सरकार ने IMPCL की बिक्री को दी मंजूरी, Skymap Pharmaceuticals खरीदेगी कंपनी, जानें डिटेल

केंद्र सरकार ने Indian Medicines Pharmaceutical Corporation Ltd की रणनीतिक बिक्री को मंजूरी दे दी है. Skymap Pharmaceuticals Pvt Ltd ने 121 करोड़ रुपये से ज्यादा की सबसे ऊंची बोली लगाकर कंपनी खरीदने का अधिकार हासिल किया है. आयुष मंत्रालय के तहत काम करने वाली यह कंपनी आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं बनाती है.

सरकार ने इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड की रणनीतिक बिक्री को मंजूरी दे दी है. Image Credit: CANVA

IMPCL: केंद्र सरकार ने इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड की रणनीतिक बिक्री को मंजूरी दे दी है. Skymap Pharmaceuticals Pvt Ltd ने 121 करोड़ रुपये से ज्यादा की बोली लगाकर कंपनी को खरीदने का अधिकार हासिल किया है. वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी. यह बिक्री सरकार की विनिवेश योजना का हिस्सा है. इसके तहत कंपनी की 100 फीसदी हिस्सेदारी और मैनेजमेंट कंट्रोल खरीदार को सौंपा जाएगा. अब इस सौदे को जल्द पूरा करने की तैयारी शुरू हो गई है.

121 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली

सरकार को Indian Medicines Pharmaceutical Corporation Ltd में हिस्सेदारी बिक्री के लिए दो वित्तीय बोलियां मिली थीं. इनमें Skymap Pharmaceuticals Pvt Ltd सबसे ऊंची बिडर रही. कंपनी ने 121 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाई. वित्त मंत्रालय के मुताबिक यह बोली रिजर्व प्राइस से भी ज्यादा थी. इसके बाद सरकार ने इस बोली को मंजूरी दे दी. सफल बिडर को लेटर ऑफ अवार्ड भी जारी कर दिया गया है.

आयुष मंत्रालय के तहत काम करती है IMPCL

Indian Medicines Pharmaceutical Corporation Ltd आयुष मंत्रालय के तहत काम करती है. कंपनी आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के मैन्युफैक्चिरिंग और सप्लाई का काम करती है. सरकारी संस्थानों के साथ इसका जुड़ाव लंबे समय से रहा है. कंपनी की बिक्री को लेकर सरकार ने नवंबर 2017 में सैद्धांतिक मंजूरी दी थी.

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दो चरण में पूरी हुई बोली प्रक्रिया

इस बिक्री प्रक्रिया को खुले और कंपटीशन तरीके से दो चरण में पूरा किया गया. सरकार ने सितंबर 2023 में शुरुआती जानकारी पत्र जारी कर इच्छुक कंपनियों से रुचि मांगी थी. कुल सात पक्षों ने रुचि दिखाई थी. बाद में सभी को योग्य बिडर माना गया. इसके बाद जांच प्रक्रिया और सुरक्षा मंजूरी पूरी की गई. दिसंबर 2025 में अंतिम प्रस्ताव मांगे गए थे.