रिटेल इन्वेस्टर शेयर मार्केट के Back Bone, 2 साल में बने रियल हीरो, ये हैं न्यू इंडिया की पावर- बरुण दास
Money9 Financial Freedom Summit 2026: उन्होंने अपने स्वागत भाषण की शुरुआत पिछले कुछ समय में सोने की कीमत में आई तेजी पर ध्यान आकर्षित करते हुए की. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में भारत में सोने की कीमतें डबल हुई हैं. भारतीय परिवारों ने अपने पुरखों की दौलत से उतना ही कमाया जितना पूरे स्टॉक मार्केट ने मार्केट कैप से कमाया.
Money9 Financial Freedom Summit 2026: मनी9 के फाइनेंशियल फ्रीडम समिट 2026 का आगाज टीवी9 नेटवर्क के एमडी और सीईओ बरुण दास के वेलकम एड्रेस के साथ हुआ. उन्होंने अपने स्वागत भाषण की शुरुआत पिछले कुछ समय में सोने की कीमत में आई तेजी पर ध्यान आकर्षित करते हुए की. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में भारत में सोने की कीमतें डबल हुई हैं. भारतीय परिवारों ने अपने पुरखों की दौलत से उतना ही कमाया जितना पूरे स्टॉक मार्केट ने मार्केट कैप से कमाया.
सोना भारतीय परिवारों की असली ताकत
बरुण दास ने कहा, ‘मुझे अक्सर लगता है कि हमारी दादी-नानी सही थीं, सोना सच में दिन बचाता है. पिछले डेढ़ साल में भारत में सोने की कीमतें दोगुनी हो गईं.’ भारतीय परिवारों ने अपने पुरखों की दौलत से उतना ही कमाया जितना पूरे स्टॉक मार्केट ने मार्केट कैप से कमाया. भारतीय परिवारों के पास लगभग 27,000 टन सोना है, जिससे उनकी दौलत में लगभग 100 लाख करोड़ रुपये जुड़ गए और यही भारतीय परिवारों की असली ताकत है. हम पूरी दुनिया में ऐसे लोग हैं, जो सोने पर सबसे अधिक मालिकाना हक रखते हैं.
रिटेल इन्वेस्टर्स हैं असली हीरो
स्टॉक मार्केट में रिटेल इन्वेस्टर्स की बढ़ती दिलचस्पी पर बरुण दास ने कहा कि पिछले दो साल में स्टॉक मार्केट के रियल हीरो इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स नहीं, बल्कि रिटेल इन्वेस्टर्स हैं. उन्होंने कहा, ‘Money9 फाइनेंशियल फ्रीडम समिट के चौथे एडिशन में आप सभी का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है. हमने TV9 नेटवर्क पर Money9 को एक खास मिशन के साथ लॉन्च किया था ताकि हम अपने देश के लोगों में भारतीय भाषाओं में फाइनेंशियल लिटरेसी फैला सकें और उन्हें फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट बनने में मदद कर सकें. हममें से लगभग सभी लोग पैसे के लिए काम करते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि जब पैसा हमारे लिए काम करता है, तो हम फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट हो जाते हैं. 2024 और 2025 में विदेशी निवेशक नेट सेलर रहे, लेकिन इस स्थिति में रिटेल निवेशक स्टॉक मार्केट के बैकबोन बन गए.
SIP ने बनाया है रिकॉर्ड
उन्होंने कहा कि हाल के समय में देखें, तो दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश ने मासिक आधार पर 31 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को छू लिया. जनवरी में हमारे देश में 26 करोड़ से अधिक SIP अकाउंट मौजूद थे. यह एक बहुत बड़ी संख्या है.
टीवी9 नेटवर्क के एमडी और सीईओ बरुण दास ने कहा कि दुनिया भर में उथल-पुथल के बीच, सच तो यह है कि लेटेस्ट डेटा भारत में SIP इन्वेस्टमेंट में थोड़ी गिरावट दिखाता है. हालांकि, इक्विटी में SIP ने अपनी जगह बनाए रखी है. मुझे उम्मीद है कि यह ट्रेंड जारी रहेगा.
म्यूचुअल फंड सही है
बरुण दास रिटेल निवेशकों से काफी प्रभावित नजर आए. उन्होंने कहा, ‘भारत में रिटेल इन्वेस्टर मैच्योर हो गए हैं. वे समझदार हो गए हैं. उन्होंने हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए भारत के फाइनेंशियल इनक्लूजन मिशन की ताकत का फायदा उठाया है. वे साफ-साफ कह रहे हैं म्यूचुअल फंड सही है. वे आखिरकार समझ गए हैं कि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट ही वह एकमात्र तरीका है जिससे आने वाले साल में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी भारत में सही मायने में दौलत कमाई जा सकती है. वे समझ गए हैं कि मार्केट में टाइमिंग मायने नहीं रखती, बल्कि मार्केट में समय ही कंपाउंडिंग के जरिए पैसा बनाता है.’
अपने वेलकम एड्रेस के आखिर में उन्होंने कहा ‘ऐसा लगता है कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर दांव लगाने की कोई जरूरत नहीं है, जहां डेटा पर कोई सवाल नहीं है और जो साफ तौर पर दिखाता है कि रिटेल इन्वेस्टर्स F&O से पैसा कमाने के बजाय पैसा गंवा रहे हैं. आज शाम हमारे साथ फाइनेंस और मार्केट की दुनिया के कुछ बेहतरीन माइंड्स हैं. कहने की जरूरत नहीं है कि उनके कीमती आइडिया हमेशा सिखाने वाले होते हैं.’
