तेल की कीमतों में फिर तेजी, 103 डॉलर के पार ब्रेंट क्रूड, गैसोलीन भी महंगा, जानें क्यों भागे दाम

पश्चिम एशिया तनाव के बीच WTI क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने से ग्लोबल तेल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार किया जबकि व्हाइट हाउस ने शांति प्रयास जारी रहने की बात कही है. इस टकराव के चलते बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है.

WTI क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. Image Credit: @AI/Money9live/chatGpt

WTI crude oil price: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है. गुरुवार को WTI क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया. यह बढ़त अमेरिका और ईरान के बीच जारी विरोधाभासी बयानों के बीच आई है. जहां एक तरफ शांति वार्ता की बात हो रही है वहीं दूसरी तरफ तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर गहरा असर पड़ा है. इसका सीधा प्रभाव तेल सप्लाई और कीमतों पर देखने को मिल रहा है.

तेल कीमतों में क्यों आई तेजी

WTI क्रूड फ्यूचर्स 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. पिछले सत्र की गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी देखी गई. निवेशकों को उम्मीद थी कि तनाव कम होगा लेकिन हालात अभी भी अनिश्चित बने हुए हैं. इस वजह से बाजार में उतार चढ़ाव जारी है. ग्लोबल सप्लाई पर दबाव बढ़ने से कीमतों में तेजी बनी हुई है.

क्या है कीमत

कमोडिटी बाजार में आज तेजी का रुख देखने को मिला है. कच्चा तेल 91.535 डॉलर पर पहुंच गया है जिसमें 1.35 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. ब्रेंट क्रूड भी 103.343 डॉलर पर 1.10 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है. वहीं नेचुरल गैल में हल्की बढ़त के साथ यह 2.9569 पर पहुंची है. पेट्रोल यानी गैसोलीन की कीमत भी 0.74 फीसदी बढ़कर 3.0346 हो गई है.

कमोडिटीवर्तमान मूल्यबदलाव (Chg)प्रतिशत बदलाव (%Chg)
कच्चा तेल91.535+1.2151.35%
ब्रेंट103.343+1.1231.10%
प्राकृतिक गैस2.9569+0.00490.17%
पेट्रोल (गैसोलीन)3.0346+0.02220.74%

अमेरिका और ईरान के बयान में टकराव

ईरान ने साफ कहा है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत करने के मूड में नहीं है. उसने प्रस्तावित युद्धविराम को भी खारिज कर दिया है. दूसरी तरफ व्हाइट हाउस का कहना है कि शांति के प्रयास जारी हैं. खबर है कि अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए 15 बिंदुओं का प्रस्ताव ईरान को भेजा है. इस विरोधाभास से बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है.