अब खुलेगा होर्मुज! ईरान और ओमान ने तय कर लिए नए रूट, जल्द हो सकता है ऐलान; लेकिन ट्रंप नहीं हैं राजी
यह समझौता इस बात पर निर्भर हो सकता है कि अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटा ले. ट्रंप प्रशासन ने पहले ही किसी भी ऐसे समझौते से इनकार कर दिया है. ईरान ने इस जलडमरूमध्य पर कुछ हद तक नियंत्रण बनाए रखने पर जोर दिया है.

ईरान ने बुधवार को कहा कि वह ओमान के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक समझौते का ड्राफ्ट तैयार करने के आखिरी चरण में है. दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस हफ्ते किसी समझौते की घोषणा हो सकती है. इससे यह अहम जलमार्ग फिर से खुल सकता है, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव कम हो सकता है और युद्ध को खत्म करने में मदद मिल सकती है.
लेकिन यह समझौता इस बात पर निर्भर हो सकता है कि अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटा ले. ट्रंप प्रशासन ने पहले ही किसी भी ऐसे समझौते से इनकार कर दिया है, जिससे इस जलडमरूमध्य पर ईरान का कब्जा मजबूत हो, क्योंकि यह अमेरिका के लिए बड़ा नुकसान और वैश्विक नियमों का उल्लंघन होगा.
होर्मुज पर कंट्रोल बनाए रखने पर जोर
ईरान ने इस जलडमरूमध्य पर कुछ हद तक नियंत्रण बनाए रखने पर जोर दिया है और कहा है कि यह युद्ध से पहले की तरह खुला अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग नहीं रहेगा. अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर 28 फरवरी को युद्ध शुरू किया था, जिसके कई मकसद थे, जैसे ईरान की सरकार को गिराना और उसके परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना.
ये मकसद पूरे नहीं हो सके और संघर्ष अब इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की लड़ाई में बदल गया है, क्योंकि ईरान के नियंत्रण के दावों और जहाजों पर हमलों के कारण यहां से आवाजाही लगभग ठप हो गई है.
रूट बंद होने का असर
इस जलडमरूमध्य के बंद होने से ईंधन और जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल मची है. इस रूट से दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल और प्राकृतिक गैस का व्यापार होता था. ट्रंप पर अमेरिकी कांग्रेस चुनावों से पहले एक अलोकप्रिय युद्ध को खत्म करने का दबाव भी बढ़ रहा है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ओमान के साथ समझौते का ड्राफ्ट आखिरी चरण में है और अगर कुछ पक्ष इस प्रक्रिया में बाधा नहीं डालते हैं तो एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा. जाहिर है उनका इशारा अमेरिका की ओर था.
मोजतबा खामेनेई की मंजूरी का इंतजार
क्षेत्रीय अधिकारियों ने AP को बताया कि ईरान और ओमान के वार्ताकारों ने जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए समझौते का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और वे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं. माना जाता है कि खामेनेई युद्ध की शुरुआती बमबारी में घायल हो गए थे और तब से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है.
विवाद का अस्थायी समाधान
बातचीत की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने इस संभावित समझौते को जलडमरूमध्य को लेकर चल रहे विवाद का एक अस्थायी समाधान बताया. उन्होंने कहा कि यह जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए उस समझौते से जुड़ा है जिसका मकसद लड़ाई खत्म करना और जलमार्ग को फिर से खोलना था, लेकिन आखिरकार वह समझौता विफल हो गया था.
नाम न बताने की शर्त पर निजी बातचीत के बारे में बात करने वाले अधिकारियों ने कहा कि इस संभावित समझौते से अमेरिका और ईरान के बीच तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू करने का रास्ता साफ होगा.
समझौते के तहत क्या होगा रूट?
इससे पहले, उन्होंने कहा था कि संभावित समझौते के तहत जहाज ईरान के कंट्रोल वाले रास्ते से फारस की खाड़ी में प्रवेश करेंगे और ओमान के कंट्रोल वाले रास्ते से बाहर निकलेंगे. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा प्रदान करने और समुद्री पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सर्विस फीस ली जाएगी. अमेरिका ने कहा है कि वह किसी भी ऐसी व्यवस्था का कड़ा विरोध करता है जिसके तहत ईरान फीस ले.
ट्रंप का दावा
ट्रंप ने कहा कि जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को फिर से खोलने का समझौता करीब है. मंगलवार शाम पत्रकारों ने ट्रंप से ‘एक्सियोस’ (Axios) समाचार साइट की एक रिपोर्ट के बारे में पूछा, जिसमें कहा गया था कि जलडमरूमध्य के बारे में बुधवार को घोषणा की जा सकती है. ट्रंप ने कहा, ‘ऐसा हो सकता है. कल या परसों. काफी प्रगति हुई है.’
उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने बुधवार को माना कि ऐसा लग सकता है कि अमेरिका ईरान के मामले में प्रगति नहीं कर रहा है. उन्होंने युद्ध को खत्म करने की कोशिश को उलझा हुआ बताया और कहा कि इसमें कुछ समय लगेगा.
तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
बुधवार को तेल की कीमतों में भी शुरुआत में गिरावट आई, लेकिन बाद में थोड़ी बढ़ोतरी हुई. अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 80 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी, जो संघर्ष के चरम पर पहुंची कीमतों से अभी भी काफी कम है. हाल के दिनों में ट्रंप ने कभी बड़े हमले करने की धमकी दी है तो कभी कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया है.
क्षेत्रीय शिपिंग पर हमले
क्षेत्रीय शिपिंग पर हमले जारी हैं. यमन में ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने बुधवार को दावा किया कि उन्होंने सऊदी बंदरगाह यानबू के पास लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, हालांकि उन्होंने इसका कोई सबूत नहीं दिया. सऊदी अरब की ओर से इस पर कोई तत्काल टिप्पणी नहीं आई.