क्या फिर टूटेगा बाजार? US-Iran टेंशन गहराया, एशियाई बाजारों में बड़ी बिकवाली; Gift Nifty 2 फीसदी नीचे
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला. ब्रेंट क्रूड 3 फीसदी से ज्यादा उछलकर 97.29 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड भी 3.42 फीसदी बढ़कर 91.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. Gift Nifty 50 करीब 2 फीसदी गिरकर 23,580 के स्तर तक पहुंच गया, जो भारतीय बाजार में गैप-डाउन ओपनिंग का संकेत दे रहा है.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब ग्लोबल बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है. गुरुवार, 28 मई को Gift Nifty करीब 2 फीसदी टूट गया, जिससे शुक्रवार, 29 मई को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट के साथ शुरुआत होने के संकेत मिल रहे हैं. आज बकरीद की छुट्टी के कारण घरेलू शेयर बाजार बंद हैं. बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेशन, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और एशियाई बाजारों में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. Gift Nifty करीब 2 फीसदी गिरकर 23,580 के स्तर तक पहुंच गया, जो भारतीय बाजार में गैप-डाउन ओपनिंग का संकेत दे रहा है.
गिरावट की बड़ी वजह क्या रही?
- यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य तनाव बढ़ने के बाद आई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के एक सैन्य ठिकाने पर देर रात हमला किया, जिससे तीन महीने से जारी तनाव और बढ़ गया. हालांकि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत भी जारी है.
- इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 4:50 बजे अमेरिकी एयरबेस पर हमला करने का दावा किया. ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के अनुसार, हमले में मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, हालांकि एयरबेस की लोकेशन सार्वजनिक नहीं की गई.
- उधर, कुवैत में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरों ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज के पास अमेरिकी सेना ने ईरान के चार ड्रोन मार गिराए, जिन्हें कमर्शियल शिपिंग और अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए खतरा माना गया.
- अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास में ईरान के एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर भी कार्रवाई की, जहां से कथित तौर पर ड्रोन लॉन्च की तैयारी की जा रही थी.
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला. ब्रेंट क्रूड 3 फीसदी से ज्यादा उछलकर 97.29 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड भी 3.42 फीसदी बढ़कर 91.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे आयात करने वाले देशों के लिए चिंता का विषय मानी जाती है क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ सकता है.
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी
तनाव बढ़ने के बाद एशियाई शेयर बाजारों में भी बिकवाली देखने को मिली. हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.42 फीसदी गिरा, दक्षिण कोरिया का KOSPI 1.01 फीसदी कमजोर हुआ, जबकि जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.62 फीसदी नीचे कारोबार करता दिखा.
बुधवार को भारतीय बाजार का हाल
इससे पहले बुधवार को भी भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए थे. सेंसेक्स 142 अंक गिरकर 75,868 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 करीब 7 अंक फिसलकर 23,907 पर बंद हुआ.
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