Gold and Silver Rate Today: चांदी रिकॉर्ड हाई से ₹1.85 लाख आई नीचे, क्‍या खरीदारी का सही मौका, जानें सोने का क्‍या है हाल

चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 1.85 लाख रुपये यानी 44% गिर चुकी है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है. वैश्विक कारणों जैसे मजबूत डॉलर, महंगाई और ऊंची ब्याज दरों के चलते कीमतों पर दबाव बना हुआ है. हालांकि हालिया तेजी से रिकवरी के संकेत मिले हैं, लेकिन निवेशक सतर्क हैं.

सिल्वर Image Credit: canva

Gold and Silver Rate Today: पश्चिम एशिया में बढ़ रहे तनाव ने कीमती धातुओं की डिमांड बढ़ाई. मगर वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के चलते सोना-चांदी लुढ़ गए हैं. हालांकि जंग खत्‍म होने की उम्‍मीद के चलते 25 मार्च को MCX पर सोना-चांदी दोनों में जबरदस्‍त तेजी देखने को मिली थी. सोना जहां ₹5,500 तो चांदी ₹12,000 से ज्यादा चढ़ गई थी. दिन के आखिरी में भी ये बढ़त के साथ बंद हुई. मगर चांदी अभी भी दबाव में है.यही वजह है कि ये अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 1.85 लाख रुपये नीचे आ चुकी है.

जनवरी में बनाया था रिकॉर्ड

भारत में चांदी की कीमतों ने जनवरी 2026 में 4,20,048 रुपये का जबरदस्‍त रिकॉर्ड बनाया था. मगर अपने हाई को छूने के बाद अब इसकी कीमतें करीब 2,34,700 रुपये तक आ गई हैं. चांदी करीब 1.85 लाख रुपये सस्‍ती हो गई है, यानी ये करीब 44 प्रतिशत टूट चुकी है. ऐसे में निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह खरीदारी का मौका है या अभी और गिरावट बाकी है.

क्यों टूटी चांदी की कीमत?

  • चांदी की इस गिरावट के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर काम कर रहे हैं.
  • मजबूत होता अमेरिकी डॉलर
  • कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
  • लगातार बनी हुई महंगाई
  • अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की उम्मीद
  • विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई और वैश्विक तनाव, खासकर US-ईरान टकराव, बाजार को अस्थिर बनाए हुए हैं.
  • ऐसे में फेडरल रिजर्व जल्दी दरें कम नहीं करेगा, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है.

रिकवरी के कितने संकेत?

चांदी भले ही अपने ऑल टाइम हाई से काफी ज्‍यादा गिर गया है. लेकिन इसमें थोड़ी रिकवरी के संकेत भी दिखे हैं. पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद और निवेशकों के बेहतर सेंटिमेंट से कीमतों को हल्का सपोर्ट मिला है. हालांकि चांदी इस समय हाई वोलैटिलिटी फेज में है. ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार के ट्रेंड और ग्लोबल संकेतों पर नजर बनाए रखें. चूंकि चांदी का नेचर सोने से अलग होता है. सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, वहीं चांदी इंडस्ट्रियल डिमांड पर ज्यादा निर्भर करती है. इसी वजह से तेजी के समय यह तेजी से बढ़ती है, लेकिन कमजोरी आने पर उतनी ही तेजी से गिरती भी है.

यह भी पढ़ें: ना दमानी ना झुनझुनवाला ये हैं मार्केट के साइलेंट ‘वॉरेन बफेट’, इन 2 स्‍टॉक्‍स पर दांव, अभी 52 वीक हाई से 23% तक नीचे; क्‍या बनेगा पारस पत्‍थर

सोने के रेट

MCX पर सोना 25 मार्च को जमकर उछला. ये 4 फीसदी यानी 5,500 रुपये से ज्यादा बढ़कर 1,44,400 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था. ये 5,188 रुपये की बढ़त के साथ 144,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. रिटेल की बात करें तो बुलियन वेबसाइट के मुताबिक सोना कल शुरुआती कारोबार में 5510 रुपये चढ़कर 144,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया था.