₹300 से ₹26,000 तक के इन 5 स्टॉक्स को देखा? बढ़ रहा रेवेन्यू, P/E दमदार, कमाई भी मजबूत, लेकिन 52 वीक लो के करीब
बाजार की गिरावट में कई मजबूत कंपनियों के शेयर अपने निचले स्तर के करीब पहुंच गए हैं. दिलचस्प बात यह है कि इन कंपनियों की कमाई और बिजनेस अब भी मजबूत हैं. ऐसे में सवाल उठता है, क्या यह गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा मौका बन सकती है?
बाजार में हालिया गिरावट ने कई मजबूत कंपनियों के शेयरों को नीचे खींच दिया है. दिलचस्प बात यह है कि कुछ स्टॉक्स ऐसे हैं जिनका PE Ratio पहले भी ठीक था और अब भी वैल्यूएशन के लिहाज से आकर्षक दिख रहा है, जबकि उनके फंडामेंटल कमजोर नहीं हुए हैं. यानी, कीमत गिरी है पर बिजनेस अभी भी मजबूत है.
क्या कहता है PE Ratio?
कंपनियों की लिस्ट से पहले ये समझते हैं कि पीई रेशियो क्या होता है. PE Ratio यानी Price to Earnings Ratio यह बताता है कि निवेशक किसी कंपनी की ₹1 की कमाई के लिए कितना पैसा देने को तैयार है.
अगर कोई शेयर 200 रुपये का है और कंपनी 10 रुपये प्रति शेयर कमा रही है, तो उसका PE 20 होगा. इसका मतलब है कि निवेशक उस कमाई के मुकाबले 20 गुना कीमत दे रहे हैं. लोग प्रीमियम कीमत इस लिए देने को तैयार हैं क्योंकि उन्हें ये विश्वास है कि आने वाले वक्त में कंपनी उन्हें अच्छा मुनाफा दे सकती है.
हालांकि प्रीमियम प्राइस देने के साथ ये रिस्क रहता है कि भविष्य में निवेशकों के उम्मीद के हिसाब से कंपनी के शेयर नहीं बढ़े तो ये स्टॉक घाटे का सौदा साबित हो सकता है.
आम तौर पर:
- 10 से 20 का PE → उचित या सस्ता माना जाता है
- 20 से 30 → ग्रोथ स्टॉक
- 30 से ऊपर → प्रीमियम, लेकिन जोखिम भी ज्यादा
KEC International Share Price
KEC International पावर ट्रांसमिशन और इंफ्रा सेक्टर की बड़ी कंपनी है. कंपनी का ऑर्डर बुक मजबूत है और प्रॉफिट ग्रोथ भी अच्छी रही है. केईसी इंटरनेशनल ने 30 जनवरी 2026 को घोषित Q3 FY26 के नतीजों में अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया है. कंपनी ने 12% से ज्यादा रेवेन्यू ग्रोथ और मजबूत ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर्स के दम पर 32% तक का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया है. हालांकि इसके बावजूद शेयर की कीमत अपने 52-वीक लो के करीब पहुंच गई है. कंपनी का PE Ratio 21.50 है.

Abbott India Share Price
Abbott India फार्मा सेक्टर की मजबूत और भरोसेमंद कंपनी मानी जाती है. इसकी ब्रांड वैल्यू और मार्जिन दोनों मजबूत हैं. एबॉट इंडिया के Q3 FY26 के नतीजे 12 फरवरी, 2026 को घोषित किए गए, जिसमें कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) 4.2% बढ़कर 376 करोड़ रुपये हो गया. ऑपरेशनल रेवेन्यू 6.8% बढ़ा. Abbott India का PE 36.80 है, जो ऊंचा माना जाता है. हालांकि फार्मा सेक्टर में ऐसी कंपनियां अक्सर प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड करती हैं.

HDFC Bank Share Price
HDFC Bank देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है, जिसकी ताकत उसका लोन बुक, कम NPA और स्थिर ग्रोथ है. बैंक का बिजनेस लगातार बढ़ रहा है और इसकी बैलेंस शीट मजबूत मानी जाती है. हालांकि एक हालिया इस्तीफे की वजह से कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है.
HDFC बैंक ने दिसंबर 2025 में समाप्त तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ 11.5% वर्ष-दर-वर्ष (YoY) बढ़कर ₹18,654 करोड़ रहा. मजबूत लोन ग्रोथ और 6.4% की NII ग्रोथ के साथ, बैंक ने ₹32,600 करोड़ से अधिक की नेट इंटरेस्ट इनकम दर्ज की. एसेट क्वालिटी भी 1.24% ग्रॉस NPA के साथ स्थिर रही. कंपनी का PE Ratio15.24 है.

Indian Hotel Share Price
Indian Hotels (Taj ग्रुप) होटल इंडस्ट्री की बड़ी कंपनी है और ट्रैवल-टूरिज्म बूम का फायदा उठा रही है. कंपनी के बिजनेस में तेजी देखने को मिल रही है. होटल सेक्टर में डिमांड बढ़ने से कंपनी की आय और मुनाफा दोनों में सुधार हुआ है. हालिया तिमाही में कंपनी ने मजबूत प्रॉफिट दर्ज किया है.
कंपनी का शुद्ध लाभ एक साल पहले के ₹635.2 करोड़ से 50.2% बढ़कर ₹954.2 करोड़ हो गया. रेवेन्यू में 12 फीसदी की उछाल देखने को मिली है. कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 50.2 फीसदी की जोरदार वृद्धि के साथ ₹954.2 करोड़ तक पहुंच गया. फिर भी शेयर अपने लो के आसपास बना हुआ है, जो इसे निवेशकों की रडार पर ला रहा है. कंपनी का PE रेशियो 40.59 है.

ITC Share Price
ITC का PE सिर्फ 10.48 है, जो इसे इस सूची में सबसे सस्ता बनाता है. कंपनी का FMCG और सिगरेट बिजनेस लगातार मजबूत कैश फ्लो देता है. हाल के नतीजों में होटल बिजनेस से भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है, जहां मुनाफे में तेज उछाल आया.
आईटीसी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में ₹ 5,018 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया , जो पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा अधिक है. रेवेन्यू में वार्षिक आधार पर 6.7% की बढ़त हुई और यह ₹ 21,706 करोड़ तक पहुंच गया. मजबूत एफएमसीजी ग्रोछ और डिजिटल-फर्स्ट पोर्टफोलियो के कारण कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा, हालांकि तिमाही आधार पर लाभ में गिरावट आई.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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