Aeroplane Rice के IPO ने उड़ान से पहले ही लगाया गोता, 5 दिन में 42% टूटा, निवेशकों की निकाल दी हवा!

Aeroplane Rice के नाम से मशहूर Amir Chand Jagdish Kumar Exports का IPO लिस्टिंग के बाद से लगातार गिरावट में है. महज 5 कारोबारी दिनों में शेयर अपने इश्यू प्राइस से करीब 42 फीसदी तक टूट चुका है और लगातार लोअर सर्किट में फंसा हुआ है. मजबूत सब्सक्रिप्शन के बावजूद कमजोर लिस्टिंग ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है. कंपनी के बिजनेस में ग्लोबल जोखिम और करेंसी उतार-चढ़ाव भी चिंता बढ़ा रहे हैं.

अमीर चंद जगदीश कुमार शेयर Image Credit: AI/canva

Amir Chand Jagdish Kumar (Exports) IPO: शेयर मार्केट में हाल ही में लिस्ट हुआ अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स लिमिटेड का IPO निवेशकों के लिए निराशाजनक साबित हो रहा है. “Aeroplane Rice” ब्रांड के लिए मशहूर इस कंपनी का शेयर लिस्टिंग के बाद से लगातार गिरावट में है और महज 5 कारोबारी दिनों में अपने इश्यू प्राइस से करीब 42 फीसदी तक टूट चुका है. मजबूत सब्सक्रिप्शन के बावजूद बाजार में इसकी शुरुआत कमजोर रही, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाता दिख रहा है. लगातार लग रहे लोअर सर्किट ने इस IPO को चर्चा का विषय बना दिया है.

लिस्टिंग से ही शुरू हुई गिरावट

कंपनी का शेयर 2 अप्रैल को बाजार में लिस्ट हुआ था, लेकिन यह 212 रुपये के इश्यू प्राइस से नीचे ही खुला. पहले दिन ही स्टॉक 15 फीसदी गिरकर लोअर सर्किट में पहुंच गया, जिसके चलते ट्रेडिंग रोकनी पड़ी. इसके बाद लगातार तीन दिनों तक 10 फीसदी का लोअर सर्किट लगा रहा. गुरुवार को भी शेयर 5 फीसदी तक गिरा, जिससे कुल गिरावट 42 फीसदी तक पहुंच गई.

सब्सक्रिप्शन मजबूत, फिर भी क्यों टूटा शेयर?

440 करोड़ रुपये का यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू था और कुल 3.23 गुना सब्सक्राइब हुआ. नॉन-इंस्टिट्यूशनल निवेशकों ने 13.35 गुना तक बोली लगाई, जबकि रिटेल और संस्थागत निवेशकों का हिस्सा मुश्किल से पूरा हुआ. इसके बावजूद कमजोर लिस्टिंग से साफ है कि केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़े ही शेयर के प्रदर्शन की गारंटी नहीं होते.

ग्लोबल जोखिम बना बड़ी चिंता

DRHP के मुताबिक 2025 के पहले 9 महीनों में कंपनी की आय का लगभग 22 फीसदी हिस्सा पश्चिम एशिया से आया था, जहां इस समय तनाव बना हुआ है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष का असर व्यापार पर पड़ रहा है. इसके अलावा रुपये और डॉलर के बीच उतार-चढ़ाव भी कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकता है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है.

भारी बिकवाली और कमजोर सेंटीमेंट

लिस्टिंग के दिन करीब 1.75 करोड़ शेयरों में कारोबार हुआ, जबकि बाद के दिनों में भी बड़ी मात्रा में बिकवाली देखने को मिली. बुधवार को ही लगभग 62 लाख शेयरों का ट्रेड हुआ. यह संकेत देता है कि निवेशक तेजी से स्टॉक से बाहर निकल रहे हैं और बाजार में भरोसा कमजोर हो गया है.

कैसा है शेयर का हाल

गुरुवार को कंपनी का शेयर 5 फीसदी गिरकर 124.66 रुपये पर पहुंच गया है. बुधवार को कंपनी का शेयर 131.22 रुपये पर बंद हुआ था. कंपनी का शेयर अपने लिस्टिंग प्राइस से अब तक 37.67 फीसदी टूट चुका है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.