19 की उम्र में स्टार्टअप, 28 में अरबपति; कौन हैं अलेक्जेंडर वांग जिनकी AI की दुनिया में हर तरफ है चर्चा ?

एलेक्जेंडर वांग महज 28 साल की उम्र में एआई दुनिया के प्रमुख चेहरों में शामिल हो चुके हैं. 19 साल में Scale AI की शुरुआत से लेकर अरबों डॉलर की कंपनी खड़ी करने तक उनका सफर तेज रहा. Meta में नेतृत्व संभालते हुए वांग ने एआई के लिए नीतियों, ऊर्जा, डेटा और प्रतिभा को अहम बताया, साथ ही युवाओं को एआई टूल्स सीखने की सलाह दी.

अलेक्जेंडर वांग Image Credit: social media

नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे AI इम्पैक्ट समिट के मंच पर दुनिया की दिग्गज टेक हस्तियों के साथ एक 28 साल के युवा उद्यमी भी केंद्र में हैं. उनका नाम अलेक्जेंडर वांग (Alexandr Wang) हैं. ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन, गूगल के CEO सुंदर पिचाई और दूसरे वैश्विक दिग्गजों के बीच वांग की मौजूदगी ने खास ध्यान खींचा है. वे समिट में मेटा के मुख्य एआई अधिकारी के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि इतनी कम उम्र में वैश्विक एआई जगत के केंद्र में पहुंचा यह शख्स आखिर है कौन?

कौन हैं Alexandr Wang और कितना है नेटवर्थ?

Alexandr Wang एक अमेरिकी टेक उद्यमी हैं, जिन्होंने महज 19 साल की उम्र में अपनी कंपनी Scale AI की स्थापना की. यह कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए डेटा लेबलिंग का काम करती है. आसान शब्दों में समझें तो एआई को सही जवाब देने के लिए उसे पहले सही उदाहरणों से सिखाना पड़ता है. यही “सिखाने” का काम Scale AI करती है. इसके ग्राहक NVIDIA, Amazon और Meta जैसी बड़ी टेक कंपनियां हैं.

FORBES की रिपोर्ट के मुताबिक Alexandr Wang की नेटवर्थ 3.2 बिलियन डॉलर है. यानी 90 रुपये के भारतीय रुपये से तुलना की जाए तो यह ₹28,800 करोड़ रुपये होती है.

चीन से हैं ताल्लुक

वांग का जन्म 1997 में न्यू मैक्सिको में हुआ. उनके माता-पिता चीनी मूल के फिजिसिस्ट थे. बचपन से ही वे गणित और विज्ञान में बेहद तेज थे. 17 साल की उम्र में ही उन्होंने सिलिकॉन वैली में इंजीनियर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया था. वे MIT में पढ़ने भी गए, लेकिन एक साल बाद पढ़ाई छोड़कर स्टार्टअप की दुनिया में उतर गए.

ऐसे बने मेटा के चीफ एआई ऑफिसर

साल 2025 में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब Meta प्लेटफॉर्म्स ने Scale AI में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए लगभग 14.3 बिलियन डॉलर का निवेश किया. इस सौदे के बाद कंपनी की वैल्यू 29 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई. इसी के साथ वांग ने Scale AI के सीईओ पद से हटकर Meta में चीफ एआई ऑफिसर की भूमिका संभाली. फिलहाल वे कंपनी की सुपर एंटेलेक्चुअल लैब की लीडरशिप कर रहे हैं, जहां अगली पीढ़ी की एआई तकनीकों पर काम हो रहा है.

भारत के एआई समिट में उन्होंने क्या कहा ?

समिट के मंच से Alexandr Wang ने कहा कि एआई की असली ताकत सिर्फ तकनीक से नहीं आएगी. इसके लिए चार चीजें जरूरी हैं—सही नीतियां, पर्याप्त ऊर्जा, विशाल डेटा और कंप्यूटिंग पावर, तथा बेहतरीन प्रतिभा. उनका मानना है कि सरकार और निजी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा, तभी एआई का लाभ समाज तक पहुंचेगा. सबसे दिलचस्प बात उनकी युवाओं को दी गई सलाह रही.

एआई कोडिंग टूल्स सीखने की दी सलाह

सम्मिट में वांग ने कहा कि आने वाले पांच सालों में एआई इतना सक्षम हो जाएगा कि वह “लगभग पूरा कोड खुद लिख सकेगा.” इसलिए वे किशोरों और छात्रों से कहते हैं कि वे अपना ज्यादा से ज्यादा समय एआई कोडिंग टूल्स सीखने में लगाएं. उनके मुताबिक, जो आज एआई के साथ काम करना सीख लेगा, वही कल की डिजिटल अर्थव्यवस्था में आगे रहेगा.

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