कैबिनेट ने 28840 करोड़ रुपये के बजट के साथ UDAN 2.0 स्कीम को दी मंजूरी, 100 नए एयरपोर्ट बनाने की योजना
नई योजना के तहत, 100 नए एयरपोर्ट 'चैलेंज मोड' में विकसित किए जाएंगे, जिनकी औसत लागत प्रति हवाई अड्डा 100 करोड़ रुपये होगी और इसके लिए 12,159 करोड़ रुपये का बजटीय सहयोग दिया जाएगा. मूल UDAN योजना अक्टूबर 2016 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य हवाई यात्रा को किफायती बनाना था.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 28,840 करोड़ रुपये के खर्च वाली संशोधित UDAN 2.0 योजना को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य पूरे देश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करना और एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना है. यह नई योजना अगले 10 वर्षों तक लागू रहेगी. नई योजना के तहत, 100 नए एयरपोर्ट ‘चैलेंज मोड’ में विकसित किए जाएंगे, जिनकी औसत लागत प्रति हवाई अड्डा 100 करोड़ रुपये होगी और इसके लिए 12,159 करोड़ रुपये का बजटीय सहयोग दिया जाएगा.
10 वर्षों तक चलेगी स्कीम
केंद्रीय कैबिनेट मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, ‘UDAN योजना 10 वर्षों तक चलेगी, और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का विस्तार करने के लिए मौजूदा हवाई पट्टियों को हवाई अड्डों में बदला जाएगा.’ इसके अलावा, इस योजना में ‘मेड-इन-इंडिया’ विमानों की खरीद भी शामिल है, जिसके लिए 400 करोड़ रुपये का बजटीय सहयोग दिया जाएगा. यह कदम घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों के अनुरूप है.
आत्मनिर्भर भारत अभियान
‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के अनुरूप, सरकार ने क्षेत्रीय ऑपरेशन के लिए उपयुक्त छोटे विमानों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से, देश में ही निर्मित विमानों की खरीद का प्रस्ताव रखा है. इनमें पवन हंस के लिए HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर के लिए HAL डोर्नियर विमान शामिल हैं.
छोटे शहरों में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने कहा कि इस योजना से टियर-2 और टियर-3 शहरों में आर्थिक विकास, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र में भी सुधार होगा. इसका उद्देश्य भारत के विमानन इकोसिस्टम को मजबूत करना और ‘विकसित भारत 2047’ के व्यापक दृष्टिकोण में योगदान देना भी है.
ऑपरेशन और रखरखाव
इस योजना में ऑपरेशन और रखरखाव (O&M) सहायता का भी प्रावधान है, जिसके तहत कैबिनेट ने RCS हवाई अड्डों के लिए तीन साल की सहायता को मंजूरी दी है. इसमें हर साल प्रति हवाई अड्डा 3 करोड़ रुपये और प्रति हेलीपैड 90 लाख रुपये की सीमा तय की गई है, जिसके लिए कुल 2,577 करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन दिया जाएगा.
कब शुरू हुई थी UDAN योजना
मूल UDAN योजना अक्टूबर 2016 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य हवाई यात्रा को किफायती बनाना और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों तक कनेक्टिविटी को मजबूत करना था. योजना के लागू होने के 9 से ज्यादा साल में, 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और वॉटर एयरोड्रोम पर 663 रूट चालू किए जा चुके हैं.
सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है, ‘3.41 लाख से उड़ानें संचालित की गई हैं, जिनके जरिए 162.47 लाख यात्रियों ने यात्रा की है. दूरदराज के, पहाड़ी और द्वीपीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी स्थापित की गई है, जिससे पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और आपातकालीन सेवाओं को बढ़ावा मिला है. इस योजना ने क्षेत्रीय एयरलाइनों और अलग-अलग बेड़े के ऑपरेशन में विकास को बढ़ावा दिया है, जिससे संशोधित UDAN योजना के लिए एक मजबूत नींव रखी गई है.
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