ईरान युद्ध से तेल का ‘बादशाह’ भी नहीं बच पाया, UAE में एक झटके में बढ़े पेट्रोल- डीजल के 50 रुपये तक दाम
मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिसका असर UAE में ईंधन कीमतों पर दिखा. अप्रैल 2026 से पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं. पेट्रोल में 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है. UAE में फ्यूल प्राइस ग्लोबल मार्केट से जुड़े होने के कारण यह बदलाव आया है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर यूएई में आम लोगों की जेब पर दिखने वाला है. UAE ने अप्रैल 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं, जिनमें जोरदार बढ़ोतरी हुई है. नई रेट के मुताबिक, UAE ईंधन मूल्य समिति ने मंगलवार को अप्रैल 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की नई रिटेल कीमतें जारी कर दी हैं. नई दरों के मुताबिक Super 98 पेट्रोल अब 3.39 दिरहम प्रति लीटर मिलेगा, जो भारतीय रुपये में करीब 87.12 रुपये बैठता है, जबकि मार्च में यह 2.59 दिरहम यानी करीब 66.56 रुपये प्रति लीटर था. इसी तरह Special 95 पेट्रोल की कीमत 3.28 दिरहम प्रति लीटर तय की गई है, जो लगभग 84.30 रुपये होती है, जबकि पिछले महीने यह 2.48 दिरहम यानी करीब 63.74 रुपये प्रति लीटर था.
टेबल से समझें
| ईंधन प्रकार | मार्च कीमत (दिरहम) | मार्च कीमत (₹) | अप्रैल कीमत (दिरहम) | अप्रैल कीमत (₹) |
|---|---|---|---|---|
| Super 98 पेट्रोल | 2.59 | 66.56 | 3.39 | 87.12 |
| Special 95 पेट्रोल | 2.48 | 63.74 | 3.28 | 84.30 |
| E-Plus पेट्रोल | 2.40 | 61.68 | 3.20 | 82.24 |
| डीजल | 2.72 | 69.90 | 4.69 | 120.53 |
E-Plus पेट्रोल की कीमत अब 3.20 दिरहम प्रति लीटर हो गई है, जो भारतीय रुपये में करीब 82.24 रुपये बैठती है, जबकि मार्च में यह 2.40 दिरहम यानी 61.68 रुपये प्रति लीटर थी. डीजल की कीमत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है. अब डीजल 4.69 दिरहम प्रति लीटर यानी करीब 120.53 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले यह 2.72 दिरहम यानी करीब 69.90 रुपये प्रति लीटर था. हालांकि नई कीमतें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी.
वैश्विक तेल उत्पादन में टॉप 10 देशों का योगदान
| देश | प्रति दिन उत्पादन (मिलियन बैरल) | वैश्विक हिस्सेदारी |
|---|---|---|
| संयुक्त राज्य अमेरिका | 21.91 | 22% |
| सऊदी अरब | 11.13 | 11% |
| रूस | 10.75 | 11% |
| कनाडा | 5.76 | 6% |
| चीन | 5.26 | 5% |
| इराक | 4.42 | 4% |
| ब्राजील | 4.28 | 4% |
| संयुक्त अरब अमीरात | 4.16 | 4% |
| ईरान | 3.99 | 4% |
| कुवैत | 2.91 | 3% |
| शीर्ष 10 कुल | 74.59 | 73% |
| विश्व कुल | 101.81 | — |
UAE में कैसे तय होते हैं फ्यूल के दाम
UAE में पेट्रोल-डीजल की कीमतें सरकार तय नहीं करती, बल्कि इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा गया है. 2015 में सरकार ने कीमतों को डिरेगुलेट कर दिया था, जिसके बाद हर महीने एक कमेटी वैश्विक तेल कीमतों के आधार पर नई दरें तय करती है.
इसका सीधा मतलब है कि अगर दुनिया में कच्चा तेल महंगा होता है तो UAE में भी ईंधन महंगा हो जाता है। यानी यहां के लोग सीधे तौर पर ग्लोबल ऑयल मार्केट के उतार-चढ़ाव का असर झेलते हैं.
आखिर क्यों बढ़े दाम ?
मार्च 2026 में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज उछाल आया. ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो पिछले महीने करीब 69 डॉलर थी. इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य संघर्ष है. 28 फरवरी को शुरू हुए इस टकराव ने पूरे मध्य पूर्व को तनाव में डाल दिया.
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों और ऑयल टैंकरों के लिए बंद कर दिया गया. यह वही रास्ता है जहां से दुनिया का लगभग 20 से 25 प्रतिशत तेल गुजरता है. इसके अलावा ईरान और कतर के ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर हमलों ने भी तेल की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी, जिससे बाजार में घबराहट और बढ़ गई.
आम लोगों पर कैसे पड़ता है असर ?
ईंधन की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ गाड़ी चलाने तक सीमित नहीं रहता. जब पेट्रोल-डीजल महंगा होता है तो ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ता है, जिससे खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक सब कुछ महंगा होने लगता है. यानी इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ता है और आम लोगों का बजट बिगड़ सकता है. UAE के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में इसका असर देखने को मिलेगा.
इसे भी पढ़ें- इंडिगो ने विलियम वॉल्श को नियुक्त किया अपना सीईओ, पीटर एल्बर्स की लेंगे जगह
