देश की दिग्गज सिक्योरिटी कंपनी ने टाला अपने कैश लॉजिस्टिक्स बिजनेस का IPO, जानिए क्या है बड़ी वजह?
देश की प्रमुख सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी SIS ने अपने कैश लॉजिस्टिक्स बिजनेस के IPO को फिलहाल टाल दिया है. कंपनी का कहना है कि IPO योजना रद्द नहीं हुई है और बाजार की स्थिति अनुकूल होते ही इसे लॉन्च किया जाएगा.
सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट सेवाएं देने वाली देश की दिग्गज कंपनी एसआईएस (SIS) ने अपने कैश लॉजिस्टिक्स बिजनेस के IPO को फिलहाल के लिए टाल दिया है. हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि इस योजना को ‘बंद नहीं बल्कि सिर्फ स्थगित’ किया गया है. कंपनी का कहना है कि जैसे ही बाजार के हालात सुधरेंगे और अनुकूल होंगे, वह इस आईपीओ को लेकर आगे बढ़ेगी.
SIS ने अपनी ताजा वार्षिक रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि “आईपीओ को लेकर हमारा इरादा बिल्कुल नहीं बदला है.” कंपनी ‘एसआईएस कैश सर्विसेज’ (पूर्व में एसआईएस-प्रोसेगुर) के लिए पहले ही ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) जमा कर चुकी है और इसके लिए रेगुलेटरी प्रक्रिया भी काफी उन्नत चरण में है.
सही वैल्यू दिलाने के लिए लिया फैसला
एसआईएस ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर ऋतुराज सिन्हा ने पीटीआई से हुई बातचीत में कहा, “हम इस आईपीओ के साथ तभी आगे बढ़ेंगे जब बाजार की स्थितियां हमारे शेयरधारकों को वह सही रिटर्न और वैल्यू दिलाने में मददगार होंगी जिसके वे हकदार हैं.” ऋतुराज सिन्हा के मुताबिक, इस अलग लिस्टिंग से कैश लॉजिस्टिक्स बिजनेस की स्वतंत्र मार्केट वैल्यू सामने आएगी, जो फिलहाल एसआईएस के शेयरों की कीमत में पूरी तरह नहीं झलक पाती है.
क्या है इस आईपीओ का पूरा गणित?
एसआईएस कैश सर्विसेज दरअसल स्पेन की कैश मैनेजमेंट कंपनी ‘प्रोसेगुर’ (Prosegur) के साथ एक जॉइंट वेंचर है, जिसमें एसआईएस ग्रुप की 49 फीसदी हिस्सेदारी है. कंपनी ने मार्च 2026 में बाजार नियामक सेबी के पास इसके लिए DRHP दाखिल किया था. इस शुरुआती शेयर बिक्री के तहत ₹100 करोड़ के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाने हैं, साथ ही मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 37.15 लाख शेयरों की बिक्री ‘ऑफर-फॉर-सेल’ (OFS) के जरिए की जाएगी.
हाल ही में अप्रैल में, सेबी ने भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सुस्त भागीदारी के कारण इस आईपीओ की वैधता अवधि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 तक कर दिया था.
यह भी पढ़ें: “खत्म हो जाएगा भारत का IT सेक्टर!” OpenAI पर दांव लगाने वाले अरबपति निवेशक ने क्यों दी ये चेतावनी?
मैनपावर से ‘टेक्नोलॉजी’ की तरफ बढ़ती कंपनी
वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है और इसका रेवेन्यू 21 प्रतिशत बढ़कर ₹16,030 करोड़ पर पहुंच गया है. कंपनी को उम्मीद है कि चालू वर्ष में भी यह रफ्तार बनी रहेगी.
अपने ‘विजन 2030’ रोडमैप के तहत, एसआईएस खुद को केवल मैनपावर आधारित कंपनी से बदलकर एक टेक-बेस्ड सॉल्यूशंस कंपनी बनाने की तैयारी में है. इसके लिए कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सर्विलांस, इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर्स और डिजिटल सर्विस डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स जैसी तकनीकों पर बड़ा दांव लगा रही है.
Latest Stories
Indian Gas Exchange लाएगी IPO, SEBI के पास जमा किया DRHP, जानें निवेशकों के लिए क्या है खास
22 जुलाई से खुलेगा Cube Highways Trust का ₹5,000 करोड़ InvIT इश्यू, ₹151-152 प्राइस बैंड तय, जानें पूरी डिटेल
Alpine Texworld IPO: दूसरे दिन कैसा है निवेशकों का रिस्पॉन्स? GMP दे रहा 9.52% गेन का संकेत
