 17 पैसे मजबूती के साथ बंद हुआ है.
भारतीय रुपये की चाल को देखकर लगता है, जैसे 8 मई को भारतीय सेना ने जिस तरह से पाकिस्तानी हमले को नाकाम किया और उसके बाद पलवार करते हुए जोरदार पिटाई की है, उसे रुपये का समर्थन मिला है. शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 17 पैसे की मजबूती के साथ 85.41 के स्तर पर बंद हुआ. फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ती दुश्मनी के कारण रुपया कमजोर रुख के साथ खुला, लेकिन, दिन के आखिर में मजबूती के साथ बंद हुआ.
कैसा रहा रुपये का कारोबार
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज पर रुपया शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 85.88 पर खुला और दिन के कारोबार में 85.32 के इंट्रा डे हाई और 85.88 के इंट्रा डे लो के बीच घूमता रहा. दिन के आखिर में रुपया 85.41 के स्तर पर पर बंद हुआ, जो पिछले दिन की तुलना में 17 पैसे की मजबूती दिखाता है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
मेहता इक्विटीज लिमिटेड में कमोडिटीज के वाइस प्रेसिडेंट राहुल कलंत्री का कहना है कि दो दिनों की गिरावट के बाद रुपया थोड़ा संभला है, लेकिन पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के कारण मुद्रा में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. यूएस-यूके व्यापार समझौते और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण डॉलर इंडेक्स में मजबूत उछाल के कारण रुपये पर दबाव बना रह सकता है, लेकिन घरेलू इक्विटी बाजारों में एफपीआई इनफ्लो जारी रहने और उम्मीद से बेहतर कॉर्पोरेट आय से रुपये को समर्थन मिल रहा है. उम्मीद है कि अगले सप्ताह रुपया 84.7400-86.0500 के दायरे में कारोबार करेगा.
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