Jio IPO पर बड़ा अपडेट! $4 अरब की लिस्टिंग के लिए जल्द दाखिल हो सकते हैं ड्राफ्ट पेपर्स, AGM पर नजर
रिलायंस जियो अगले कुछ दिनों में 4 अरब डॉलर के IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर सकती है. 19 जून को होने वाली AGM से पहले मुकेश अंबानी के बड़े ऐलान पर निवेशकों और बाजार की नजरें टिकी हैं.

Jio IPO Update: भारतीय आईपीओ मार्केट में बड़ी कंपनी एंट्री लेने वाली है. देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम (Reliance Jio) अपने 4 अरब डॉलर (लगभग ₹38,000 करोड़) के आईपीओ के लिए अगले कुछ ही दिनों में DRHP दाखिल कर सकती है.
‘द फाइनेंशियल टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की शुक्रवार, 19 जून 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) से ठीक पहले उठाया जा सकता है. इस खबर के बाद से ही बाजार के जानकारों और निवेशकों के बीच हलचल तेज हो गई है.
मुकेश अंबानी के ऐलान से पहले आ सकती है बड़ी खबर
अमूमन रिलायंस अपनी एजीएम में बड़े ऐलान के लिए जानी जाती है. पिछले साल अगस्त में मुकेश अंबानी ने संकेत दिए थे कि जियो का आईपीओ 2026 की पहली छमाही (H1) में आ जाएगा. हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों के कारण इस समयसीमा में थोड़ा बदलाव जरूर हुआ, लेकिन अब माना जा रहा है कि एजीएम में शेयरधारकों को संबोधित करने से पहले ही कंपनी कागजी कार्रवाई शुरू कर देगी. हालांकि, रिलायंस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
युद्ध और बाजार की सुस्ती ने बिगाड़ा खेल
अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसकी वजह से इस मेगा आईपीओ में थोड़ी देरी हुई. युद्ध के असर से रिलायंस भी अछूती नहीं रही. साल 2026 में रिलायंस के शेयरों में अब तक 15% की गिरावट आ चुकी है, और जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) भी सालाना आधार पर 13% घटा है. मध्य पूर्व के तनाव ने रिलायंस के रिफाइनिंग बिजनेस को काफी प्रभावित किया है.
इस साल भारत में करीब 20 अरब डॉलर के आईपीओ आने की उम्मीद थी, लेकिन वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फोनपे (PhonePe) समेत कई बड़ी कंपनियों ने बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए अपने कदम पीछे खींच लिए. प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल आईपीओ मार्केट पिछले साल के मुकाबले 39% गिरकर 2.1 अरब डॉलर पर सिमट गया है.
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अमेरिका-ईरान शांति समझौते से जगी नई उम्मीद
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट के एमडी नीलेश शाह के मुताबिक, कंपनियां अभी भी साल 2024 जैसी ऊंची वैल्यूएशन की उम्मीद कर रही हैं, जबकि निवेशकों और प्रमोटर्स के बीच वैल्यूएशन को लेकर थोड़ा मतभेद है.
हालांकि, अब उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच जिस अंतरिम शांति समझौते का ऐलान किया गया है, उस पर भी शुक्रवार, 19 जून को हस्ताक्षर होने हैं. इस समझौते के बाद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोल दिया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बाजार की अनिश्चितता कम होगी और साल की दूसरी छमाही में जियो के साथ-साथ पूरा आईपीओ बाजार एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा.