SEBI के आरोपों पर Rajesh Exports की सफाई, कहा- नहीं हुई कोई हेराफेरी
SEBI द्वारा रेवेन्यू इन्फ्लेशन और फाइनेंशियल मिसरिप्रेजेंटेशन के आरोप लगाए जाने के बाद Rajesh Exports ने सभी दावों को खारिज कर दिया है. कंपनी का कहना है कि उसके द्वारा घोषित रेवेन्यू फिगर्स पूरी तरह सही हैं और किसी प्रकार की रेवेन्यू ओवरस्टेटमेंट नहीं हुई है. SEBI ने अपनी अंतरिम जांच में कंपनी की रिपोर्ट की गई आय में 97 से 99 फीसदी तक बढ़ोतरी दिखाए जाने की आशंका जताई है.

Rajesh Exports: SEBI और देश की प्रमुख गोल्ड एक्सपोर्टर कंपनियों में से एक Rajesh Exports के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है. SEBI द्वारा कंपनी पर रेवेन्यू इन्फ्लेशन और फाइनेंशियल मिसरिप्रेजेंटेशन के आरोप लगाए जाने के बाद Rajesh Exports ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. कंपनी का कहना है कि उसके द्वारा घोषित सभी रेवेन्यू पूरी तरह सही हैं और किसी भी प्रकार की रेवेन्यू ओवरस्टेटमेंट नहीं की गई है. गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान में राजेश एक्सपोर्ट ने कहा कि SEBI का आदेश केवल एक इंटरिम ऑर्डर है और नियामक की ओर से अभी तक किसी भी मामले में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है. कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा रही है.
क्या है पूरा मामला
यह विवाद मार्च 2024 में एक शेयरहोल्डर कंप्लेंट के बाद शुरू हुआ था. शिकायत में कंपनी की फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में दिखाए गए बड़े ट्रेड रिसीवेबल्स पर सवाल उठाए गए थे. शिकायत मिलने के बाद SEBI ने मामले की जांच शुरू की और फोरेंसिक ऑडिट के लिए बीडीओ इंडिया सर्विसेज को नियुक्त किया.
जांच और फोरेंसिक रिव्यू के आधार पर SEBI ने 109 पन्नों का एक इंटरिम ऑर्डर जारी किया. इस आदेश में नियामक ने प्राइमा फेसी एविडेंस का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी की रिपोर्ट की गई रेवेन्यू का लगभग 97 से 99 फीसदी हिस्सा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया हो सकता है. SEBI ने अपने निष्कर्षों को बेहद गंभीर बताया है.
राजेश एक्सपोर्ट ने क्या दिया जवाब
SEBI के आरोपों के बाद Rajesh Exports ने कहा कि कंपनी और नियामक के बीच किसी प्रकार का कम्युनिकेशन गैप या गलतफहमी हो सकती है. कंपनी के अनुसार, वह सभी तथ्यों को स्पष्ट करने की प्रक्रिया में है और SEBI को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा रही है.
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि रेवेन्यू से जुड़े सभी आंकड़े सही हैं और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. राजेश एक्सपोर्ट का कहना है कि उसे विश्वास है कि दस्तावेजों और स्पष्टीकरणों की समीक्षा के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.
प्रमोटर पर भी कार्रवाई
SEBI ने इंटरिम ऑर्डर के तहत कंपनी के प्रमोटर राजेश मेहता पर भी प्रतिबंध लगाए हैं. नियामक ने उन्हें अगले आदेश तक Rajesh Exports के सिक्योरिटीज में खरीद, बिक्री या किसी भी प्रकार का लेन-देन करने से रोक दिया है. इसके अलावा, कंपनी को जांच में पूरा सहयोग करने, फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में सही और निष्पक्ष जानकारी देने तथा रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस का उचित खुलासा करने का निर्देश दिया गया है.
शेयरों में दिखा दबाव
SEBI के आदेश का असर कंपनी के शेयरों पर भी दिखाई दिया. गुरुवार को Rajesh Exports के शेयर बीएसई पर 5 फीसदी के लोअर सर्किट के साथ 104.65 रुपये पर पहुंच गए. निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ने के कारण शेयरों में बिकवाली देखने को मिली.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर SEBI की आगे की कार्रवाई और Rajesh Exports द्वारा पेश किए जाने वाले दस्तावेजों पर रहेगी. यदि कंपनी नियामक की चिंताओं का संतोषजनक जवाब देने में सफल रहती है, तो स्थिति बदल सकती है.
यह भी पढ़ें: इस IPO का GMP दे रहा बंपर मुनाफे का संकेत! ₹166 के शेयर से मिल रहा ₹27200 का लिस्टिंग गेन
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.