USA भारत पर लगा सकता है 12.5% का अतिरिक्त टैरिफ, सेक्शन 301 के तहत चीन-जापान सहित 60 देशों पर होगा असर

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के अधिकारी नई दिल्ली में तीन दिनों की अहम व्यापार वार्ता कर रहे हैं. दोनों देश एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं. भारत की कोशिश है कि सेक्शन 301 जांच से जुड़े मुद्दों पर राहत मिले और भारतीय उत्पादों पर प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम टैरिफ लगाया जाए

ट्रंप टैरिफ Image Credit: @Money9live

US Proposed New Tariff : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते (BTA) को लेकर बातचीत चल रही है. इसी बीच अमेरिका ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसका असर भारतीय निर्यातकों और कई उद्योगों पर पड़ सकता है. अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने अपनी जांच रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि भारत समेत 60 देशों ने ऐसे सामानों के आयात पर प्रभावी रोक नहीं लगाई है, जो कथित तौर पर जबरन मजदूरी (Forced Labour) के जरिए बनाए जाते हैं. इसके आधार पर अमेरिका ने इन देशों से आने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है.

भारत पर कितना टैरिफ लग सकता है?

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन देशों का अमेरिका के साथ पारस्परिक व्यापार (Reciprocal Trade) समझौता नहीं है, उन पर 12.5 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है. भारत भी फिलहाल इसी श्रेणी में शामिल है. हालांकि, जिन देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात पर रोक लगाने के लिए अमेरिका के साथ समझौता किया है या ऐसे नियम लागू किए हैं, उनके लिए अतिरिक्त टैरिफ की दर 10 फीसदी प्रस्तावित की गई है.

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बीच आया फैसला

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के अधिकारी नई दिल्ली में तीन दिनों की अहम व्यापार वार्ता कर रहे हैं. दोनों देश एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं. भारत की कोशिश है कि सेक्शन 301 जांच से जुड़े मुद्दों पर राहत मिले और भारतीय उत्पादों पर प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम टैरिफ लगाया जाए. अगर बातचीत पॉजिटिव रहती है और दोनों देशों को “निष्पक्ष, संतुलित और न्यायसंगत” शर्तें मिलती हैं, तो समझौते की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है. इसके बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के भारत दौरे की भी संभावना जताई जा रही है.

क्या है Section 301?

Section 301 अमेरिका के ट्रेड एक्ट का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है. इसके तहत अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) किसी भी देश की व्यापार नीतियों, नियमों या व्यवहार की जांच कर सकता है. यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी देश की नीतियां अमेरिकी व्यापार के लिए अनुचित, भेदभावपूर्ण या नुकसानदायक हैं, तो अमेरिका उस देश पर अतिरिक्त टैरिफ, व्यापारिक प्रतिबंध या अन्य कार्रवाई कर सकता है.

भारत पर क्या हो सकता है असर?

अगर प्रस्तावित टैरिफ लागू होता है, तो भारत से अमेरिका जाने वाले कई उत्पाद महंगे हो सकते हैं. इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है. खासकर टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, केमिकल्स और अन्य निर्यात आधारित उद्योगों पर इसका असर देखने को मिल सकता है. फिलहाल यह केवल प्रस्ताव है. अंतिम फैसला अमेरिका द्वारा आगे की प्रक्रिया और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के नतीजों पर निर्भर करेगा.