ट्रंप टैरिफ से भारत को लगेगा 30 अरब डॉलर का झटका! GDP में गिरावट का खतरा; घरेलू मांग बनेगी सहारा !
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के एक्सपोर्ट पर 25 फीसदी टैरिफ और पेनल्टी लगाने से भारत की अर्थव्यवस्था पर 30 अरब डॉलर तक का असर पड़ सकता है. इससे भारत की GDP ग्रोथ रेट घट सकती है और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है.

US tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से होने वाले एक्सपोर्ट पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला किया है. इसके साथ ही रूस से तेल और सैन्य उपकरण खरीदने को लेकर भारत पर पेनल्टी भी तय की गई है. यह फैसला एक अगस्त की डेडलाइन से ठीक पहले लिया गया. इससे पहले अप्रैल में ट्रंप ने 26 फीसदी टैरिफ की घोषणा की थी. इस टैरिफ और पेनल्टी का भारत की GDP पर गहरा असर पड़ सकता है. अनुमान है कि इससे भारत को 30 अरब डॉलर तक की नुकसान हो सकती है.
GDP में गिरावट का खतरा
रिपोर्ट के मुताबिक, टैरिफ लागू होने के बाद भारत की GDP ग्रोथ रेट गिरकर 6.2 फीसदी तक आ सकती है अब जबकि इसमें पेनल्टी भी जोड़ी गई है, तो इसका असर पहले से ज्यादा गंभीर हो सकता है. अब इसमें कितनी गिरावट होगी इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका कितनी बड़ी सजा लागू करता है. IMF के मुताबिक, अगर अमेरिका 26 फीसदी टैरिफ लगाता है, तो इससे भारत की GDP को लगभग 30 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है, जो 2025 के अंत तक अनुमानित 4.3 ट्रिलियन डॉलर की GDP का करीब 0.7 फीसदी होगा.
भारत का अन्य देशों से ट्रेड
| देश | 2022 | 2023 | 2024 | 2025 Q1 | कुल |
|---|---|---|---|---|---|
| रूस-अमेरिका | 12.8 | 4.57 | 3.01 | 2.09 | 22.47 |
| भारत-रूस | 49.36 | 65.70 | 70 | 15 | 200.06 |
| रूस-चीन | 190 | 240.1 | 244.8 | 60 | 734.9 |
| रूस-ईयू | 257.5 | 100 | 67.5 | 15 | 440.0 |
रुपये पर भी पड़ेगा दबाव
गोल्डमैन सैक्स ने जब 26 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया था , उस वक्त कहा था कि इस स्थिति में रुपये पर नेगेटिव असर पड़ेगा और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी बढ़ सकती है. अंतरराष्ट्रीय ब्रोकिंग फर्म मैक्वायरी का भी कहना है कि 20 फीसदी से ज्यादा के टैरिफ से भारत की GDP पर 50 बेसिस प्वाइंट तक का असर पड़ सकता है.
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घरेलू मांग बनी मजबूती की वजह
भारत की अर्थव्यवस्था घरेलू मांग पर ज्यादा आधारित है और एक्सपोर्ट का योगदान कम है. मॉर्गन स्टैनली ने कहा कि भारत जैसे देश, जिनकी ट्रेड निर्भरता कम है, वे इस तरह के सीधा असर से खुद को बचा सकते हैं. अगर अमेरिका 25 फीसदी टैरिफ के साथ पेनल्टी भी लगाता है, तो यह भारत की जीडीपी अनुमान पर और भी गहरा असर डाल सकता है. इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि जब अमेरिका ने पहली बार टैरिफ लगाए थे, तब उन्होंने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.2 फीसदी कर दिया था.
भारत और अमेरिका ट्रेड
| वित्त वर्ष | भारत से निर्यात | अमेरिका से आयात | कुल व्यापार | व्यापार संतुलन |
|---|---|---|---|---|
| 2022 | 46.9 | 38.7 | 85.6 | 8.2 |
| 2023 | 40.3 | 85.5 | 125.8 | 45.2 |
| 2024 | 41.8 | 87.4 | 129.2 | 45.6 |
| 2025 (Jan–May) | ~8.83 | ~$3.62 | ~12.45 | ~5.2 |
जल्दबाजी से बेहतर है ठोस समझौता
जानकारों का मानना है कि अगर भारत ने जल्दबाजी में एग्रीक्लचर और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में छूट दी होती, तो इससे सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ी समस्या खड़ी हो सकती थी. उन्होंने सुझाव दिया कि अगर सितंबर से अक्टूबर 2025 के बीच एक संतुलित और व्यापक समझौता होता है, तो वह भारत के लिए लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है.