US-Iran Deal: सीजफायर बढ़ाने और बिना टोल होर्मुज खोलने पर बन सकती है बात, लेकिन अरबों डॉलर के मामले पर संशय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर इसी वीकेंड यूरोप में हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. उन्होंने इस व्यापक समझौते को 'बेहतरीन समझौता' बताया. सबसे मुश्किल और अनसुलझा मुद्दा विदेशों में फ्रीज किए गए ईरान के अरबों डॉलर के फंड का है.

US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच जिस समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं, उसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोलने, 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करने की बात कही गई है. इस बीच, ‘एक्सियोस’ (Axios) ने गुरुवार को मध्यस्थता करने वाले देशों में से एक के राजनयिक और एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि कई विवादित मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं.
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, कतर और पाकिस्तान की संयुक्त मध्यस्थता से होने वाले इस समझौते को ‘इस्लामाबाद समझौता’ कहा जाएगा.
इससे पहले दिन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर इसी वीकेंड यूरोप में हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. उन्होंने इस व्यापक समझौते को ‘बेहतरीन समझौता’ बताया.
युद्धविराम और होर्मुज स्ट्रेट
MOU के तहत, होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी टोल के तुरंत फिर से खोल दिया जाएगा और 30 दिनों के भीतर शिपिंग की मात्रा युद्ध से पहले के स्तर पर वापस आ जाएगी. इसके बदले में अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकेबंदी भी हटा ली जाएगी. इस समझौते से लेबनान सहित अन्य जगहों पर भी युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ा दिया जाएगा और इस दौरान परमाणु वार्ता की जाएगी.
न्यूक्लियर फ्रेमवर्क
ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बनाने और अपने एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को लेकर चल रहे गतिरोध को सुलझाने का वादा करेगा. अमेरिका के एक सीनियर अधिकारी ने Axios को बताया कि एक विकल्प जिस पर विचार किया जा रहा है, वह है UN की देखरेख में ईरान के अंदर ही उसके अत्यधिक एनरिच्ड यूरेनियम को कम एनरिचमेंट वाले यूरेनियम में बदलना. हालांकि, परमाणु कार्यक्रम पर कोई भी ठोस कदम तभी उठाया जाएगा जब एक दूसरा और अधिक विस्तृत समझौता हो. Axios ने इसे एक अनिश्चित संभावना बताया है.
प्रतिबंधों में ढील
शुरुआत में ईरान को प्रतिबंधों से अस्थायी छूट मिलेगी, जिससे वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खुलने के बाद 60 दिनों तक तेल बेच सकेगा. आगे की छूट नियमों के पालन और बाद की बातचीत में ईमानदारी दिखाने पर निर्भर करेगी. मध्यस्थता करने वाले देश के एक राजनयिक ने Axios को बताया, ‘प्रतिबंधों में ढील के लिए कोई तय तारीख नहीं है और यह डील को लागू करने पर निर्भर करेगा.’
अरबों डॉलर का अनसुलझा मामला
सबसे मुश्किल और अनसुलझा मुद्दा विदेशों में फ्रीज किए गए ईरान के अरबों डॉलर के फंड का है. ईरान चाहता है कि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही उसे कुछ पैसे तुरंत मिल जाएं, जबकि अमेरिका चाहता है कि पैसे किश्तों में दिए जाएं और यह भुगतान शर्तों के पालन पर निर्भर हो.
Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन से बाहर के एक अमेरिकी सूत्र ने चिंता जताई कि फ्रीज किए गए फंड का मुद्दा किसी गुप्त साइड एग्रीमेंट के जरिए सुलझाया जा सकता है, हालांकि एक अमेरिकी अधिकारी ने इस संभावना से इनकार किया.
शुरुआती ड्राफ्ट पर सहमति
Axios के अनुसार, कतर के मध्यस्थ अली अल-थावदी और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची के बीच घंटों चली बातचीत के बाद बुधवार रात को समझौते के शुरुआती मसौदे पर सहमति बनी. इस दौरान ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी लगातार फोन पर जुड़े रहे.
मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने Axios को बताया कि गुरुवार शाम तक ईरान की तरफ से उच्च स्तर पर समझौते को मंजूरी मिल गई थी, लेकिन संभवतः सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने इसे मंजूरी नहीं दी थी.
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