मार्च से नहीं मिला SpiceJet पायलटों को वेतन, अब कंपनी को सरकार से आस, मांगा ₹1500 करोड़ का सहारा

कभी भारत की दूसरी सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन रही स्पाइसजेट अब गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है. कंपनी पर नकदी का दबाव इतना बढ़ गया है कि कई पायलटों को महीनों से पूरा वेतन नहीं मिल पाया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइन ने हालात संभालने के लिए सरकार की आपातकालीन क्रेडिट गारंटी योजना के तहत 1500 करोड़ रुपये तक के लोन के लिए आवेदन किया है.

स्पाइसजेट Image Credit: Nasir Kachroo/NurPhoto via Getty Images

आर्थिक तंगी से जूझ रही भारतीय एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) के बुरे दिन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कंपनी मार्च महीने से अपने कई पायलटों को सैलरी तक नहीं दे पा रही है. नकदी संकट से घिरी यह एयरलाइन अब अपने परिचालन को पटरी पर लाने के लिए सरकार की मदद तलाश रही है. कंपनी ने सरकारी गारंटी वाली आपातकालीन क्रेडिट योजना के तहत लोन के लिए आवेदन किया है, ताकि इस वित्तीय भंवर से निकला जा सके.

कभी 2019 में 15% मार्केट शेयर के साथ भारत की दूसरी सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन रही स्पाइसजेट आज चौथे पायदान पर खिसक कर महज 3.4% पर आ गई है. कंपनी की लंबे समय से चली आ रही वित्तीय मुश्किलें पश्चिम एशिया संकट के कारण और बढ़ गई हैं, जिसने ईंधन की कीमतों को बढ़ा दिया है और हवाई क्षेत्र तक पहुंच को सीमित कर दिया है.

व्हाट्सएप ग्रुप चैट से खुला राज, मुश्किल में पायलट

रॉयटर्स ने पायलटों के एक व्हाट्सएप ग्रुप चैट की समीक्षा की है, जिसमें 180 से ज्यादा मेंबर्स और कम से कम एक वरिष्ठ एयरलाइन अधिकारी शामिल हैं. इस चैट से सामने आया है कि मार्च तक 375 पायलटों वाली इस एयरलाइन में कई महीनों से वेतन बकाया है.

ग्रुप में एक पायलट ने लिखा, “रोजमर्रा के खर्चों को संभालना वास्तव में बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है. स्थिति ऐसी है कि जरूरी वित्तीय खर्चों को पूरा करने के लिए दूसरों से मदद मांगनी पड़ रही है.”

रिपोर्ट के अनुसार, स्पाइसजेट के फ्लाइट ऑपरेशंस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट वीरेंद्र मल्होत्रा ने 26 मई को एक संदेश में स्वीकार किया था कि वेतन में देरी के कारण पायलट कठिन दौर से गुजर रहे हैं और जल्द ही फरवरी के बचे हुए वेतन को जारी कर दिया जाएगा. हालांकि, जब रॉयटर्स ने उनसे इस पर टिप्पणी मांगी, तो उन्होंने ऐसे किसी भी संदेश को भेजने से साफ इनकार कर दिया.

स्पाइसजेट ने माना- भुगतान में हुई है देरी

रॉयटर्स को दिए एक बयान में स्पाइसजेट ने माना कि भुगतान में देरी हुई है. एयरलाइन ने कहा, “कर्मचारियों का भुगतान पिछले कुछ महीनों की प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और अधिकांश कर्मचारियों को मार्च महीने का वेतन दिया जा चुका है.”

कंपनी ने कहा कि वह स्थिति को सामान्य करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. बाहरी कारकों और पश्चिम एशिया संकट ने उनके कैश फ्लो को प्रभावित किया है, लेकिन अगले कुछ महीनों में कारोबार सामान्य होने की उम्मीद है. फिलहाल स्पाइसजेट के पास 21 विमानों का बेड़ा चालू स्थिति में है.

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सरकार से 15 अरब रुपये के लोन की आस

इस संकट से उबरने के लिए स्पाइसजेट अब भारत सरकार की ‘इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम’ (ECLGS) का सहारा ले रही है. इसके तहत एयरलाइंस 15 अरब रुपये ($156.74 मिलियन) तक के सरकारी गारंटी वाले लोन ले सकती हैं.

स्पाइसजेट का यह संकट नया नहीं है. किंगफिशर, जेट एयरवेज और गो फर्स्ट जैसी एयरलाइंस की तरह ही स्पाइसजेट भी 2014 से समय-समय पर वित्तीय दिक्कतों के कारण वेतन टालती रही है. इस साल कंपनी के शेयर 60% तक टूट चुके हैं. लगातार कानूनी और पेमेंट विवादों से घिरी स्पाइसजेट को इस साल कम से कम दो विमान लीज पर देने वाली कंपनियों (Lessors) ने पेमेंट डिफॉल्ट के नोटिस भी भेजे हैं.