कुवैत में हमले के बाद कच्चे तेल में फिर उछाल, 11 दिनों की गिरावट पर लगा ब्रेक, ब्रेंट $96 प्रति बैरल के पार
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर फिर से दिखने लगा है. कुवैत पर हमले और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी लौट आई है. लगातार 11 दिनों की गिरावट के बाद क्रूड और ब्रेंट दोनों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
Crude Oil Price Today : कुवैत में हालिया हमले के बाद पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी लौट आई है. लगातार 11 दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को क्रूड ऑयल और ब्रेंट क्रूड दोनों में मजबूती दर्ज की गई. निवेशकों को आशंका है कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है, जिससे कीमतों को समर्थन मिला है.
18 मई को कच्चा तेल $111 प्रति बैरल था जो 29 मई को घटकर 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच सोमवार को कुवैत भी हमलों की चपेट में आ गया. साथ ही इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच भी तनाव घटने का नाम नहीं ले रहा है. इन दोनों घटनाक्रम के बीच तेल की कीमतों में फिर एक बार आग लगने लगी है.
क्रूड और ब्रेंट दोनों में तेजी
ताजा कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, क्रूड ऑयल का भाव 0.69 डॉलर बढ़कर 94.450 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं ब्रेंट क्रूड 0.713 डॉलर की बढ़त के साथ 96.713 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा. दोनों प्रमुख बेंचमार्क में करीब 0.74 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जिससे पिछले 11 दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया.
तेल की कीमतों में तेजी की क्या है वजह?
ईरान समर्थित लेबनानी संगठन हिज्बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजरायली टैंकों और सैनिकों पर कई हमले करने का दावा किया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इजरायल और हिज्बुल्लाह दोनों हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं. वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच सोमवार को कुवैत भी हमलों की चपेट में आ गया.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया, जबकि इससे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के दो कमांड और कंट्रोल केंद्रों पर हमला करने की जानकारी दी थी. इन घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है और वैश्विक बाजारों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है.
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से बाजार में बढ़ी चिंता
कुवैत में हुए हालिया हमले ने एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताओं को बढ़ा दिया है. पश्चिम एशिया दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है और यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर तेल बाजार पर पड़ता है. हमले के बाद संभावित आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के चलते कीमतों में उछाल देखने को मिला.
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