UDAN योजना को झटका! ₹10,200 करोड़ खर्च… फिर भी 326 रूटों पर उड़ानें बंद, ₹28,840 करोड़ से मिलेगा बूस्ट?

देश के छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN) योजना को बड़ा झटका लगा है. योजना के तहत शुरू किए गए 663 रूटों में से फिलहाल सिर्फ 337 पर ही उड़ानें संचालित हो रही हैं, जबकि करीब आधे रूट बंद हो चुके हैं. यह स्थिति तब है, जब सरकार इस योजना पर अब तक लगभग 10,200 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है.

UDAN Yojna Image Credit: Canva/ Money9

UDAN Yojna : देश के छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी उड़ान (UDAN) योजना को बड़ा झटका लगा है. राज्य सभा में दिए एक जवाब में सरकार ने बताया है कि योजना शुरू होने के बाद अब तक जिन 663 रूटों पर उड़ानें शुरू की गई थीं, उनमें से केवल 337 रूटों पर ही फिलहाल सेवाएं जारी हैं और 326 रुटों पर उड़ानें बंद हो गई है. यानी लगभग आधे रूट बंद हो चुके हैं. यह स्थिति तब है, जब सरकार इस योजना पर अब तक करीब 10,200 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है और अब इसका दूसरा चरण भी शुरू किया जा रहा है.

क्या है UDAN योजना?

UDAN योजना की शुरुआत साल 2017 में हुई थी. इसका मकसद छोटे शहरों और ऐसे इलाकों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना था, जहां पहले नियमित उड़ानें नहीं थीं. इसके तहत सरकार एयरलाइंस को सब्सिडी देती है ताकि वे कम किराए में यात्रियों को हवाई यात्रा की सुविधा दे सकें. साथ ही छोटे एयरपोर्टों के निर्माण और डेवलपमेंट पर भी सरकार खर्च करती है.

आधे रूटों पर उड़ानें क्यों बंद हो गईं?

योजना के तहत कई रूटों पर शुरुआत में उड़ानें तो शुरू हुईं, लेकिन समय के साथ उन्हें बंद करना पड़ा. इसकी सबसे बड़ी वजह यह रही कि इन रूटों पर यात्रियों की संख्या उम्मीद से काफी कम रही. इसके अलावा कई छोटे एयरलाइंस बंद हो गए या उन्होंने अपने ऑपरेशन में कटौती कर दी. वहीं, तीन साल की सरकारी सब्सिडी खत्म होने के बाद कई रूट एयरलाइंस के लिए घाटे का सौदा बन गए, जिससे उड़ानें बंद करनी पड़ीं.

एयरलाइंस को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है?

क्षेत्रीय एयरलाइंस का कहना है कि छोटे शहरों से उड़ानें सफल बनाने के लिए बड़े एयरपोर्ट जैसे दिल्ली और मुंबई से बेहतर कनेक्टिविटी जरूरी है. कई छोटे एयरपोर्ट अब भी पूरी तरह तैयार नहीं हैं, जिससे नई उड़ानें शुरू करने में दिक्कत आती है. इसके अलावा छोटे विमान किराये पर मिलना भी आसान नहीं है, जिससे नई एयरलाइंस के लिए कारोबार शुरू करना महंगा पड़ता है.

सरकार ने अब तक कितना खर्च किया?

Business Today ने एक RTI के जवाब के हवाले से बताया है कि सरकार ने अब तक इस योजना के तहत एयरलाइंस को सब्सिडी देने के लिए करीब 4,833.25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. वहीं, दूर-दराज के इलाकों में एयरपोर्ट और जरूरी सुविधाएं विकसित करने पर करीब 5,500 करोड़ रुपये लगाए गए हैं. यानी अब तक कुल मिलाकर लगभग 10,200 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं.

UDAN 2.0 में क्या बदलेगा?

सरकार अब UDAN 2.0 शुरू कर रही है. इसके लिए कुल 28,840 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि एयरलाइंस को मिलने वाली सब्सिडी की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है, ताकि वे लंबे समय तक इन रूटों पर उड़ानें चला सकें. इसके अलावा छोटे एयरपोर्टों के रखरखाव के लिए भी अलग से फंड दिया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इन बदलावों से योजना पहले से ज्यादा सफल होगी और छोटे शहरों की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी.

यह भी पढ़ें: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.65 अरब डॉलर घटा, गोल्ड रिजर्व में भी बड़ी गिरावट