Vi को मिली AGR छूट से Airtel का भी रास्ता साफ? क्या सरकार है तैयार
केंद्रीय बजट से ठीक पहले AGR यानी Adjusted Gross Revenue का मामला एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में Vodafone Idea को AGR बकाया को लेकर कुछ राहत मिलने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या इसी तरह का रास्ता Airtel और अन्य टेलीकॉम कंपनियों के लिए भी खुलेगा. टेलीकॉम सेक्टर पहले ही भारी कर्ज, प्रतिस्पर्धा और सीमित रेवेन्यू ग्रोथ से जूझ रहा है, ऐसे में AGR देनदारियों ने कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव बना रखा है. टेलीकॉम मंत्री Jyotiraditya Scindia के हालिया बयान से यह संकेत जरूर मिला है कि सरकार सेक्टर की चुनौतियों को समझती है, लेकिन साथ ही यह भी साफ है कि AGR पर किसी भी तरह की छूट देना सरकार के लिए आसान फैसला नहीं होगा.
सरकार को एक तरफ राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना है, तो दूसरी ओर टेलीकॉम सेक्टर की स्थिरता भी सुनिश्चित करनी है. AGR दरअसल टेलीकॉम कंपनियों की कमाई का वह आधार है, जिस पर सरकार को लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम शुल्क मिलता है. इसी परिभाषा को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा है, जिसे Supreme Court के फैसलों ने और जटिल बना दिया.
